देशभर: देखिए, जैसे ही आसमान से पहली बारिश की बूंदें टपकती हैं, दिल को अलग ही सुकून मिलता है। तपती गर्मी से राहत और मिट्टी की वो सौंधी खुशबू, आह! ऐसा लगता है कि अब तो जिंदगी में सब कुछ सही होने वाला है। लेकिन, क्या कभी सोचा है कि ये सुहाना मौसम अपने साथ सेहत के लिए कुछ अनजाने चैलेंज भी लेकर आता है?
मानसून सिर्फ बारिश और हरियाली नहीं लाता, बल्कि नमी और सीलन भी लाता है। और जहां नमी होती है, वहां बैक्टीरिया और फंगस को पनपने का पूरा मौका मिल जाता है।
इसका सीधा असर हमारे पेट और इम्यून सिस्टम पर पड़ता है। आयुर्वेद के जानकार तो सदियों से कहते आ रहे हैं कि बारिश के दिनों में हमारी पाचन शक्ति थोड़ी ढीली पड़ जाती है।
ऐसे में सवाल उठता है, आखिर इस मौसम में खाएं क्या और क्या न खाएं? खासकर सब्जियों के मामले में तो थोड़ी ज्यादा ही सावधानी बरतनी पड़ती है।
सही सब्जियों का चुनाव और उन्हें अच्छी तरह साफ करके पकाना ही इस मौसम में स्वस्थ रहने का सबसे बड़ा मंत्र है। वरना जरा सी लापरवाही आपको पेट की बीमारियों से लेकर इंफेक्शन तक का शिकार बना सकती है।
तो आइए जानते हैं, किन सब्जियों से फिलहाल दूरी बनाना समझदारी है और कौन सी आपके पेट को राहत पहुंचाएंगी।
पालक को फिलहाल क्यों कहें अलविदा?
आपने सोचा होगा कि हरी सब्जियां तो हमेशा ही अच्छी होती हैं, लेकिन मानसून के मामले में ये बात थोड़ी बदल जाती है। डॉ.
नितिका कोहली जैसी हेल्थ एक्सपर्ट्स की राय है कि बारिश के मौसम में पालक खाने से पेट से जुड़ी समस्याओं और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। दरअसल, बारिश के पानी में उगने वाले पालक में गंदगी और छोटे-छोटे कीटाणु आसानी से चिपक जाते हैं, जिन्हें धोना भी कई बार मुश्किल हो जाता है।
इसलिए, पालक का सूप, स्मूदी या पालक पनीर, फिलहाल कुछ दिनों के लिए टालना ही बेहतर हो सकता है।
पत्तागोभी में क्या सच में छिपे हो सकते हैं मेहमान?
पत्तागोभी खाने का मन है? तो एक बार फिर सोच लीजिए। पत्तागोभी की परतों में बारिश के दौरान कीड़े या सूक्ष्म जीव छिपे होने की संभावना बढ़ जाती है।
इन्हें पूरी तरह से निकालना मुश्किल होता है। आयुर्वेद इसे भारी और ठंडी तासीर वाली सब्जी मानता है, जो इस मौसम में हमारी कमजोर पाचन शक्ति को और भी मुश्किल में डाल सकती है।
इसका मतलब है, पेट फूलना, गैस बनना और अपच जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।







































