नई दिल्ली: अगर आप गर्मी से बेहाल हैं और बारिश का इंतजार कर रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर भी है और थोड़ी चेतावनी भी! भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 जुलाई के लिए देश भर के मौसम का पूरा 'लेखा-जोखा' जारी कर दिया है. और इस बुलेटिन में कई राज्यों के लिए भारी बारिश से लेकर आंधी-तूफान तक की चेतावनी दी गई है. तो, अगर आप कहीं यात्रा की प्लानिंग कर रहे हैं या घर से बाहर निकलने वाले हैं, तो ये खबर आपके काम की हो सकती है.
दरअसल, इस समय मौसम का 'मिजाज' थोड़ा बदला-बदला सा है. IMD के इवनिंग वेदर बुलेटिन की मानें तो, मध्य उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्सों पर एक कम दबाव का क्षेत्र (Low-pressure area) बना हुआ है.
ये वही 'सिस्टम' है जो आजकल अपने साथ अच्छी खासी बारिश लेकर आता है. इस कम दबाव के क्षेत्र से जुड़ा हुआ एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic circulation) भी है, जो समुद्र तल से 9.5 किलोमीटर ऊपर तक फैल चुका है.
ये दोनों मिलकर मौसम में बड़ा 'चेंज' ला रहे हैं.
मानसून की अक्षीय रेखा क्या कहती है?
अब बात करते हैं मानसून की अक्षीय रेखा की. ये वो रेखा है जो बताती है कि मानसून की बारिश किस रास्ते से गुजरने वाली है.
इस बार ये रेखा गंगानगर, रोहतक, फिर मध्य उत्तर प्रदेश के कम दबाव वाले केंद्र से होते हुए गोरखपुर और मुजफ्फरपुर की ओर बढ़ रही है. इसके बाद ये पूर्व-दक्षिण-पूर्व की दिशा में मिजोरम तक जा रही है.
मतलब, इसका असर देश के एक बड़े हिस्से पर पड़ने वाला है, खासकर पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में. इन मजबूत मौसमी प्रणालियों के साथ पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती हवाएं भी पूरी तरह से सक्रिय हैं, जो मिलकर 11 जुलाई को देश के 12 से ज्यादा राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और कई जगहों पर आंधी-तूफान का अलर्ट दे रही हैं.
IMD ने साफ कर दिया है कि इन मौसमी गतिविधियों की वजह से कई राज्यों में 'बहुत भारी बारिश' यानी मूसलाधार बारिश का खतरा मंडरा रहा है. इसका मतलब है कि सिर्फ हल्की-फुल्की फुहारें नहीं, बल्कि ऐसी बारिश जो जनजीवन को प्रभावित कर सकती है, सड़कें भर सकती है और किसानों के लिए भी एक नई चुनौती ला सकती है.
किन 7 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट है?
मौसम विभाग के बुलेटिन को ध्यान से देखें, तो 11 जुलाई को देश के 7 ऐसे राज्य हैं, जहां मूसलाधार और बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है. ये वो राज्य हैं जहां लोगों को खास तौर पर सावधान रहने की जरूरत है.
इस लिस्ट में बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य शामिल हैं. इन इलाकों में पहले से ही मानसून सक्रिय रहता है और अब तो अलर्ट भी जारी हो गया है, तो लोगों को और ज्यादा सतर्क रहना होगा.
- बिहार: यहां के लोगों को बारिश के लिए तैयार रहना होगा, क्योंकि मूसलाधार बारिश आ सकती है.
- पूर्वी उत्तर प्रदेश: बिहार से सटा ये इलाका भी भारी बारिश की चपेट में आ सकता है.
- असम और मेघालय: पूर्वोत्तर के ये दोनों राज्य अपनी भारी बारिश के लिए जाने जाते हैं, और एक बार फिर यहां जोरदार बारिश की संभावना है.
- उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: पहाड़ों से सटे इन इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है, इसलिए यहां के लोगों को खास ध्यान रखना होगा.
- नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: पूर्वोत्तर के बाकी राज्यों में भी भारी बारिश का अलर्ट है, जो वहां के सामान्य जीवन को प्रभावित कर सकती है.
इन सभी राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है. ऐसे में, स्थानीय प्रशासन और आम जनता दोनों को ही अलर्ट रहना होगा.
खासकर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है.
दिल्ली-एनसीआर समेत और कहां-कहां होगी भारी बारिश?
सिर्फ मूसलाधार बारिश ही नहीं, IMD ने देश के कई अन्य हिस्सों और उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी है. इसमें हमारी राजधानी दिल्ली और उसके आसपास का इलाका यानी एनसीआर भी शामिल है.
तो अगर आप दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं, तो छतरी और रेनकोट तैयार रखिए.
- हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: इन इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट आ सकती है और मौसम सुहाना हो सकता है.
- उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश से यात्रा करने वालों को सावधानी बरतनी होगी, क्योंकि भूस्खलन और सड़कों के बाधित होने का खतरा रहता है.
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पंजाब: ये इलाके भी भारी बारिश की लिस्ट में हैं, जिससे किसानों को भी फायदा मिल सकता है, लेकिन जलभराव से बचाव भी जरूरी है.
- जम्मू-कश्मीर, लद्दाख: उत्तर भारत के इन खूबसूरत हिस्सों में भी बारिश का अलर्ट है, जिससे मौसम और खुशनुमा हो सकता है, लेकिन एडवेंचर करने वालों को सतर्क रहना होगा.
- अरुणाचल प्रदेश और गंगा तटीय पश्चिम बंगाल: पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के इन हिस्सों में भी अच्छी खासी बारिश देखने को मिल सकती है.
इन सभी राज्यों में लोगों को यह सलाह दी गई है कि वे मौसम विभाग की लगातार अपडेट्स पर नजर रखें और अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें. क्योंकि भारी बारिश कभी-कभी अप्रत्याशित मुसीबतें भी ला सकती है.
आंधी-तूफान और बिजली गिरने का क्या सीन है?
बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने 11 जुलाई को देश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक, आंधी-तूफान और तेज हवाएं चलने का भी अलर्ट जारी किया है. ये वो चीजें हैं जो अचानक आती हैं और बड़ा नुकसान कर सकती हैं.
इसलिए इनसे भी सावधान रहना जरूरी है.
IMD के मुताबिक, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक होने और बिजली गिरने की पूरी संभावना है. सोचिए, 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी तो क्या हाल होगा!
वहीं, बिहार, कर्नाटक, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के साथ पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी हवाएं चलने और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है. ये हवाएं अपने साथ धूल भी लेकर आएंगी, जिससे विजिबिलिटी कम हो सकती है.
इसके अलावा, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, झारखंड तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है. कुल मिलाकर, 11 जुलाई को देश के कई हिस्सों में मौसम काफी 'एक्टिव' रहने वाला है.
इसलिए अगर आप इन इलाकों में हैं, तो घर से निकलने से पहले मौसम का हाल जरूर जान लें और सावधानी बरतें. सुरक्षित रहें और मौसम का आनंद लें, लेकिन अलर्ट रहना न भूलें!






































