मुंबई: पैसा हर कोई कमाना चाहता है, लेकिन उससे भी बड़ी कला है पैसे को बढ़ाना। और जब बात आती है पैसे से पैसा बनाने की, तो अक्सर लोग म्यूचुअल फंड का नाम सुनते ही थोड़ा हिचक जाते हैं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी कहानी बताने वाले हैं, जिसे सुनकर आपका नजरिया बदल सकता है। यह कहानी सिर्फ आंकड़ों की नहीं, बल्कि सही निवेश, अनुशासन और सब्र से कैसे बड़ी दौलत बनाई जा सकती है, इसका जीता-जागता उदाहरण है।
सोचिए जरा, अगर आप हर महीने मात्र दस हजार रुपये की बचत करते और उसे कहीं निवेश कर देते, तो 16 साल बाद वह रकम कितनी हो जाती? अगर आपका जवाब कुछ लाखों में है, तो आप गलत हैं। मिराए एसेट के एक धाकड़ फंड ने निवेशकों को जो रिटर्न दिया है, वह वाकई में चौंकाने वाला है।
इस फंड ने 16 साल के सफर में निवेशकों को करोड़पति बनाने के करीब पहुंचा दिया है, सिर्फ दस हजार रुपये की मंथली एसआईपी (SIP) से!
मिराए एसेट लार्ज एंड मिडकैप फंड ने हाल ही में बाजार में अपने 16 साल का शानदार सफर पूरा किया है। फंड हाउस ने जो ताजा आंकड़े जारी किए हैं, उनके मुताबिक, जिन निवेशकों ने इस फंड की शुरुआत से ही हर महीने महज ₹10,000 की एसआईपी जारी रखी थी, उनका फंड 31 मई 2026 तक बढ़कर लगभग ₹97 लाख हो चुका है।
जी हां, करीब एक करोड़ रुपये!
आखिर कैसे हुआ यह कमाल?
मिराए एसेट म्यूचुअल फंड के डेटा को खंगालें, तो लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट की असली ताकत सामने आती है। इन 16 सालों में ₹10,000 प्रति माह के हिसाब से निवेशक ने कुल ₹19 लाख जमा किए।
यह ₹19 लाख का इन्वेस्टमेंट 31 मई 2026 तक बढ़कर ₹96.9 लाख हो गया। अगर हम इसके रिटर्न की बात करें, तो इस एसआईपी निवेश पर फंड ने 18.44% का जोरदार XIRR (एक्सटेंडेड इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न) दिया है।
मतलब, निवेश से इतनी शानदार कमाई हुई है कि कई लोग इसे सपना मानेंगे। यह सिर्फ ₹19 लाख के निवेश पर करीब ₹77.9 लाख का मुनाफा है, जो वाकई काबिले तारीफ है।
सिर्फ SIP वाले ही नहीं, लंपसम वाले भी खुशहाल?
अगर आपको लगता है कि सिर्फ मंथली एसआईपी के जरिए ही ऐसा कमाल हुआ है, तो आप गलत हैं। इस फंड में लंपसम (एकमुश्त) निवेश करने वाले भी मालामाल हुए हैं।
आंकड़े बताते हैं कि अगर किसी निवेशक ने 9 जुलाई 2010 को इस फंड के 'रेगुलर प्लान-ग्रोथ' ऑप्शन में सिर्फ ₹10,000 का एकमुश्त निवेश किया होता, तो वह रकम आज बढ़कर ₹1,50,690 हो चुकी होती।
अब इसकी तुलना कहीं और से करें। अगर यही पैसा इस स्कीम के बेंचमार्क (यानी, एक ऐसे इंडेक्स जिससे फंड के प्रदर्शन की तुलना की जाती है) में लगाया गया होता, तो वह सिर्फ ₹76,908 ही बनता।
मतलब साफ है, इस फंड ने अपने बेंचमार्क से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है, और निवेशकों को ढाई गुना से भी ज्यादा मुनाफा कमाकर दिया है।
बाजार के दिग्गजों को भी पछाड़ा?
इस फंड का प्रदर्शन सिर्फ शुरुआती निवेशकों के लिए ही शानदार नहीं रहा है, बल्कि पिछले 15 वर्षों के ट्रैक रिकॉर्ड को देखें तो इसने लगातार अपने बेंचमार्क और मार्केट इंडेक्स को भी पीछे छोड़ा है। पिछले 15 सालों में इस फंड ने 18.85% का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दिया है।
यह अपने आप में एक जबरदस्त आंकड़ा है।
इसके मुकाबले स्कीम का बेंचमार्क 'निफ्टी लार्जमिडकैप 250 टीआरआई' (Nifty LargeMidcap 250 TRI) ने 14.60% का रिटर्न दिया। वहीं, एक एडिशनल बेंचमार्क 'बीएसई सेंसेक्स टीआरआई' (BSE Sensex TRI) इस दौरान सिर्फ 11.22% का रिटर्न ही दे पाया।
मतलब, मिराए एसेट लार्ज एंड मिडकैप फंड ने मार्केट के बड़े से बड़े इंडेक्स को भी धूल चटा दी है, जिससे निवेशकों का भरोसा और भी मजबूत हुआ है।
कौन संभाल रहा है इतने बड़े फंड की कमान?
यह स्कीम एक ओपन-एंडेड इक्विटी योजना है, जिसका मुख्य काम भारतीय लार्ज-कैप और मिड-कैप कंपनियों के शेयरों में पैसा लगाना है। 31 मई 2026 तक यह फंड ₹42,792.20 करोड़ के विशाल एसेट बेस को मैनेज कर रहा है।
सोचिए, ₹42 हजार करोड़ से भी ज्यादा का फंड! इस फंड की सफलता के पीछे इसके अनुभवी फंड मैनेजर नीलेश सुराना का बड़ा हाथ है, जो इसकी शुरुआत से ही इससे जुड़े हैं। जनवरी 2019 से अंकित जैन भी सह-फंड मैनेजर के रूप में उनके साथ मिलकर इस फंड की कमान संभाल रहे हैं, जिससे फंड को और मजबूती मिली है।
हालांकि, इस फंड का पिछला ट्रैक रिकॉर्ड बेहतरीन रहा है और इसने निवेशकों को छप्परफाड़ रिटर्न दिया है, लेकिन फंड हाउस का कहना है कि यह स्कीम किसी भी प्रकार के गारंटीड रिटर्न का वादा नहीं करती है। इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन होता है।
इसलिए किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लेना बेहद जरूरी है।






































