मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ दिनों से जो माहौल बना है, उसे देखकर लगता है कि इन्वेस्टर्स की बल्ले-बल्ले हो रही है! लगातार दूसरे दिन बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली और निफ्टी भैया, 24,200 के अहम लेवल को पार करके टिका रहा। मतलब साफ है, मार्केट में जो थोड़े समय का करेक्शन दिख रहा था, अब उससे उबरने के मजबूत संकेत मिल रहे हैं।
अब सवाल ये उठता है कि क्या ये सिर्फ एक momentary उछाल है या फिर बाजार वाकई लंबी रेस का घोड़ा बनने को तैयार है? और 13 जुलाई को जब बाजार खुलेगा, तो सेंसेक्स और निफ्टी की चाल क्या रहेगी, कौन से शेयर दिखाएंगे दम और किन पर रहेगी नजर?
कुल मिलाकर, मार्केट के धुरंधर एक्सपर्ट्स क्या कह रहे हैं, इसकी पड़ताल करना जरूरी हो जाता है, ताकि इन्वेस्टर्स अपना कदम सोच-समझकर उठा सकें। तो चलिए, जानते हैं इस ताजातरीन तेजी के पीछे का गणित और आगे की रणनीति।
इस तेजी के पीछे का राज क्या है?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर की मानें तो, बाजार में ये जो रिकवरी दिख रही है, ये काफी धमाकेदार है। उनका सीधा फंडा है कि थोड़े समय के करेक्शन के बाद, अब मार्केट में जबरदस्त वापसी के संकेत मिल रहे हैं।
इसके पीछे कई फैक्टर काम कर रहे हैं, जो बाजार को एक नया बूस्ट दे रहे हैं।
नायर साहब बताते हैं कि कंपनियों के पहली तिमाही (Q1) के नतीजे उम्मीद से बेहतर आ रहे हैं। इस अच्छे नतीजों के सिलसिले से अर्निंग्स में बढ़ोतरी को लेकर जो चिंताएं बनी हुई थीं, वो कम हो रही हैं।
और इसका सीधा फायदा मौजूदा तेजी को मिल रहा है। यानी, कंपनियां अच्छा परफॉर्म कर रही हैं, तो इन्वेस्टर्स का भरोसा भी बढ़ रहा है।
इसके अलावा, बैंकों से जो पॉजिटिव बिजनेस अपडेट्स मिल रहे हैं, वो भी मार्केट के लिए शुभ संकेत हैं। आईटी सेक्टर की गाइडेंस भी उम्मीद के मुताबिक है, और आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े नए-नए मौके और ग्लोबल लेवल पर खर्च में बढ़ोतरी की उम्मीद ने पहली तिमाही के अर्निंग्स सीजन के लिए एक शानदार माहौल बना दिया है।
ये सारी चीजें मिलकर एक दमदार शुरुआत की कहानी लिख रही हैं।
विनोद नायर यहीं नहीं रुकते, वो आगे बताते हैं कि ग्लोबल स्तर पर देखें तो कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई है और टेक्नोलॉजी सेक्टर में भी अच्छी रिकवरी दिख रही है। इन बातों ने भारत के प्रति विदेशी निवेशकों (FII) के सेंटीमेंट को और भी बेहतर बनाया है, जिससे उनका निवेश वापस से बढ़ रहा है।
ये एक बड़ा पॉजिटिव पॉइंट है, क्योंकि FII का निवेश बाजार को मजबूती देता है।
एक और अहम बात ये है कि FOMC मीटिंग में जो थोड़ा सख्त रुख अपनाया गया था, उसका ग्लोबल मार्केट पर कोई बड़ा बुरा असर नहीं पड़ा। इसकी वजह ये है कि हालिया आंकड़ों से पता चला है कि महंगाई का दबाव अब धीरे-धीरे कम हो रहा है।
साथ ही, अमेरिका, यूरोपीय संघ (EU) और चीन जैसे बड़े देशों से जो आर्थिक आंकड़े आ रहे हैं, वो थोड़े सुस्त हैं। इससे ये संकेत मिल रहा है कि आने वाले समय में सेंट्रल बैंक शायद कम सख्त रुख अपनाएं।
ये सारी बातें मिलकर भारतीय बाजार के लिए एक पॉजिटिव माहौल बना रही हैं।
कौन-कौन से सेक्टर रहे दमदार?
10 जुलाई को बाजार की जो चाल रही, उसमें कुछ सेक्टर ने तो कमाल ही कर दिया। अगर सेक्टर के हिसाब से परफॉर्मेंस देखें, तो कुल मिलाकर माहौल पॉजिटिव ही रहा और सभी बड़े इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए।
सबसे तगड़ा प्रदर्शन दिखाया रियल्टी सेक्टर ने। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 3.5 प्रतिशत की बंपर बढ़त दर्ज की गई।
इसके बाद नंबर आया निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स का, जिसने 3 प्रतिशत की तेजी दिखाई।
जून तिमाही के नतीजों के बाद, आईटी सेक्टर में भी रौनक दिखी, खास तौर पर टीसीएस (TCS) में अच्छी बढ़त देखने को मिली। इसकी वजह से निफ्टी आईटी इंडेक्स 2 प्रतिशत ऊपर चढ़ा।
अन्य सेक्टरों की बात करें तो, निफ्टी मेटल इंडेक्स 1.5 प्रतिशत और निफ्टी बैंक 1.4 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।
ऑयल एंड गैस, प्राइवेट बैंक, एनर्जी, इंफ्रास्ट्रक्चर और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में भी 1 प्रतिशत से लेकर 1.3 प्रतिशत के बीच अच्छी तेजी दर्ज की गई। ऑटो इंडेक्स भी 0.72 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ आगे बढ़ा।
बड़े इंडेक्स के अलावा, निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.59 प्रतिशत और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.41 प्रतिशत की दमदार बढ़त देखने को मिली, जो छोटे और मझोले शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी दिखाती है।
किन शेयरों ने मारी बाजी और कौन फिसले?
निफ्टी में 10 जुलाई को सबसे ज्यादा बढ़त दिखाने वाले शेयरों में जियो फाइनेंशियल, एचडीएफसी लाइफ, अदाणी एंटरप्राइजेज, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस और रिलायंस इंडस्ट्रीज शामिल रहे। इन दिग्गजों ने बाजार को ऊपर खींचने में अहम भूमिका निभाई।
वहीं, कुछ शेयर ऐसे भी रहे, जिन्हें गिरावट का सामना करना पड़ा। गिरने वाले शेयरों में डॉ.
रेड्डीज़ लैब्स, एटरनल, भारती एयरटेल, नेस्ले और सिप्ला शामिल रहे। इन कंपनियों के शेयर ने निवेशकों को थोड़ा निराश किया।
आगे क्या कहती है बाजार की चाल?
अब बात करते हैं कि आने वाले दिनों में बाजार की चाल कैसी रह सकती है। एसबीआई सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के सुदीप शाह का कहना है कि निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस (बाधा) 24350-24400 के जोन में है।
इसका मतलब ये है कि निफ्टी को इस लेवल को पार करने में थोड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती है। लेकिन, अगर निफ्टी इस जोन के ऊपर टिक जाता है, यानी मजबूत रहता है, तो शॉर्ट टर्म में ये 24550 और उसके बाद 24700 तक आसानी से बढ़ सकता है।
तो इन्वेस्टर्स के लिए ये लेवल काफी अहम रहेंगे, जिन पर उनकी पैनी नजर होनी चाहिए।
कुल मिलाकर, एक्सपर्ट्स का मानना है कि बाजार में अभी तेजी का माहौल बना हुआ है, लेकिन हर कदम सोच-समझकर उठाना बेहद जरूरी है। अब देखना होगा कि 13 जुलाई को जब बाजार खुलता है, तो निफ्टी और सेंसेक्स इन लेवल्स पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं।





































