देशभर: हिंदू धर्म में व्रत-त्योहारों की लंबी फेहरिस्त है और हर तिथि का अपना एक अलग ही महत्व है। लेकिन, जब बात आती है एकादशी की, तो इसकी महिमा कुछ अलग ही गाई जाती है। इसे सभी तिथियों में सबसे पवित्र और फलदायी माना जाता है। कहते हैं, इस दिन भगवान विष्णु की आराधना से जीवन के सारे पाप धुल जाते हैं और सुख-समृद्धि की बहार आ जाती है। अब जरा सोचिए, अगर किसी एकादशी पर कुछ खास उपाय किए जाएं तो क्या होगा? बिल्कुल सही समझा आपने, किस्मत के दरवाजे खुलने में देर नहीं लगती। आज, यानी आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को योगिनी एकादशी का महाव्रत रखा जा रहा है। और ज्योतिष के जानकारों का कहना है कि इस खास मौके पर तुलसी से जुड़े कुछ टोटके आपकी जिंदगी में धन-धान्य और तरक्की की बरसात कर सकते हैं।
ये कोई मामूली बात नहीं है, क्योंकि धार्मिक मान्यताओं के हिसाब से योगिनी एकादशी का व्रत करने वाले भक्त को इतना पुण्य मिलता है, जितना 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने से मिलता है। जी हां, अठ्ठासी हजार ब्राह्मण! ये आंकड़ा ही बताता है कि इस व्रत का वजन कितना ज्यादा है।
इस दिन व्रत-उपवास के साथ अगर आप कुछ खास उपाय भी कर लें, तो लक्ष्मी-नारायण की कृपा सीधी आप पर बरसेगी। आपके जीवन से दुख, तकलीफें और दरिद्रता ऐसे गायब हो जाएंगी, जैसे कभी थीं ही नहीं।
अब आप सोच रहे होंगे कि भला वो कौन से उपाय हैं, जो इस एकादशी को इतना खास बनाते हैं? तो चलिए, आपको बताते हैं तुलसी माता के कुछ अचूक नुस्खे, जो आपकी झोली खुशियों से भर देंगे।
क्यों तुलसी है इतनी खास और क्या करें उपाय?
हमारे घरों में तुलसी का पौधा सिर्फ एक पौधा नहीं, बल्कि साक्षात देवी का रूप है। इसे मां लक्ष्मी का ही स्वरूप माना जाता है और भगवान विष्णु को तो तुलसी से बेहद प्रेम है।
इसीलिए, एकादशी के दिन तुलसी से जुड़े ये उपाय करने से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी, दोनों की कृपा एक साथ मिलती है।
विष्णु जी को तुलसी मंजरी से स्नान क्यों कराएं?
एकादशी के पावन दिन पर सबसे पहला और बड़ा उपाय है भगवान विष्णु का अभिषेक करना। लेकिन, ये अभिषेक सिर्फ पानी या दूध से नहीं, बल्कि कच्चे दूध में तुलसी की मंजरी मिलाकर करना चाहिए।
अब आप पूछेंगे मंजरी ही क्यों? दरअसल, तुलसी मंजरी को भगवान विष्णु को सबसे प्रिय माना जाता है। कहते हैं कि तुलसी मंजरी चढ़ाने से भगवान तुरंत प्रसन्न हो जाते हैं।
जब आप कच्चे दूध में मंजरी मिलाकर विष्णु जी का अभिषेक करते हैं, तो ये एक तरह से आप शुद्धता और पवित्रता से उनकी सेवा कर रहे होते हैं। इस उपाय से लक्ष्मी-नारायण दोनों की कृपा मिलती है और आपके घर में सुख-संपत्ति की वृद्धि होती है, ये तो पक्की बात है।
तुलसी माता को क्यों चढ़ाया जाता है श्रृंगार का सामान?
तुलसी माता को घर की सुख-समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। इसीलिए, एकादशी के दिन तुलसी माता को लाल चुनरी और सुहाग सामग्री जैसे सिंदूर, बिंदी, चूड़ी आदि अर्पित करनी चाहिए।
ये एक तरह से आप मां लक्ष्मी का ही श्रृंगार कर रहे होते हैं। जैसे हम घर की बेटी या बहू को लाड-प्यार देते हैं, वैसे ही तुलसी माता को श्रृंगार का सामान अर्पित करने से घर में खुशहाली आती है।
मान्यता है कि इससे घर में सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है और पति-पत्नी के रिश्ते में भी मधुरता आती है। कुल मिलाकर, ये उपाय आपके वैवाहिक जीवन और पूरे परिवार के लिए बेहद शुभ माना जाता है।
भगवान विष्णु के भोग में तुलसी दल का क्या महत्व है?
भगवान विष्णु को तुलसी दल कितना प्रिय है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तुलसी दल के बिना उनका कोई भी भोग अधूरा माना जाता है। एकादशी के दिन जब आप भगवान विष्णु को कोई भी भोग लगाएं, तो उसमें तुलसी का एक पत्ता जरूर रखें।
लेकिन यहां एक बहुत जरूरी बात ध्यान रखनी है! एकादशी के दिन तुलसी के पत्तों को छूना या तोड़ना वर्जित माना गया है। तो ऐसे में क्या करें? उपाय सीधा है – आप एक दिन पहले ही, यानी दशमी तिथि को तुलसी के पत्ते तोड़कर रख लें।
या फिर, अगर आपके घर में जमीन पर कोई तुलसी का पत्ता गिर गया हो, तो उसका प्रयोग करें। कहते हैं कि ऐसा करने से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी दोनों प्रसन्न होते हैं और आपके घर में धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती।
यह दर्शाता है कि आप नियमों का पालन करते हुए भी भगवान की सेवा कर रहे हैं, और यही सबसे बड़ी भक्ति है।
तुलसी माता के नामों का जाप क्यों करें?
अगर आपके करियर या व्यापार में लंबे समय से अड़चनें आ रही हैं, लाख कोशिशों के बाद भी सफलता हाथ नहीं लग रही, तो यह उपाय आपके लिए संजीवनी साबित हो सकता है। एकादशी के दिन तुलसी माता के आठ खास नामों का जाप करना चाहिए।
ये नाम हैं - वृंदा, विश्वपूजिता, पुष्पसारा, वृंदानी, विश्वपावनी, नंदिनी, कृष्णजीवनी और तुलसी। इन नामों का कम से कम 108 बार जाप करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
कहते हैं कि नामों का जाप करने से एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आपके रास्ते में आ रही बाधाएं दूर होती हैं। मां लक्ष्मी का घर पर वास होता है, जिससे आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और व्यापार में तरक्की मिलती है।
यह जाप आपके मन को शांत करता है और आपको सही दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देता है।
तुलसी के पास दीपक जलाने से क्या लाभ होता है?
एकादशी की शाम को तुलसी के सामने घी का दीपक जलाना तो हर घर में होता ही है, लेकिन इस दिन इसका महत्व और बढ़ जाता है। दीपक जलाते समय भगवान विष्णु के प्रिय मंत्र ‘ऊं नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप करना चाहिए।
इसके बाद, तुलसी की 5, 7, 11 या 21 बार परिक्रमा जरूर करें। परिक्रमा करना यानी उनके प्रति अपनी श्रद्धा और समर्पण जताना।
यह एक तरह से सकारात्मक ऊर्जा का घेरा बनाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से आपका सोया हुआ भाग्य जाग उठता है।
जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। यह उपाय आपके घर में पॉजिटिविटी लाता है और हर तरफ से आपको सफलता मिलने लगती है।
कुल मिलाकर, योगिनी एकादशी का दिन धार्मिक नजरिए से बहुत खास है। आज त्रिपुष्कर योग और भरणी नक्षत्र जैसे शुभ योग भी बन रहे हैं, जो इस दिन को और भी बलवान बनाते हैं।
कहते हैं, इस दिन कुछ शुभ चीजें खरीदना भी अच्छा होता है। तो बस, इन छोटे-छोटे उपायों को अपनाइए और देखिए कैसे आपकी जिंदगी में सकारात्मक बदलाव आते हैं।
भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा से आपकी झोली हमेशा भरी रहे, यही कामना है।







































