मुंबई: शेयर बाजार में आज मुथूट माइक्रोफिन ने एक ऐसा कमाल दिखाया कि निवेशक भी देखते रह गए। सुबह-सुबह जैसे ही बाजार खुला, इस फाइनेंस कंपनी के शेयर रॉकेट की रफ्तार से ऊपर चढ़ने लगे और देखते ही देखते 14 फीसदी तक उछल गए। ये कोई मामूली उछाल नहीं था, बल्कि अप्रैल 2026 के बाद से कंपनी के लिए ये सबसे बड़ा इंट्राडे गेन था।
जो शेयर अपने आईपीओ (IPO) प्राइस 291 रुपये से काफी नीचे ट्रेड कर रहा था, उसमें अचानक ये तेजी क्यों आई? आखिर कंपनी ने ऐसा क्या कर दिया कि बाजार में उसके शेयर को पंख लग गए? ये वो सवाल हैं जो आज हर शेयर मार्केट के जानकार की जुबान पर थे। इस जोरदार उछाल के पीछे की कहानी जुड़ी है कंपनी के हालिया तिमाही अपडेट से, जिसने निवेशकों को फिर से उम्मीद की एक नई किरण दिखाई है।
मुथूट माइक्रोफिन ने जून तिमाही (यानी Q1FY27) के जो आंकड़े जारी किए, वे वाकई चौंकाने वाले और शानदार थे। कंपनी ने बताया कि उसके एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में साल-दर-साल 18 फीसदी की दमदार बढ़ोतरी हुई है।
इसके साथ ही, कंपनी ने जो लोन डिस्बर्स किए हैं, यानी बांटे हैं, उनमें 49 फीसदी का गजब का इजाफा देखा गया। इन आंकड़ों ने बाजार में एक पॉजिटिव माहौल बना दिया और शेयर प्राइस को सीधे ऊपर की ओर धकेल दिया।
कंपनी ने ऐसा क्या कर दिया कि शेयर भागा?
चलिए, इन आंकड़ों को थोड़ा और गहराई से समझते हैं। मुथूट माइक्रोफिन जो माइक्रोफाइनेंस के सेक्टर में काम करती है, उसके लिए एयूएम यानी एसेट्स अंडर मैनेजमेंट एक बहुत अहम पैमाना होता है।
कंपनी का Q1FY27 में एयूएम एक साल पहले की तुलना में 18 फीसदी बढ़कर 14,457 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। अगर मार्च तिमाही से तुलना करें तो भी इसमें 3 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है।
मतलब, कंपनी ने नए लोन दिए हैं और उसका पोर्टफोलियो बढ़ रहा है।
सिर्फ एयूएम ही नहीं, कंपनी ने जून तिमाही में जो लोन बांटे हैं, उसमें तो और भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले डिस्बर्समेंट 49 फीसदी बढ़कर 2,645 करोड़ रुपये हो गया।
ये बताता है कि कंपनी की लोन बांटने की रफ्तार काफी तेज हुई है, जो उसकी ग्रोथ के लिए एक मजबूत संकेत है।
और तो और, कंपनी ने एक नई शुरुआत भी की है। उसने अपनी पेरेंट कंपनी मुथूट फिनकॉर्प के साथ मिलकर रेफरल और को-लेंडिंग अरेंजमेंट के तहत गोल्ड लोन बांटना भी शुरू किया है।
इस दौरान 192.86 करोड़ रुपये के गोल्ड लोन डिस्बर्स किए गए हैं। ये एक नया सेगमेंट है जो कंपनी के रेवेन्यू स्ट्रीम को और मजबूत कर सकता है।
मतलब, कंपनी सिर्फ एक ही तरह के लोन पर निर्भर नहीं है, बल्कि अपने बिजनेस को डाइवर्सिफाई कर रही है।
कंपनी की वसूली कैसी रही?
किसी भी लोन देने वाली कंपनी के लिए सबसे जरूरी होता है कि उसके दिए हुए लोन वापस आएं। इसी को कलेक्शन एफिशिएंसी कहते हैं।
मुथूट माइक्रोफिन ने इस मोर्चे पर भी शानदार प्रदर्शन किया है। Q1FY27 में कंपनी की कलेक्शन एफिशिएंसी बढ़कर 97.97 फीसदी हो गई है।
सोचिए, एक साल पहले ये आंकड़ा 93 फीसदी था और मार्च तिमाही में 96.43 फीसदी था। मतलब, कंपनी ने अपने लोन की वसूली को काफी बेहतर बनाया है, जो उसके वित्तीय स्वास्थ्य के लिए बहुत पॉजिटिव बात है।
कंपनी की X-बकेट कलेक्शन एफिशिएंसी तो 99.89% तक पहुंच गई, जो किसी भी लेंडर के लिए कमाल का आंकड़ा है।
कंपनी का स्मॉल और माइक्रो एंटरप्राइज इंडिविजुअल लोन पोर्टफोलियो भी बढ़कर 3,214 करोड़ रुपये हो गया है। इसके अलावा, जॉइंट लायबिलिटी ग्रुप (JLG) और नॉन-JLG लोन का मिक्स भी पिछली तिमाही के 83:17 से बदलकर 76:24 हो गया।
ये दिखाता है कि कंपनी अपने ग्राहक आधार और लोन प्रोडक्ट में विविधता ला रही है।
कंपनी की पहुंच कितनी बढ़ी है?
30 जून तक के आंकड़ों के मुताबिक, मुथूट माइक्रोफिन की पहुंच देशभर में काफी बढ़ चुकी है। कंपनी फिलहाल 1,671 ब्रांच चला रही है और 33 लाख से ज्यादा एक्टिव कस्टमर्स को अपनी सेवाएं दे रही है।
ये आंकड़े बताते हैं कि कंपनी की जमीनी पकड़ मजबूत है और वह लगातार नए ग्राहकों तक पहुंच रही है।
अब बात करते हैं एक और बड़े डेवलपमेंट की। क्रिसिल (CRISIL) जैसी प्रतिष्ठित रेटिंग एजेंसी ने तिमाही के दौरान कंपनी की लॉन्ग-टर्म क्रेडिट रेटिंग को अपग्रेड कर दिया है।
इसे A+/पॉजिटिव से सीधे AA-/स्टेबल कर दिया गया है। क्रेडिट रेटिंग में सुधार का मतलब है कि कंपनी की वित्तीय स्थिति और जोखिम लेने की क्षमता को और मजबूत माना जा रहा है।
ये निवेशकों के लिए एक और भरोसेमंद संकेत है कि कंपनी सही दिशा में आगे बढ़ रही है।
क्या ये आंकड़े पक्के हैं?
कंपनी ने साफ किया है कि ये सभी ऑपरेशनल आंकड़े प्रोविजनल हैं। इसका मतलब है कि ये अभी शुरुआती अनुमान हैं और इनके स्टैच्युटरी ऑडिटर्स द्वारा रिव्यू और ऑडिट कमिटी और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स द्वारा अप्रूवल के बाद ही अंतिम रूप दिया जाएगा।
हालांकि, शुरुआती आंकड़े हमेशा एक ट्रेंड बताते हैं और ये ट्रेंड साफ तौर पर पॉजिटिव है।
आज एनएसई पर मुथूट माइक्रोफिन के शेयर 2.20 बजे के आसपास 12.28% की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे थे और Q1 अपडेट की घोषणा के बाद 237.21 रुपये के इंट्राडे हाई पर पहुंच गए। भले ही ये शेयर 2026 से अब तक 34.62 फीसदी चढ़ चुका है, लेकिन ये अब भी अपने आईपीओ प्राइस 291 रुपये से नीचे ही है।
इसलिए निवेशकों की निगाहें इस बात पर टिकी होंगी कि क्या ये शेयर अपने आईपीओ प्राइस को पार कर पाएगा या नहीं।





































