न्यूयॉर्क: आज की दुनिया में काम और ज़िंदगी का बैलेंस बनाना किसी बड़े चैलेंज से कम नहीं। खासकर टेक इंडस्ट्री में, जहाँ डेडलाइन और घंटों का काम अक्सर लोगों को थका देता है। ऐसे में अगर कोई कंपनी आपको ऑफिस के पास रहने के लिए लाखों रुपये का पैकेज दे दे, साथ में खाने-पीने और जिम-सॉना जैसी सारी मौज-मस्ती का इंतज़ाम भी कर दे, तो क्या कहेंगे आप? सुनकर शायद आपको लगे कि ये किसी ख्वाब से कम नहीं, लेकिन न्यूयॉर्क की एक AI स्टार्टअप कंपनी ने इस सपने को हकीकत में बदल दिया है।
हम बात कर रहे हैं 'रिला' नाम की एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्टार्टअप की, जिसने अपने कर्मचारियों को खुश करने और उनकी प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए एक ऐसा कमाल का फंडा अपनाया है, जो अब हर तरफ चर्चा में है। ये कंपनी अपने एम्प्लॉई को ऑफिस के एकदम करीब रखने के लिए सिर्फ हाउसिंग स्टाइपेंड ही नहीं दे रही, बल्कि और भी कई जबरदस्त फैसिलिटीज़ दे रही है।
आखिर रिला ने यह खास पहल क्यों शुरू की?
आप सोच रहे होंगे कि इतनी बड़ी दरियादिली के पीछे कंपनी का क्या मकसद है? रिला कंपनी के सीईओ सेबेस्टियन जिमेनेज़ का मानना है कि कर्मचारियों का ऑफिस आने-जाने में लगने वाला लंबा सफर न सिर्फ थकाऊ होता है, बल्कि तनाव से भी भर देता है। उनका सीधा-सा गणित है कि अगर कर्मचारी इस आने-जाने के स्ट्रेस से बच जाएं, तो उनका सारा ध्यान काम पर लगेगा।
इससे उनकी प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी और कंपनी को भी फायदा होगा।
सेबेस्टियन जिमेनेज़ कहते हैं कि लोग कम्यूट में घंटों गंवाने के बजाय उस समय को अपने परिवार के साथ बिता सकते हैं, किताबें पढ़ सकते हैं, एक्सरसाइज कर सकते हैं या अपनी हॉबीज़ पर काम कर सकते हैं। कुल मिलाकर, कंपनी चाहती है कि उसके एम्प्लॉई का जीवन क्वालिटी वाला हो, और वे सिर्फ काम के लिए मशीन बनकर न रह जाएं।
बता दें कि आज की भागदौड़ भरी लाइफ में कम्यूट टाइम एक बड़ा दुश्मन बन गया है। मेट्रो सिटीज़ में लोगों के दो-तीन घंटे तो सिर्फ आने-जाने में ही निकल जाते हैं।
ऐसे में रिला का यह कदम वाकई काबिले-तारीफ है, जो कर्मचारियों को इस रोज़मर्रा के झंझट से आज़ादी दिला रहा है।
कितना मिलता है हाउसिंग स्टाइपेंड और कहाँ रहना होता है?
अब बात उस रकम की, जिसके बारे में सुनकर आप अपनी पलकें झपका लेंगे! रिला अपने उन एम्प्लॉई को सालाना करीब 18,000 डॉलर का हाउसिंग स्टाइपेंड देती है, जो न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में विलियम्सबर्ग इलाके में कंपनी के ऑफिस से 10 मिनट की साइकिल दूरी के अंदर रहना पसंद करते हैं। भारतीय रुपये में बात करें तो ये रकम करीब 17 लाख रुपये सालाना से भी ज़्यादा बैठती है।
जी हाँ, पूरे 17 लाख रुपये सिर्फ रहने के लिए!
अब विलियम्सबर्ग कोई सस्ता इलाका नहीं है। ये न्यूयॉर्क के सबसे पॉपुलर और महंगे इलाकों में से एक है।
यहाँ एक स्टूडियो अपार्टमेंट का किराया ही महीने का लगभग 4,000 डॉलर तक हो सकता है, यानी करीब 3.5 लाख रुपये से ज़्यादा। ऐसे में 18,000 डॉलर का सालाना स्टाइपेंड कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत की बात है।
इससे वे बिना जेब पर ज़्यादा बोझ डाले, ऑफिस के करीब एक अच्छी जगह पर रह सकते हैं और अपने काम पर बेहतर तरीके से फोकस कर सकते हैं।
कंपनी का सालाना खर्च कितना है और कितने लोग उठा रहे फायदा?
रिला में फिलहाल करीब 120 कर्मचारी काम करते हैं। जानकर हैरानी होगी कि इनमें से लगभग 80 प्रतिशत कर्मचारी इस शानदार हाउसिंग फैसिलिटी का लाभ उठा रहे हैं।
यानी ज़्यादातर लोग ऑफिस के करीब रहकर अपना जीवन सरल बना रहे हैं और कंपनी के इस अनोखे ऑफर का पूरा फायदा ले रहे हैं।
स्वाभाविक है कि इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों को स्टाइपेंड देने से कंपनी का खर्च भी बढ़ता है। रिला अपने कर्मचारियों के हाउसिंग अलाउंस पर हर साल करीब 1.7 मिलियन डॉलर खर्च करती है।
भारतीय रुपये में ये रकम लगभग 16 से 17 करोड़ रुपये बैठती है! एक स्टार्टअप के लिए ये खर्च वाकई बहुत बड़ा है, लेकिन सीईओ सेबेस्टियन जिमेनेज़ इसे निवेश मानते हैं। उनका मानना है कि यह कर्मचारियों को आराम देने के बजाय उनके काम करने के तरीके को बेहतर बनाने की कोशिश है, जिससे कंपनी की ओवरऑल प्रोडक्टिविटी बढ़ती है और टैलेंट को लंबे समय तक रोके रखने में मदद मिलती है।
सिर्फ हाउसिंग ही नहीं, और भी कई कमाल की फैसिलिटीज़
आपको लग रहा होगा कि बस इतनी ही बात है? तो सुनिए, रिला सिर्फ हाउसिंग स्टाइपेंड देकर ही नहीं रुकती। ये कंपनी अपने एम्प्लॉई को दिन में तीन बार, यानी सुबह का नाश्ता, दोपहर का खाना और रात का डिनर – तीनों टाइम का खाना भी देती है।
सोचिए, आपको खाने की भी टेंशन लेने की जरूरत नहीं! कंपनी ही सब कुछ संभाल लेगी, जिससे एम्प्लॉई का समय और एनर्जी दोनों बचते हैं।
इतना ही नहीं, रिला अपने कर्मचारियों के लिए सॉना और कोल्ड प्लंज जैसी मॉडर्न वेलनेस फैसिलिटीज़ भी उपलब्ध कराती है। सॉना जहाँ शरीर को रिलैक्स करने में मदद करता है, वहीं कोल्ड प्लंज थकान मिटाने और तरोताज़ा महसूस कराने में काम आता है।
साथ ही, जिम की सुविधा भी यहाँ मिलती है, ताकि एम्प्लॉई अपनी फिटनेस पर भी ध्यान दे सकें। कुल मिलाकर, कंपनी चाहती है कि उसके कर्मचारी सिर्फ काम ही न करें, बल्कि मानसिक और शारीरिक रूप से भी स्वस्थ और एक्टिव रहें।
अब आप कहेंगे कि क्या सब कुछ इतना आसान है? खबर में यह भी बताया गया है कि इन शानदार सुविधाओं के साथ-साथ रिला का वर्क कल्चर काफी सख्त भी है। यानी कंपनी सुविधाएं तो दे रही है, लेकिन बदले में परफॉर्मेंस और कमिटमेंट की उम्मीद भी उतनी ही ज्यादा रखती है।
यह एक तरह का ‘गिव एंड टेक’ सिस्टम है, जहाँ कंपनी कर्मचारी को बेहतरीन माहौल देती है, ताकि वे अपना बेस्ट दे सकें और कंपनी के लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद कर सकें। कुल मिलाकर, रिला ने टेक दुनिया में कर्मचारियों को खुश रखने का एक नया मॉडल पेश किया है।




































