दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार को लेकर अक्सर विदेशी एक्सपर्ट्स की राय बदलती रहती है, कभी वो इसे ‘बाघ’ बताते हैं तो कभी ‘बिल्ली’। लेकिन पिछले कुछ समय से बाजार में जो ‘अस्थिरता’ दिख रही थी, उसने निवेशकों की सांसें रोक रखी थीं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और महंगे होते इनपुट कॉस्ट ने कंपनियों के मुनाफे पर सवाल खड़े कर दिए थे। ऐसे में सवाल उठ रहा था कि क्या भारतीय अर्थव्यवस्था की चाल धीमी पड़ने वाली है? पर अब कुछ बड़ी विदेशी ब्रोकरेज फर्मों ने साफ कर दिया है कि घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि भारतीय बाजार में तो जल्द ही ‘रौनक’ लौटने वाली है।
हालिया गिरावट को लेकर जो चिंताएं थी, उन पर मॉर्गन स्टेनली जैसे दिग्गजों ने विराम लगा दिया है। उनकी मानें तो भारतीय बाजार में जो थोड़ी बहुत गिरावट दिख रही है, वो सिर्फ साइक्लिकल है, यानी ‘ऊपर-नीचे’ का खेल है, कोई स्ट्रक्चरल यानी ‘बुनियादी’ दिक्कत नहीं है।
इसका मतलब है कि मध्यम अवधि में भारतीय शेयर बाजार की संभावनाओं पर कोई आंच नहीं आई है। एक तरह से कह सकते हैं कि बाजार बस ‘पावर नैप’ ले रहा था, और अब उठने की तैयारी में है!
क्यों बदल रहे हैं विदेशी एक्सपर्ट्स के सुर?
विदेशी ब्रोकरेज फर्मों का अचानक भारतीय बाजार पर इतना भरोसा जताना कोई छोटी बात नहीं है। इसके पीछे कई ठोस वजहें हैं।
सबसे बड़ी बात तो ये है कि अब उनकी डिमांड यानी मांग को लेकर चिंताएं कम हुई हैं। इकोनॉमी की हेल्थ में सुधार दिख रहा है और ग्रोथ मोमेंटम भी बढ़िया चल रहा है।
मतलब, अर्थव्यवस्था की गाड़ी पटरी पर दौड़ रही है और स्पीड भी पकड़ रही है।
जेफरीज नाम की एक और बड़ी फर्म ने तो यहां तक कहा है कि जून तिमाही में रेवेन्यू ग्रोथ पिछले 13 तिमाहियों में सबसे ज्यादा रहने की उम्मीद है। आप सोच रहे होंगे कि ऐसा कैसे? दरअसल, देश में इकोनॉमिक एक्टिविटी बढ़ी है और नॉमिनल जीडीपी भी अच्छी चल रही है।
उन्होंने कहा कि अगर हम ऑयल एंड गैस और मेटल्स सेक्टर को छोड़ दें, तो बाकी कंपनियों की कमाई साल दर साल लगभग 12 फीसदी बढ़ने वाली है। फिलिप कैपिटल ने भी लगभग इसी तरह का अनुमान लगाया है।
उनका मानना है कि ऑयल एंड गैस को छोड़ निफ्टी कंपनियों की रेवेन्यू ग्रोथ 15 फीसदी तक रह सकती है।
निवेशकों को आगे क्या देखना चाहिए?
ब्रोकरेज फर्म निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि वो सिर्फ जून तिमाही के नतीजों पर ही फोकस न करें, बल्कि उससे आगे देखें। कई स्ट्रेटेजिस्ट्स का कहना है कि इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में मार्केट का ध्यान ‘अर्निंग्स मोमेंटम’ यानी कमाई की रफ्तार पर होगा।
एक चिंता पश्चिम एशिया में फिर से बढ़ते तनाव को लेकर भी थी, लेकिन यूबीएस (UBS) ने साफ किया है कि इसका भारत में मध्यम अवधि के निवेश पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। यानी, बाहर कुछ भी हो, अंदर का खेल मजबूत है।
किन सेक्टरों में दिख रही है दमदारी?
अब बात आती है कि आखिर कौन से सेक्टर हैं, जिनमें ये ‘दिग्गज’ चमक देख रहे हैं। ज्यादातर ब्रोकरेज फर्मों को लगता है कि फाइनेंशियल्स स्टॉक्स का प्रदर्शन कमाल का रहेगा।
इसकी वजह भी साफ है – अच्छी क्रेडिट ग्रोथ और मजबूत बैलेंसशीट। यानी बैंकों और फाइनेंस कंपनियों की तिजोरियां भरी रहेंगी और उनका कर्ज बांटने का काम भी बढ़िया चलेगा।
इसके साथ ही, इंडस्ट्रियल और कैपिटल एक्सपेंडिचर से जुड़ी कंपनियों के शेयर भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे। मॉर्गन स्टेनली का तो कहना है कि निवेश से जुड़ी गतिविधियां बढ़ने से शेयर बाजार के प्रदर्शन में और भी इम्प्रूवमेंट आएगा।
जेपी मॉर्गन ने खास तौर पर ‘कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी स्टॉक्स’ को अपनी पसंद बताया है। ये वो कंपनियां होती हैं, जिनके प्रोडक्ट्स लोग अपनी ‘मर्जी’ से खरीदते हैं, जैसे गैजेट्स, फैशन आइटम्स वगैरह।
जब लोगों के पास पैसा होता है और अर्थव्यवस्था मजबूत होती है, तो इन कंपनियों की चांदी हो जाती है।
फिलिप कैपिटल ने भी कुछ खास सेक्टरों की पहचान की है, जिनकी जून तिमाही में अर्निंग्स ग्रोथ सबसे ज्यादा रहने की उम्मीद है। इनमें एनबीएफसी (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां), कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (जैसे फ्रिज, एसी), डिफेंस (रक्षा क्षेत्र) और ऑर्गेनाइज्ड रिटेल (बड़े रिटेल स्टोर) शामिल हैं।
यानी इन सेक्टर्स से जुड़े स्टॉक्स पर नजर रखना फायदेमंद हो सकता है।
हालांकि, हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। कुछ सेक्टर ऐसे भी हैं, जिनका प्रदर्शन थोड़ा कमजोर रह सकता है।
इनमें ऑयल एंड गैस, सीमेंट, हेल्थकेयर और मेटल्स शामिल हैं। तो निवेश करते समय इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
कंपनियों ने जून तिमाही के नतीजे पेश करने शुरू कर दिए हैं। 9 जुलाई को टीसीएस (TCS) ने अपने नतीजे पेश किए थे, और अब आने वाले दिनों में और भी बड़ी कंपनियों के आंकड़े सामने आएंगे।
इन्हीं आंकड़ों से बाजार की आगे की दिशा तय होगी, लेकिन फिलहाल तो विदेशी ब्रोकरेज फर्मों ने भारतीय बाजार को लेकर ‘पॉजिटिव वाइब्स’ देना शुरू कर दिया है।





































