राष्ट्रीय डेस्क: अगर आप भी सोच रहे हैं कि इस बार मॉनसून ने आते ही पूरे देश में क्यों ऐसी धाक जमा दी है, तो मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट आपका सिर चकरा सकती है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक बार फिर चेतावनी जारी की है, जिसमें देश के करीब 15 राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान की आशंका जताई गई है। दिल्ली से लेकर यूपी और बिहार तक, कई इलाकों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। तो तैयार हो जाइए, क्योंकि अगले कुछ दिन राहत के नहीं, बल्कि एक्स्ट्रा सावधानी बरतने के हो सकते हैं!
मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में ही देश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश और तेज हवाएं देखी गई हैं। कुछ इलाके तो ऐसे रहे, जहां इतनी बारिश हुई कि बाढ़ जैसी स्थिति बन गई।
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में तो रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, मेघालय और त्रिपुरा में भी 12 से 20 सेंटीमीटर तक की बहुत भारी बारिश हुई, जिसने लोगों को हिलाकर रख दिया।
इस बार मॉनसून इतना आक्रामक क्यों है?
IMD की मानें तो अगले 3-4 दिनों तक पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और बिहार में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। मेघालय और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में तो 13 जुलाई को कुछ जगहों पर "अत्यधिक भारी बारिश" की भी चेतावनी है, मतलब अगर जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें।
दूसरी तरफ, उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों, पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले 6-7 दिनों में बारिश की गतिविधियों में थोड़ी कमी देखने को मिल सकती है, जो इन इलाकों के लिए थोड़ी राहत की बात है।
अगर बीते 24 घंटों की बात करें, तो अरुणाचल प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी 7 से 11 सेंटीमीटर तक की भारी बारिश दर्ज की गई है। मतलब, पहाड़ हो या मैदान, मॉनसून हर जगह अपनी पूरी ताकत दिखा रहा है।
बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं ने भी अपना रंग दिखाया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और पंजाब के कुछ इलाकों में तो हवाएं 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं, जो किसी तूफान से कम नहीं था।
केवल हवाएं ही नहीं, बिजली कड़कने की घटनाएं भी आम रही हैं। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान, मध्य प्रदेश, विदर्भ, महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल, केरल, माहे, रायलसीमा, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक जैसे राज्यों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं और बिजली चमकने की कई घटनाएं रिकॉर्ड की गईं।
सोचिए, जब हवा इतनी तेज चलती है, तो उसका कितना असर होता होगा!
मौसम के इन मिजाजों के पीछे क्या साइंस है?
अब बात करते हैं कि आखिर इन सब मौसमी गतिविधियों के पीछे क्या कारण हैं। मौसम प्रणालियों के हिसाब से देखें तो, मॉनसून ट्रफ का पश्चिमी छोर अभी भी समुद्र तल पर अपनी सामान्य स्थिति के करीब है।
वहीं, इसका पूर्वी छोर सामान्य स्थिति से थोड़ा उत्तर की ओर खिसक गया है। इसके अलावा, पाकिस्तान और बांग्लादेश के ऊपर दो चक्रवाती परिसंचरण एक्टिव हैं, और उत्तर-पश्चिम बिहार से मणिपुर तक एक ट्रफ रेखा भी गुजर रही है।
इन सभी "सिस्टम्स" के एक साथ एक्टिव होने से ही देश के मौसम में इतना बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।
इन मौसमी सिस्टम्स के प्रभाव से आने वाले दिनों में देश का मौसम कुछ इस तरह का रहने वाला है:
- उत्तर-पश्चिम भारत (दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा): दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 13 से 19 जुलाई के दौरान अलग-अलग जगहों पर हल्की से छिटपुट बारिश होने की संभावना है। हालांकि, 18 और 19 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पंजाब में कुछ जगहों पर भारी बारिश लोगों की टेंशन बढ़ा सकती है।
- पूर्वी उत्तर प्रदेश: इस क्षेत्र में 13 से 17 जुलाई तक छिटपुट बारिश का अनुमान है। हालांकि, इन कुछ दिनों में भारी बारिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। यहां के लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
- बिहार: बिहार में तो 13 से 15 जुलाई तक व्यापक बारिश होने की पूरी संभावना है। मतलब, यहां के किसानों और आम लोगों को भारी बारिश के लिए तैयार रहना होगा।
कुल मिलाकर, IMD की इस चेतावनी को हल्के में न लें। मॉनसून इस बार पूरी तैयारी के साथ आया है और देश के कई हिस्सों में इसका रौद्र रूप देखने को मिल रहा है।
सुरक्षित रहें, जरूरी सावधानी बरतें और अपने आसपास के मौसम पर नजर बनाए रखें।









































