बिजनेस डेस्क: शेयर बाजार की दुनिया भी कम अजब-गजब नहीं है. कभी किसी स्टॉक को लेकर हर तरफ मायूसी छाई रहती है, और फिर अचानक कोई बड़ा ब्रोकरेज हाउस उस पर मेहरबान हो जाता है और पूरी कहानी ही पलट जाती है. ऐसी ही एक दिलचस्प खबर इन दिनों टाटा ग्रुप की दिग्गज ऑटो कंपनी टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (Tata Motors Passenger Vehicles) के शेयर को लेकर आई है. विदेशी ब्रोकरेज फर्म मैक्वेरी (Macquarie) ने इस कंपनी पर अपना भरोसा जताया है, और इसका सीधा असर शेयर बाजार में दिख सकता है.
सोमवार को बाजार बंद होते-होते टाटा मोटर्स का शेयर 1.64% चढ़कर 343.50 रुपये पर रुका था. लेकिन अब इस शेयर को लेकर मैक्वेरी ने जो राय दी है, वो निवेशकों की नींद उड़ा सकती है.
ब्रोकरेज ने टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के शेयरों की रेटिंग को 'न्यूट्रल' से बढ़ाकर 'आउटपरफॉर्म' कर दिया है. इसका मतलब ये है कि मैक्वेरी को अब लगता है कि यह शेयर बाजार में अपने प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर प्रदर्शन करेगा.
आखिर मैक्वेरी को क्या दिख रहा है टाटा मोटर्स में खास?
कोई भी ब्रोकरेज फर्म किसी शेयर की रेटिंग यूं ही नहीं बढ़ाती. इसके पीछे कुछ ठोस वजहें होती हैं, और मैक्वेरी ने भी अपनी उम्मीदों की वजहें साफ बताई हैं.
फर्म का मानना है कि टाटा मोटर्स के लिए आने वाला वक्त काफी अच्छा रह सकता है. कंपनी लगातार नए एसयूवी (SUV) मॉडल्स लॉन्च करने की तैयारी में है, जिससे पैसेंजर व्हीकल कारोबार को जोरदार फायदा मिलने की उम्मीद है.
अब सोचिए, जब मार्केट में नए-नए आकर्षक मॉडल आएंगे, तो क्या ग्राहक उनकी तरफ नहीं खींचे चले आएंगे?
इतना ही नहीं, मैक्वेरी ने एक और महत्वपूर्ण बात कही है. ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी की लग्जरी कार इकाई, जगुआर लैंड रोवर (Jaguar Land Rover या JLR) का मार्जिन भी आने वाली तिमाहियों में धीरे-धीरे सुधर सकता है.
जेएलआर, टाटा मोटर्स के ग्लोबल कारोबार का एक अहम हिस्सा है, और अगर वहां से मार्जिन बेहतर होता है, तो पूरी कंपनी की वित्तीय सेहत पर इसका सकारात्मक असर पड़ेगा.
क्या अभी शेयर की कीमत आकर्षक है?
किसी भी शेयर में पैसा लगाने से पहले उसकी मौजूदा कीमत को भी देखा जाता है. मैक्वेरी का मानना है कि टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स का मौजूदा वैल्यूएशन काफी आकर्षक है.
इसका सीधा मतलब यह है कि शेयर अभी ऐसे स्तर पर है जहां से इसमें गिरावट का जोखिम सीमित दिखता है, और ऊपर जाने की संभावना ज्यादा है. ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस भी 367 रुपये से बढ़ाकर 381 रुपये कर दिया है.
मौजूदा स्तर के मुकाबले, ब्रोकरेज ने इसमें करीब 13% तक की तेजी की संभावना जताई है. तो अब सवाल ये है कि क्या यह शेयर आने वाले समय में निवेशकों के लिए अच्छा रिटर्न दे पाएगा?
भारत के बाजार से कितनी उम्मीदें हैं?
मैक्वेरी की नजर सिर्फ ग्लोबल कारोबार पर नहीं है, बल्कि उसने भारत में टाटा मोटर्स के पैसेंजर व्हीकल बिजनेस को लेकर भी बड़ी उम्मीदें जताई हैं. ब्रोकरेज के मुताबिक, भारत में भी कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रह सकता है.
जैसा कि हमने पहले बात की, नए-नए मॉडल्स की वजह से कंपनी का मार्केट शेयर बढ़ने और कमाई में सुधार आने की पूरी उम्मीद है. भारतीय बाजार हमेशा से ही टाटा मोटर्स के लिए बेहद अहम रहा है, और अगर यहां प्रदर्शन चमकता है, तो कंपनी की ओवरऑल ग्रोथ को पंख लग जाएंगे.
क्या कहते हैं उत्पादन और बिक्री के आंकड़े?
हाल ही में SIAM (सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स) ने जून तिमाही के जो आंकड़े जारी किए हैं, वो भी मैक्वेरी की राय को मजबूती देते हैं. इन आंकड़ों के मुताबिक, टाटा मोटर्स के लोकप्रिय मॉडल जैसे पंच (Punch) और नेक्सन (Nexon) का उत्पादन और घरेलू बिक्री, दोनों में इजाफा हुआ है.
इससे साफ पता चलता है कि बाजार में कंपनी की एसयूवी की मांग लगातार बनी हुई है. ग्राहक इन गाड़ियों को पसंद कर रहे हैं, और यही किसी भी ऑटो कंपनी के लिए सबसे बड़ी बात होती है.
FY31 तक कंपनी के क्या हैं बड़े लक्ष्य?
सिर्फ मौजूदा प्रदर्शन ही नहीं, टाटा मोटर्स ने भविष्य के लिए भी बड़े और महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किए हैं. हाल ही में टाटा संस के चेयरमैन एन.
चंद्रशेखरन (N. Chandrasekaran) ने कंपनी की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में कुछ बड़े एलान किए थे.
उन्होंने बताया था कि वित्त वर्ष 2031 (FY31) तक कंपनी 6 नई कारें और 20 से ज्यादा प्रोडक्ट अपग्रेड लॉन्च करेगी. क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि इतने सारे नए प्रोडक्ट के साथ टाटा मोटर्स बाजार में कितनी मजबूत पकड़ बना लेगी?
इसके अलावा, कंपनी का लक्ष्य है कि FY31 तक वो सालाना 12 लाख से ज्यादा गाड़ियां बेचे. यह एक बड़ा आंकड़ा है और इसे हासिल करने के लिए कंपनी को अपनी उत्पादन क्षमता और बाजार रणनीति दोनों पर कड़ी मेहनत करनी होगी.
साथ ही, कंपनी का लक्ष्य 20% मार्केट शेयर और डबल डिजिट EBITDA मार्जिन हासिल करना भी है. ये आंकड़े सिर्फ नंबर्स नहीं हैं, बल्कि कंपनी की बाजार में बादशाहत कायम करने की ख्वाहिश को दिखाते हैं.
बाकी एक्सपर्ट्स क्या सोच रहे हैं?
शेयर बाजार में सिर्फ एक ब्रोकरेज फर्म की राय काफी नहीं होती, कई एक्सपर्ट्स अपनी राय देते हैं. टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स को कवर करने वाले 32 एनालिस्ट्स में से 13 ने 'बाय' (Buy) की रेटिंग दी है, यानी वो शेयर खरीदने की सलाह दे रहे हैं.
वहीं, 10 एनालिस्ट्स ने 'होल्ड' (Hold) की रेटिंग दी है, यानी वो शेयर को बेचने या खरीदने की बजाय मौजूदा स्थिति बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं. जबकि, 9 एनालिस्ट्स ने 'सेल' (Sell) की रेटिंग दी है, यानी उनका मानना है कि शेयर बेच देना चाहिए.
कुल मिलाकर, राय बंटी हुई है, लेकिन 'बाय' करने वालों की संख्या अच्छी-खासी है.
सोमवार को टाटा मोटर्स का शेयर भले ही 1.64% बढ़कर 343.50 रुपये पर बंद हुआ हो, लेकिन पिछले एक साल में स्टॉक ने निवेशकों को थोड़ी निराशा दी है, और यह करीब 15.87% गिरा है. ऐसे में मैक्वेरी की यह नई पॉजिटिव राय निवेशकों के लिए उम्मीद की एक नई किरण लेकर आई है.





































