मार्केट डेस्क: शेयर बाजार की दुनिया में आज एक ऐसा दिन था, जब सुबह का मंजर देखकर लगा कि सब कुछ खत्म हो गया, लेकिन फिर देखते ही देखते बाजी पलट गई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बनी अनिश्चितता ने सुबह-सुबह बाजार में भूचाल ला दिया था। सेंसेक्स और निफ्टी धराशाई हो गए, चारों ओर बिकवाली का दबाव था, लेकिन तभी एक चमत्कार हुआ। बाजार ने ऐसी जोरदार रिकवरी की कि शुरुआती गिरावट हवा हो गई और निवेशकों की जेब में ₹1 लाख करोड़ से ज़्यादा की दौलत आ गई।
आज हफ्ते के पहले कारोबारी दिन मार्केट ने जिस तरह का 'नाटक' दिखाया, उसे देखकर हर कोई हैरान रह गया। सुबह की शुरुआत भारी बिकवाली के साथ हुई।
दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर सैन्य हमले शुरू होने की आशंका और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों की नींद उड़ा दी थी। इस भू-राजनीतिक टेंशन का सीधा असर बाजार पर दिखा और इंडेक्स धड़ाम हो गए।
सुबह बाजार में क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?
बता दें कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम शिपिंग रूट में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल का परिवहन होता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की अस्थिरता वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल की कीमतों पर सीधा असर डालती है।
यही वजह थी कि जैसे ही अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने की खबरें आईं, बाजार में हाहाकार मच गया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 711.96 प्वाइंट्स टूटकर 76,857.43 तक आ गया था, वहीं निफ्टी 50 भी 206.70 प्वाइंट्स गिरकर 24,000.20 के स्तर पर पहुंच गया था।
यह गिरावट इतनी तेज थी कि एक बार को तो लगा कि आज बाजार में लाल निशान ही हावी रहेगा।
हालांकि, कहते हैं ना कि शेयर बाजार अनिश्चितताओं का खेल है और यहां कब क्या हो जाए, कोई नहीं कह सकता। सुबह की भारी गिरावट के बाद निचले स्तरों पर जोरदार रिकवरी देखने को मिली।
विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को एक मजबूत सपोर्ट दिया और सेंटीमेंट तेजी से सुधरा। इस मजबूत सेंटिमेंट ने मार्केट को जबरदस्त तरीके से सहारा दिया।
बाजार ने कैसे की जोरदार वापसी?
निचले स्तरों से सेंसेक्स ने इंट्रा-डे में 900 प्वाइंट्स से भी ज़्यादा की रिकवरी की। यह 76,857.43 के निचले स्तर से उछलकर 77,789.29 तक पहुंच गया।
इसी तरह निफ्टी भी 24,000.20 से रिकवर होकर 24,259.80 तक जा पहुंचा। यानी दोनों प्रमुख सूचकांकों ने एक झटके में अपनी सारी शुरुआती गिरावट लगभग पाट दी।
सिर्फ बड़े इंडेक्स ही नहीं, बल्कि ब्रॉडर मार्केट में भी रौनक लौटी। निफ्टी स्मॉलकैप 100 और निफ्टी मिडकैप 100 जो आधे फीसदी से ज़्यादा की गिरावट में थे, वे भी लगभग फ्लैट ग्रीन ज़ोन में बंद हुए।
यह दिखाता है कि पूरे बाजार में खरीदारी का मूड लौट आया था।
किन सेक्टरों ने बाजार को संभाला?
आज के कारोबारी दिन में अगर किसी सेक्टर ने मार्केट को सबसे तगड़ा सपोर्ट दिया, तो वो था आईटी सेक्टर। जब शुरुआती कारोबार में बिकवाली की आंधी चल रही थी, तब भी निफ्टी आईटी इंडेक्स आधे फीसदी से ज़्यादा मजबूत था।
और कमाल देखिए, दिन के आखिर में यह 3% से ज़्यादा की बढ़त के साथ बंद हुआ। टीसीएस (TCS), एचसीएल टेक (HCL Tech) और इंफोसिस (Infosys) जैसे दिग्गजों ने आईटी सेक्टर को नई ऊंचाई दी और पूरे बाजार को सहारा दिया।
आईटी सेक्टर की इस जोरदार रौनक ने एफएमसीजी (FMCG) और मेटल सेक्टर की गिरावट को संभालने का काम किया। बता दें कि निफ्टी एफएमसीजी आज 1% से ज़्यादा कमजोर हुआ, तो वहीं निफ्टी मेटल भी आधे फीसदी से ज़्यादा लुढ़क गया।
लेकिन आईटी की मजबूती ने इन गिरावटों के असर को कम कर दिया और कुल मिलाकर बाजार को हरे निशान में बनाए रखा।
निवेशकों की दौलत में कितना इजाफा हुआ?
ओवरऑल आज बीएसई (BSE) पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹1 लाख करोड़ से ज़्यादा बढ़ गया। जी हां, आपने सही सुना।
निवेशकों की दौलत में ₹109,405.059 करोड़ का इजाफा हुआ है। एक कारोबारी दिन पहले यानी 10 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,81,30,322.70 करोड़ था।
आज, 13 जुलाई 2026 को यह बढ़कर ₹4,82,39,727.76 करोड़ पर पहुंच गया। यह एक शानदार रिकवरी थी, जिसने निवेशकों को राहत दी।
अगर इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स की बात करें तो, सेंसेक्स 47.01 प्वाइंट्स यानी 0.06% के मामूली उछाल के साथ 77,616.40 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 50 भी 4.10 प्वाइंट्स यानी 0.02% की हल्की बढ़त के साथ 24,211.00 पर बंद होने में कामयाब रहा।
सेंसेक्स में कौन से शेयर रहे टॉप पर और कौन फिसले?
सेंसेक्स पर लिस्टेड 30 शेयरों में से आज 13 शेयर ग्रीन जोन में बंद हुए, जबकि बाकी में गिरावट देखने को मिली। सबसे अधिक तेजी आज टीसीएस, एचसीएल टेक और इंफोसिस में रही, जिन्होंने बाजार को सबसे ज्यादा मजबूती दी।
वहीं दूसरी तरफ, सबसे अधिक गिरावट आज टाटा स्टील, जोमैटो की एटर्नल और अल्ट्राटेक सीमेंट में दर्ज की गई। यह दिन निवेशकों के लिए सुबह तनावपूर्ण रहा लेकिन अंत में एक सुखद आश्चर्य लेकर आया।







































