मुंबई: पिछले कुछ दिनों से शेयर बाजार में जो उठापटक चल रही थी, उससे कई निवेशकों की साँसें अटकी हुई थीं। सुबह बाजार खुलते ही कभी गिरावट, तो कभी घबराहट का माहौल। लेकिन भैया, यह शेयर बाजार है, यहाँ हर दिन नई कहानी लिखती है। आज भी कुछ ऐसा ही हुआ। जो बाजार सुबह थोड़ी टेंशन में दिख रहा था, उसने देखते ही देखते ऐसी पलटी मारी कि बड़े-बड़े धुरंधर भी हैरान रह गए।
बाजार में घबराहट का माहौल खत्म हो रहा है और अब एक नया ट्रेंड पकड़ रहा है, जिसे "बाय ऑन डिप्स" कहा जा रहा है। इसका सीधा मतलब है कि जब भी बाजार में थोड़ी गिरावट आए, तो खरीदारी का मौका देखिए।
सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने भी इसी रणनीति पर मुहर लगाई है। उनके मुताबिक, निफ्टी और बैंक निफ्टी ने उन लेवल्स का बखूबी सम्मान किया, जहाँ से खरीदारी होनी थी।
बाजार में घबराहट क्यों थी और अब क्या बदला है?
बाजार में पिछले कुछ समय से "ट्रंप फैक्टर" को लेकर एक अनिश्चितता बनी हुई थी। अनुज सिंघल ने बताया कि यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि ट्रंप फैक्टर पूरी तरह से खत्म हो गया है, लेकिन एक बात साफ है कि अब बाजार में वो पहले जैसी घबराहट नहीं है।
उनका मानना है कि पिछले बुधवार का लो अब बाजार के लिए एक मजबूत सपोर्ट का काम कर रहा है, मानो वो एक "पत्थर की लकीर" बन गया हो। आज निफ्टी 24,000 के नीचे भी नहीं गया, जिसने निवेशकों का भरोसा और बढ़ाया है।
इस जोरदार वापसी का क्रेडिट सबसे ज्यादा किसे जाता है? तो जनाब, वो हैं IT शेयर। निफ्टी IT इंडेक्स आज 4% से ज्यादा उछला है।
TCS, इंफोसिस, टेक महिंद्रा और HCL टेक जैसे दिग्गज स्टॉक्स 4-5 फीसदी तक दौड़े। TCS तो पिछले दो दिनों में करीब 7 फीसदी की शानदार छलांग लगा चुका है।
इन शेरों ने पूरी मार्केट को एक नई जान फूंक दी और बुल्स यानी खरीदारों को मैदान में वापसी का मौका दे दिया।
कौन से सेक्टर्स ने दिया बाजार को सहारा?
सिर्फ IT ही नहीं, बल्कि बैंक निफ्टी में भी निचले स्तरों से 500 अंकों की दमदार रिकवरी देखने को मिली। वहीं, मिडकैप और स्मॉलकैप शेरों में भी अच्छी वापसी रही, हालांकि उनकी चाल थोड़ी धीमी थी।
अनुज सिंघल ने सुबह ही सलाह दी थी कि घबराहट में शेयर न बेचें, और उनकी यह सलाह आज वाकई काम आई। बाजार में एक बार फिर उम्मीदें जगमगा रही हैं कि अब हर गिरावट खरीदारी का मौका लेकर आएगी।
कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर के शेयर भी आज लाइमलाइट में रहे। कल्याण ज्वेलर्स ने आज 10% का अपर सर्किट लगाया।
बता दें कि यह शेयर पिछले 4 दिनों में करीब 50 फीसदी तक चढ़ चुका है, जिसने निवेशकों को मालामाल कर दिया है। ये आंकड़े साफ इशारा करते हैं कि चुनिंदा सेक्टर में निवेशकों का भरोसा लौट रहा है और वे जमकर खरीदारी कर रहे हैं।
लेकिन हर तरफ सिर्फ हरियाली ही नहीं है। रियल्टी, मेटल और FMCG जैसे सेक्टर्स में आज थोड़ी मुनाफावसूली देखने को मिली।
यानी जहाँ एक तरफ कुछ सेक्टर में लोग जमकर पैसा लगा रहे थे, वहीं कुछ में वे अपना मुनाफा बटोर कर निकल रहे थे।
क्या इंडिया VIX अभी भी डर का संकेत दे रहा है?
बाजार में उतार-चढ़ाव को नापने वाला फीयर इंडेक्स इंडिया VIX आज करीब 9 फीसदी ऊपर था। लेकिन अच्छी बात यह है कि यह अभी भी अपने "कम्फर्ट जोन" के नीचे है।
इसका मतलब है कि भले ही थोड़ी हलचल हो, लेकिन बाजार में बड़ा डर अभी भी हावी नहीं है। यह संकेत देता है कि निवेशक अभी भी शांत मन से फैसले ले रहे हैं, न कि घबराहट में।
अनुज सिंघल की मानें तो अब मार्केट का सीधा मंत्र है: "बाय ऑन डिप्स"। यानी जब भी बाजार में थोड़ी नरमी आए, तो खरीदारी के मौके तलाशें।
जो लोग बाजार में बने हुए हैं, उन्हें बने रहना चाहिए और अगर बाजार में गिरावट आती है, तो अपने सौदे और बढ़ाने चाहिए। हालांकि, उन्होंने रात भर के लिए अपनी पोजीशन को "हेज" करने की भी सलाह दी, जिससे किसी भी अनचाही घटना से बचा जा सके।
उनके हिसाब से, शुक्रवार को किया गया "हेज" आज सुबह काफी काम आया।
आगे निफ्टी और बैंक निफ्टी के लिए क्या हैं महत्वपूर्ण स्तर?
निवेशकों के लिए निफ्टी और बैंक निफ्टी के महत्वपूर्ण स्तर जानना बेहद जरूरी है। निफ्टी के लिए 24,000-24,050 पर एक मजबूत सपोर्ट है, जबकि 24,250-24,350 पर रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है।
बैंक निफ्टी के लिए 57,500-57,700 पर सपोर्ट बना हुआ है। इन लेवल्स पर नजर रखकर निवेशक अपनी रणनीति बना सकते हैं।
इस बीच एक और महत्वपूर्ण बात निकलकर सामने आई है। अनलिस्टेड मार्केट में निवेश करना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है।
हाल ही में आए कुछ IPO में निवेशकों को बड़ी चपत लगी है, जिससे पता चलता है कि अनलिस्टेड शेयर बाजार में पैसा लगाना उतना आसान नहीं, जितना कई लोग समझते हैं। कुल मिलाकर, शेयर बाजार में अब नया मंत्र "बाय ऑन डिप्स" है, और निवेशक इसी रणनीति के साथ आगे बढ़ रहे हैं।





































