मुंबई: आज सुबह-सुबह शेयर बाजार ने कुछ ऐसा खेल दिखाया कि एक बार को तो निवेशकों की धड़कनें ऊपर-नीचे होने लगीं. सोचिए, जब लोग अपनी सुबह की चाय की चुस्कियां ले रहे थे, तभी मार्केट में हाहाकार मच गया. सेंसेक्स 700 पॉइंट्स से ज्यादा गोता लगा गया और निफ्टी महाराज भी 24000 के नीचे लुढ़क गए. वजह? अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर सैन्य हमलों की खबरें और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बनी अनिश्चितता. मार्केट में ऐसा माहौल बना कि लगा जैसे सब कुछ खत्म! लेकिन कहते हैं ना, पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त! कुछ ही घंटों में बाजार ने ऐसा यू-टर्न मारा कि देखने वाले दंग रह गए.
जो सेंसेक्स सुबह 700 पॉइंट्स से ज्यादा टूटा था, वो निचले स्तर से 900 पॉइंट्स से भी ज्यादा की जोरदार रिकवरी करके हरे निशान में आ गया. उधर, निफ्टी भी 24250 के पार पहुंच गया.
शुरुआती गिरावट से उबरते हुए ना सिर्फ बड़े इंडेक्स चमके, बल्कि निफ्टी स्मॉलकैप 100 और निफ्टी मिडकैप 100 भी आधे फीसदी से ज्यादा की गिरावट से उबरकर लगभग फ्लैट हो गए. यानी, छोटी-बड़ी कंपनियों के शेयरों में भी अच्छी-खासी रौनक लौट आई.
दिन में लगभग 12:55 PM बजे तक, सेंसेक्स 141.17 पॉइंट्स यानी 0.18% की बढ़त के साथ 77,710.56 पर ट्रेड कर रहा था, जबकि निफ्टी 23.80 पॉइंट्स यानी 0.10% के उछाल के साथ 24,230.70 पर था. एक पल के लिए सेंसेक्स 711.96 पॉइंट्स टूटकर 76,857.43 तक पहुंच गया था, लेकिन फिर उसने 931.86 पॉइंट्स की शानदार वापसी की और 77,789.29 तक पहुंच गया.
निफ्टी भी शुरुआती कारोबार में 206.70 पॉइंट्स गिरकर 24,000.20 तक आया था, पर फिर 259.60 पॉइंट्स रिकवर होकर 24,259.80 पर पहुंच गया. तो भैया, सवाल ये उठता है कि आखिर बाजार में ये जादू हुआ कैसे? कौन सी वो वजहें थीं, जिन्होंने इतनी बड़ी गिरावट के बाद मार्केट को फिर से गुलजार कर दिया?
बाजार ने कैसे मारी ऐसी जोरदार वापसी?
देखिए, मार्केट में ऐसा अक्सर होता है कि जब बड़ी गिरावट आती है, तो निवेशक उसे एक मौके के तौर पर देखते हैं. आज भी कुछ ऐसा ही हुआ.
मार्केट में रिकवरी के पीछे कई बड़े हाथ और कई दमदार वजहें रहीं. आइए, एक-एक करके इन्हें समझते हैं.
1. जब मौका दिखा तो झोली भर ली: वैल्यू बाइंग का कमाल
जैसे ही बाजार लुढ़का, कई स्मार्ट और अनुभवी निवेशकों ने सोचा कि भैया, ये तो डिस्काउंट सेल लग गई! और बस, उन्होंने निचले स्तर पर खरीदारी शुरू कर दी. इसे इकोनॉमिक्स की भाषा में 'वैल्यू बाइंग' कहते हैं.
यानी, जब कीमतें गिरें, तो अच्छे स्टॉक्स को कम दाम में खरीद लो. जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार ने बताया कि पश्चिम एशिया में जो संकट चल रहा है, वो अब एक तरह का 'न्यू नॉर्मल' बन चुका है.
उनका कहना है कि मार्च जैसी स्थिति अब ऑयल मार्केट में नहीं है, जहां हाहाकार मच गया था. विजयकुमार साहब साफ कहते हैं कि जब तक एक बैरल ब्रेंट क्रूड की कीमत 90 डॉलर के नीचे है, तब तक मार्केट पर बहुत ज्यादा असर पड़ने की आशंका कम है.
मतलब, डर का माहौल तो था, पर वो 'भूत' उतना खतरनाक नहीं था, जितना पहले दिख रहा था.
2. विदेशी बाबू भी हुए मेहरबान: FIIs की धुआंधार खरीदारी
भारतीय शेयर बाजार के लिए विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) कितने महत्वपूर्ण हैं, ये हम सब जानते हैं. जब FIIs खरीदारी करते हैं, तो मार्केट में अपने आप एक जोश आ जाता है.
और इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ. पिछले शुक्रवार को FIIs ने 2,603.72 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे.
ये अपने आप में एक बड़ा नंबर है. सिर्फ इतना ही नहीं, इस महीने की 10 जुलाई तक, इन विदेशी निवेशकों ने सेकेंडरी मार्केट में 5,155 करोड़ रुपये की नेट खरीदारी की है.
अगर प्राइमरी मार्केट और दूसरी खरीदारी को भी जोड़ लें, तो जुलाई महीने में अब तक इन्होंने भारतीय बाजार में कुल 15,156 करोड़ रुपये झोंक दिए हैं. जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ वीके विजयकुमार ने इस पर कहा कि विदेशी निवेशकों की यह खरीदारी मार्केट के लिए एक बड़ा पॉजिटिव संकेत है.
उन्होंने समझाया कि भारत के मैक्रो-इकोनॉमिक हालात बेहतर हो रहे हैं और रुपये में भी स्थिरता दिख रही है, जिसकी वजह से विदेशी निवेशकों का मूड बदला है. इसके अलावा, चिप ट्रेड में कमजोरी और दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों में विदेशी निवेशकों की घटती दिलचस्पी ने भी उनका ध्यान भारत की तरफ खींचा है.
कुल मिलाकर, विदेशी पैसों की बाढ़ ने बाजार को फिर से मजबूत कर दिया.
3. IT स्टॉक्स ने संभाली कमान: टेक्नोलॉजी सेक्टर का जलवा
जब सुबह मार्केट में सब कुछ लाल-लाल दिख रहा था, तब भी कुछ सेक्टर ऐसे थे, जिन्होंने अपनी मजबूती दिखाई. इनमें से एक बड़ा नाम था IT सेक्टर का.
टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में अच्छी रौनक देखने को मिली. जब बाजार में शुरुआती कोहराम मचा हुआ था, तब भी IT सेक्टर ने खुद को काफी हद तक संभाले रखा.
और जैसे ही बाकी फैक्टर्स ने सपोर्ट देना शुरू किया, IT स्टॉक्स ने तेजी से वापसी की और पूरे बाजार की रिकवरी में अहम भूमिका निभाई. आज के डिजिटल दौर में IT सेक्टर की अहमियत किसी से छिपी नहीं है, और इस बार भी इसने अपनी दमदार परफॉर्मेंस से मार्केट को सहारा दिया.
4. ब्रोडर मार्केट में भी लौटी रौनक: छोटे-मझोले शेयरों में भी उछाल
सिर्फ सेंसेक्स और निफ्टी ही नहीं, बल्कि छोटे और मझोले शेयरों ने भी जबरदस्त वापसी की. जैसा कि हमने देखा, निफ्टी स्मॉलकैप 100 और निफ्टी मिडकैप 100, जो सुबह आधे फीसदी से ज्यादा गिरावट में थे, वो लगभग फ्लैट हो गए.
इसका मतलब है कि सिर्फ बड़े स्टॉक्स ही नहीं, बल्कि ओवरऑल मार्केट में भी निवेशकों का भरोसा लौटा. जब मार्केट में गिरावट के बाद इतने बड़े पैमाने पर खरीदारी होती है, तो यह दिखाता है कि निवेशकों को भारतीय अर्थव्यवस्था और कंपनियों पर अभी भी पूरा भरोसा है.
यह एक बहुत ही पॉजिटिव संकेत है, जो बताता है कि बाजार की नींव अभी भी मजबूत है.
तो इस तरह, अमेरिका-ईरान तनाव से पैदा हुई अनिश्चितता के बावजूद, वैल्यू बाइंग, विदेशी निवेशकों की धुआंधार खरीदारी, IT सेक्टर की मजबूती और ब्रोडर मार्केट में लौटी रौनक ने भारतीय शेयर बाजार को एक बड़ी गिरावट से उबार लिया. फिलहाल, मार्केट पॉजिटिव नोट पर बंद होने की तरफ बढ़ रहा है, जो निवेशकों के लिए राहत की बात है.





































