नई दिल्ली: ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने वाले, या यूं कहें कि इंस्टेंट डिलीवरी के जमाने में घर बैठे किराने का सामान मंगाने वाले जरा ध्यान दें। आपके पसंदीदा क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म स्विगी इंस्टामार्ट (Swiggy Instamart) पर एक बड़ा संकट आ गया है। मामला इतना गंभीर है कि देश की सबसे बड़ी फूड सेफ्टी एजेंसी FSSAI ने एक-दो नहीं, बल्कि नौ-नौ नोटिस थमा दिए हैं। आरोप ऐसे हैं कि सुनकर ही भूख उड़ जाए— एक्सपायर हो चुके, सड़े-गले और एकदम असुरक्षित फूड प्रोडक्ट ग्राहकों तक पहुंचाए जा रहे थे। यह खबर जैसे ही बाजार में फैली, स्विगी के शेयर धड़ाम से नीचे आ गिरे, जिससे निवेशकों की भी टेंशन बढ़ गई है।
बात 13 जुलाई की है, जब ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी के शेयरों में दिन भर गिरावट का दौर चला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर कंपनी के शेयर 2.6 प्रतिशत तक लुढ़ककर 266 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गए।
इसका सीधा असर कंपनी के मार्केट कैप पर पड़ा, जो घटकर 74,000 करोड़ रुपये रह गया। आखिर हुआ क्या था, जो कंपनी पर इतना दबाव आ गया?
आखिर क्यों सख्त हुआ FSSAI, क्या थे आरोप?
असल में, शनिवार को खबर आई कि फूड रेगुलेटर FSSAI ने स्विगी इंस्टामार्ट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। कई ग्राहकों ने शिकायत की थी कि उन्हें इस प्लेटफॉर्म के जरिए एक्सपायर हो चुके और खराब क्वालिटी के फूड प्रोडक्ट मिल रहे हैं।
FSSAI ने इन शिकायतों को गंभीरता से लिया और Food Safety and Standards Act 2006 के नियमों का उल्लंघन मानते हुए इंस्टामार्ट को कुल नौ नोटिस जारी कर दिए।
FSSAI ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर खुद इस कार्रवाई की जानकारी दी। रेगुलेटर ने साफ-साफ बताया कि उन्हें ग्राहकों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि स्विगी इंस्टामार्ट एक्सपायर्ड, खराब, सड़े-गले, दूषित और असुरक्षित फूड प्रोडक्ट की डिलीवरी कर रहा है।
FSSAI ने इंस्टामार्ट को सख्त निर्देश दिए हैं कि वह इस पूरे मामले पर विस्तार से स्पष्टीकरण दे और अपनी कंप्लायंस रिपोर्ट जमा करे। चेतावनी भी दी गई है कि अगर कंपनी ऐसा नहीं करती है, तो उसके खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कौन-कौन से प्रोडक्ट निकले खराब? और क्या हुआ था?
FSSAI ने अपनी नोटिस में ग्राहकों की शिकायतों का ब्यौरा भी दिया है, जो वाकई चिंताजनक है। बताया गया है कि एक मामले में शिशु आहार (Infant Food Formulation) को बेहद खराब और असुरक्षित स्थिति में पाया गया।
इसमें गंदगी और गलत स्टोरेज व हैंडलिंग के साफ संकेत थे। हद तो तब हो गई, जब ग्राहक ने उस प्रोडक्ट को वापस किया, और कथित तौर पर वही खराब प्रोडक्ट उसे दोबारा सप्लाई कर दिया गया!
सिर्फ यही नहीं, 'Healthify 100% Whey Protein 1 kg' और 'Noice होमस्टाइल मद्रास मिक्सचर विद पीनट्स' जैसे प्रोडक्ट कथित तौर पर अपनी एक्सपायरी डेट बीत जाने के बाद भी ग्राहकों तक पहुंचाए गए। सोचिए, लोग सेहत बनाने के लिए प्रोटीन पाउडर मंगा रहे थे, और उन्हें एक्सपायर्ड माल मिल रहा था!
शिकायतों की लिस्ट यहीं खत्म नहीं होती। 'अक्षयकल्प ऑर्गेनिक एग' (Akshayakalpa Organic Egg) एक्सपायर्ड, सड़े हुए पाए गए और उनसे बदबू आ रही थी।
इसी तरह, 'काके दा पराठा' (Kakke da Paratha) भी खराब और बदबूदार हालत में डिलीवर किया गया। ये कुछ उदाहरण हैं जो दिखाते हैं कि ग्राहकों की सेहत के साथ कितना बड़ा खिलवाड़ हो रहा था।
सिर्फ खराब प्रोडक्ट ही नहीं, लाइसेंस में भी गड़बड़झाला?
FSSAI ने अपनी जांच में सिर्फ प्रोडक्ट क्वालिटी ही नहीं, बल्कि लाइसेंस से जुड़ी गड़बड़ियां भी पकड़ी हैं। रेगुलेटर ने पाया कि कई जगहों पर गलत, अमान्य या ऐसे लाइसेंस नंबर इस्तेमाल किए जा रहे थे, जो असल में मौजूद ही नहीं थे।
इससे भी चौंकाने वाली बात ये है कि फूड बिजनेस करने वाली कंपनियों को उनके FSSAI रजिस्ट्रेशन में दर्ज नामों से अलग नामों से लिस्ट किया जा रहा था। यह एक बड़ी चिंता की बात है क्योंकि इससे पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल उठता है।
FSSAI की मुख्य चिंताएं क्या हैं?
FSSAI ने इन नोटिसों में कई गंभीर मुद्दों को उठाया है। इनमें सबसे अहम हैं:
- प्लेटफॉर्म पर सेलर्स को कैसे जोड़ा जाता है? उनकी जांच-पड़ताल कैसे होती है?
- नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी जांच कौन करता है?
- प्रोडक्ट की ट्रेसेबिलिटी (यह कहां से आया और कहां जा रहा है) कैसे सुनिश्चित की जाती है?
- फूड क्वालिटी की निगरानी का सिस्टम क्या है?
- ग्राहकों की शिकायतों का समाधान कैसे किया जाता है?
- फूड बिजनेस से जुड़ी गतिविधियों की निगरानी कैसे होती है?
- और सबसे बढ़कर, खाद्य सुरक्षा नियमों का सही तरीके से पालन कैसे सुनिश्चित किया जाता है?
कुल मिलाकर, FSSAI ने इंस्टामार्ट से पूरे सिस्टम की पोल-खोल करने को कहा है। उन्हें यह बताना होगा कि वे इन तमाम चिंताओं को कैसे दूर करेंगे।
आगे क्या होगा? स्विगी का क्या कहना है?
FSSAI ने स्विगी इंस्टामार्ट को साफ कह दिया है कि अगर वे तय समय सीमा में संतोषजनक स्पष्टीकरण और कंप्लायंस रिपोर्ट जमा नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ कानून के तहत सख्त एक्शन लिया जाएगा। इस बीच, इंस्टामार्ट के एक प्रवक्ता ने इस पूरे मामले पर अपनी बात रखी है।
उनका कहना है कि कंपनी FSSAI के साथ इस मामले में पूरी तरह से सहयोग कर रही है और हर जरूरी जानकारी मुहैया करा रही है।
अब देखना यह होगा कि स्विगी इंस्टामार्ट इन गंभीर आरोपों पर कैसे जवाब देता है और अपने सिस्टम में क्या सुधार करता है। यह मामला सिर्फ स्विगी के लिए ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए खाना और किराने का सामान मंगाने वाले हर ग्राहक के लिए एक बड़ा सबक है।
जब तक रेगुलेटर की मुहर नहीं लगती और सिस्टम ठीक नहीं होता, तब तक ऐसी सर्विस पर थोड़ा संभलकर ही भरोसा करना चाहिए।




































