गुरुग्राम: हरियाणा के गुरुग्राम से एक ऐसी खबर आई है, जिसे सुनकर किसी का भी दिल दहल जाए। यहां एक 25 साल के AI इंजीनियर पर आरोप है कि उसने पहले अपनी गर्लफ्रेंड की चाकू से बेरहमी से हत्या कर दी और फिर खुद भी चलती ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जान दे दी। यह घटना इतनी खौफनाक है कि पुलिस भी अब इस पूरे मामले की तह तक जाने में लगी है कि आखिर ऐसा क्या हुआ जो एक रिश्ते का अंत इतने दर्दनाक तरीके से हुआ?
पुलिस अब इस डबल ट्रेजेडी की गुत्थी सुलझाने में जुटी है। दोनों के बीच कैसे रिश्ते थे, क्या बातचीत होती थी, और क्या कोई ऐसी वजह थी जो इस भयावह अंजाम तक ले गई – इन सब पर बारीकी से जांच चल रही है।
उनकी डिजिटल चैट्स, कॉल रिकॉर्ड्स और हर छोटे-बड़े सबूत को खंगाला जा रहा है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
आखिर कौन थे ये दोनों और ये दिल दहलाने वाली घटना कब हुई?
मरने वालों की पहचान श्रेष्ठ मलिक के तौर पर हुई है, जो छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले थे। वहीं, लड़की का नाम इशरा अयूबी बताया जा रहा है, जो उत्तर प्रदेश के सीतापुर से थीं।
पुलिस के मुताबिक, ये दोनों ही गुरुग्राम में एक ही प्राइवेट कंपनी में काम करते थे। यानी कि साथ काम करते-करते ही ये एक-दूसरे के करीब आए होंगे।
श्रेष्ठ मलिक गुरुग्राम के सेक्टर 55 में एक पेइंग गेस्ट (PG) आवास में रह रहा था, और पुलिस का शक है कि हत्या उसी PG में हुई।
ये पूरा मामला तब सामने आया, जब इशरा के परिवार ने पुलिस से संपर्क किया। शनिवार को, जब परिवार वाले कई कोशिशों के बाद भी इशरा से बात नहीं कर पा रहे थे, तो उन्होंने गुरुग्राम के सेक्टर-56 पुलिस स्टेशन में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
किसी भी परिवार के लिए यह स्थिति कितनी चिंताजनक होती होगी, जब उनका अपना कोई संपर्क से बाहर हो जाए?
पुलिस ने कैसे पता लगाया?
शिकायत मिलते ही पुलिस ने फौरन एक्शन लिया। उन्होंने इशरा के मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रेस करना शुरू किया।
जांच के दौरान पता चला कि उसके फोन की आखिरी लोकेशन सेक्टर-55 में श्रेष्ठ मलिक के PG आवास की आ रही थी। पुलिस टीम तुरंत उस पते पर पहुंची।
वहां पहुंचकर पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन किसी ने भी कोई शोरगुल, लड़ाई-झगड़ा या संदिग्ध गतिविधि होने की जानकारी नहीं दी। इसके बाद पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की, ताकि कोई सुराग मिल सके।
लेकिन, असली तस्वीर तो कमरे के अंदर थी। जब पुलिस टीम किसी तरह उस कमरे में दाखिल हुई, तो उनके होश उड़ गए।
इशरा अयूबी का शव खून से लथपथ पड़ा था। कमरे में हर तरफ खून के धब्बे फैले हुए थे, जो इस बात की गवाही दे रहे थे कि उस पर कितनी बेरहमी से हमला किया गया था।
शुरुआती जांच में पता चला कि इशरा की मौत चाकू से किए गए कई गहरे घावों के कारण हुई है। यह मंजर देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह कितना खौफनाक पल रहा होगा।
इसके बाद, फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को मौके पर बुलाया गया। FSL टीम ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और आगे की जांच के लिए हर छोटे-बड़े सबूत इकट्ठा किए।
इस तरह के मामलों में फॉरेंसिक सबूतों की भूमिका बहुत अहम होती है, जो मामले की परतें खोलने में मदद करते हैं।
दूसरे सिरे पर क्या हो रहा था?
जैसे-जैसे पुलिस हत्या के मामले की जांच में आगे बढ़ रही थी, एक और हैरान करने वाली जानकारी सामने आई। गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (GRP) ने पहले ही गढ़ी रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक से एक व्यक्ति का शव बरामद किया था।
यह शव क्षत-विक्षत हालत में था, क्योंकि उसे एक चलती ट्रेन ने टक्कर मारी थी और शरीर दो टुकड़ों में कट गया था।
GRP को घटनास्थल से एक मोबाइल फोन मिला। इस फोन की मदद से मृतक की पहचान श्रेष्ठ मलिक के तौर पर हुई।
यह पहचान होते ही, गुरुग्राम में दर्ज हत्या के मामले और रेलवे ट्रैक पर मिली लाश के बीच सीधा कनेक्शन स्थापित हो गया। अब पुलिस के सामने तस्वीर थोड़ी साफ होने लगी थी, लेकिन पूरी नहीं।
जांचकर्ताओं को अब इस बात पर पक्का शक है कि श्रेष्ठ मलिक ने पहले इशरा अयूबी की हत्या की और फिर खुद अपनी जान दे दी। यह एक ऐसा मामला है, जहां एक ही रात में दो जिंदगियां खत्म हो गईं और पीछे छोड़ गईं ढेर सारे सवाल।
पुलिस अब घटना के सही क्रम और इसके पीछे की असली वजह जानने के लिए लगातार जांच कर रही है। आखिर इन दो युवाओं के जीवन का इतना दर्दनाक अंत क्यों हुआ, यह सवाल अभी भी कायम है, और पुलिस जल्द ही इस रहस्य से पर्दा उठाने की उम्मीद कर रही है।






































