नई दिल्ली: शेयर बाजार में जैसे किसी ने धमाका कर दिया हो! हफ्ते का पहला कारोबारी दिन निवेशकों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। सुबह-सुबह जैसे ही बाजार खुला, हरे-भरे निशान की उम्मीद करने वाले निवेशकों को एक झटके में तगड़ा झटका लगा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही औंधे मुंह गिरे और सिर्फ कुछ ही मिनटों में लाखों करोड़ रुपये स्वाहा हो गए। बाजार में ये कोहराम मचा क्यों, इसकी वजह काफी दूर, अंतरराष्ट्रीय मंच पर हुई एक हलचल से जुड़ी है।
बता दें कि अमेरिकी और ईरानी तनाव एक बार फिर गहरा गया है। खबर आई कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी दी है।
इस खबर के आते ही कच्चे तेल के दामों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला और इसका असर पूरी दुनिया के शेयर बाजारों पर पड़ा। भारत भी इससे अछूता नहीं रहा और घरेलू मार्केट में भी इसकी जबरदस्त आंच महसूस की गई।
आखिर मार्केट में कितनी बड़ी गिरावट आई?
अगर आंकड़ों की बात करें तो शुरुआत में ही सेंसेक्स 700 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी भी फिसलकर 24,000 के स्तर पर आ गया। यह गिरावट सिर्फ बड़े इंडेक्स तक सीमित नहीं थी।
ब्रॉडर मार्केट, यानी निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में भी आधे फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। मतलब, छोटे-बड़े सभी निवेशक इस बिकवाली के दबाव में आ गए।
इससे पहले, 10 जुलाई 2026 को बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली थी। उस दिन सेंसेक्स 827.57 अंक चढ़कर 77,569.39 पर बंद हुआ था और निफ्टी 50 भी 244.10 अंक उछलकर 23,206.90 पर बंद हुआ था।
लेकिन आज की सुबह बाजार के लिए बिल्कुल उल्टी साबित हुई, और ये बड़ी गिरावट के साथ खुले।
सुबह 09:16 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, सेंसेक्स 670.36 अंक यानी 0.86 फीसदी की फिसलन के साथ 76,899.03 पर ट्रेड कर रहा था। वहीं, निफ्टी 50 भी 196.50 अंक यानी 0.81 फीसदी की गिरावट के साथ 24,010.40 पर था।
दिन के कारोबार के दौरान, सेंसेक्स एक समय 711.96 अंक टूटकर 76,857.43 तक पहुंच गया था, जबकि निफ्टी भी 206.70 अंक गिरकर 24,000.20 के निचले स्तर तक आ गया था। निवेशकों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती थीं।
निवेशकों की तिजोरी से कितने पैसे हुए गायब?
इस गिरावट का सबसे बड़ा नुकसान निवेशकों को उठाना पड़ा। सिर्फ शुरुआती घंटों में ही उनकी दौलत में करोड़ों रुपये की कमी आ गई।
एक कारोबारी दिन पहले, यानी 10 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप 4,81,30,322.70 करोड़ रुपये था। लेकिन आज, 13 जुलाई 2026 को यह घटकर 4,79,47,242.67 करोड़ रुपये रह गया।
सीधे-सीधे कहें तो निवेशकों की कुल पूंजी में आज सुबह-सुबह ही 1,83,080.031 करोड़ रुपये की जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। इतने कम समय में इतनी बड़ी रकम का गायब हो जाना बाजार के लिए एक गंभीर चेतावनी है।
यह बताता है कि अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम कैसे हमारे घरेलू बाजार को सीधे प्रभावित करते हैं।
कौन से सेक्टर्स में मची तबाही और कौन बचा रहा?
अगर अलग-अलग सेक्टर्स की बात करें तो आज ज्यादातर सेक्टर्स में लाल निशान ही दिख रहा था। ऑटो, मेटल, पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक जैसे सेक्टर्स में तो जैसे तबाही ही मच गई।
निफ्टी प्राइवेट बैंक को छोड़कर, बाकी सभी निफ्टी इंडेक्स 1 फीसदी या उससे ज्यादा कमजोर हुए हैं। इसका मतलब है कि इन सेक्टर्स से जुड़े शेयरों में निवेशकों ने जमकर बिकवाली की।
हालांकि, इस पूरी गिरावट के बीच भी एक सेक्टर में हल्की-फुल्की रौनक देखने को मिली। वो था आईटी सेक्टर।
निफ्टी आईटी इंडेक्स में हल्की बढ़त दर्ज की गई, जिससे पता चलता है कि ग्लोबल तनाव के माहौल में निवेशक थोड़ी सुरक्षित पनाहगाह ढूंढ रहे थे और आईटी कंपनियों को शायद ऐसे हालात में कम जोखिम वाला मान रहे थे।
सेंसेक्स के बड़े शेयरों का क्या हाल रहा?
सेंसेक्स में लिस्टेड कुल 30 शेयरों में से सिर्फ 6 शेयर ही हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। इन शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी टीसीएस (TCS), एचसीएलटेक (HCLTech) और इंफोसिस (Infosys) में देखने को मिली।
यह तीनों ही आईटी सेक्टर से जुड़ी दिग्गज कंपनियां हैं, जो आईटी सेक्टर में दिख रही हल्की तेजी को पुख्ता करता है।
वहीं, दूसरी तरफ, गिरावट वाले शेयरों की लिस्ट काफी लंबी थी। इंडिगो (Indigo), टाटा स्टील (Tata Steel) और मारुति (Maruti) जैसे बड़े नाम सबसे ज्यादा कमजोर दिखे।
इन शेयरों में जोरदार बिकवाली का दबाव था, जो निवेशकों की चिंता को दर्शाता है।
कुल मिलाकर, बीएसई पर फिलहाल 3113 शेयरों में ट्रेडिंग हो रही थी। इनमें से 1104 शेयर मजबूत दिख रहे थे, जबकि 1769 शेयरों में बिकवाली का दबाव था।
लगभग 240 शेयर स्थिर बने रहे। इस उठापटक के बीच 65 शेयर एक साल के अपने हाई लेवल पर पहुंच गए थे, लेकिन साथ ही 24 शेयर ऐसे भी थे जो एक साल के अपने निचले स्तर पर कारोबार कर रहे थे।
बाजार का यह उतार-चढ़ाव वाकई दिल दहलाने वाला रहा।




































