मुंबई: शेयर बाजार की दुनिया में कदम रखने से पहले, सुबह-सुबह कुछ बड़ी खबरों पर नज़र डालना बेहद ज़रूरी होता है. क्योंकि ये खबरें ही तय करती हैं कि आज बाजार किस करवट बैठेगा. आज का दिन भी कुछ ऐसा ही है. भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स की शुरुआत आज थोड़ी फीकी रहने की आशंका है, जो ट्रेडर्स और निवेशकों के लिए एक हल्का 'रेड फ्लैग' है.
शुरुआती कारोबार में ही, गिफ्ट निफ्टी करीब 0.79 फीसदी की गिरावट के साथ 24,045 के आसपास ट्रेड कर रहा है. यह एक निगेटिव संकेत है, जो बताता है कि शायद आज बाजार खुलते ही थोड़ी नरमी दिखा सकता है.
लेकिन ये तो सिर्फ शुरुआत है. चलिए, एक-एक करके उन अहम खबरों पर बात करते हैं, जो आज बाजार की दिशा तय करने वाली हैं.
आखिर आज बाजार का मूड कैसा है?
बाजार का मूड सुबह-सुबह थोड़ा डामाडोल लग रहा है. जैसा कि हमने देखा, गिफ्ट निफ्टी में कमजोरी दिख रही है.
यह ग्लोबल मार्केट से मिलने वाले संकेतों और कुछ घरेलू खबरों का मिला-जुला असर हो सकता है. निवेशकों की निगाहें आज उन बड़ी कंपनियों के नतीजों पर भी होंगी, जिनकी घोषणा आज होनी है, और साथ ही ग्लोबल स्तर पर क्रूड ऑयल और सोने की कीमतों पर भी.
लेकिन रुकिए, कल की कहानी कुछ और ही थी. 10 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में लगातार दूसरे दिन रौनक देखने को मिली थी.
अलग-अलग सेक्टर्स में जबरदस्त खरीदारी के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही करीब 1 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त के साथ बंद हुए थे.
SBI IPO में क्या हुआ नया खेल?
सबसे पहले बात करते हैं SBI फंड्स मैनेजमेंट के IPO की. इसकी चर्चा मार्केट में लंबे समय से चल रही थी.
खबर ये है कि इस आईपीओ का साइज घटा दिया गया है. पहले ये इश्यू 11,700 करोड़ रुपए का होने वाला था, जो अब घटकर 9,813 करोड़ रुपए कर दिया गया है.
ये अपने आप में एक बड़ी खबर है, क्योंकि आईपीओ का साइज कम होना कई बार बाजार में अलग-अलग अटकलों को जन्म देता है.
हालांकि, एक अच्छी खबर ये है कि SBI ने दिग्गजों को प्री-आईपीओ स्टेक बेचकर पहले ही 1,655 करोड़ रुपए जुटा लिए हैं. 'दिग्गज' यानी बड़े और संस्थागत निवेशक, जो किसी भी कंपनी के आईपीओ से पहले उसमें पैसा लगाते हैं.
उनका विश्वास कंपनी पर बाजार के मूड को अच्छा कर सकता है, भले ही आईपीओ का कुल साइज घटा हो.
DMart की रिपोर्ट कार्ड में क्या दिखा?
रिटेल सेक्टर के एक बड़े खिलाड़ी, एवेन्यू सुपरमाट्स यानी DMart के पहली तिमाही के नतीजे भी आ गए हैं. नतीजे अनुमान के मुताबिक ही रहे हैं, न बहुत शानदार न बहुत खराब.
कंपनी के मुनाफे में 11 प्रतिशत और रेवेन्यू में 15 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की गई है. ये आंकड़े बताते हैं कि कंपनी का कारोबार बढ़ रहा है और उसकी कमाई भी.
लेकिन यहां एक पेंच है – कंपनी के मार्जिन बिल्कुल 'फ्लैट' रहे हैं. मार्जिन वो मुनाफा होता है, जो कंपनी अपनी बिक्री से कमाती है.
अगर मुनाफा बढ़ रहा है लेकिन मार्जिन फ्लैट हैं, तो इसका मतलब है कि कंपनी की लागत भी बढ़ी है या फिर उसे कीमतों में ज्यादा बढ़ोतरी का फायदा नहीं मिल पाया. एक और चिंता की बात ये है कि मेट्रो शहरों के स्टोर्स की ग्रोथ में थोड़ा दबाव दिख रहा है.
यानी, बड़े शहरों में DMart को शायद उतनी रफ्तार नहीं मिल रही, जितनी छोटे शहरों में.
कल बाजार में क्यों आई थी रौनक?
अब बात करते हैं कल यानी 10 जुलाई के बाजार की, जब भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स ने लगातार दूसरे दिन 'रिकवरी' का झंडा गाड़ा था. ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों के दम पर बाजार मजबूती के साथ खुला था और पूरे सेशन के दौरान अपनी बढ़त बनाए रखी थी.
निफ्टी 50 ने तो इंट्राडे में 24,228.45 का हाई लेवल भी छू लिया था, जो निवेशकों के लिए उत्साह की बात थी.
इस शानदार तेज़ी में IT शेयरों का अहम योगदान रहा था. IT कंपनियों के अच्छे प्रदर्शन ने बाजार को सहारा दिया.
इसके साथ ही, रियल्टी, मेटल और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में भी खूब खरीदारी देखने को मिली, जिसने बाजार के सेंटीमेंट को और मजबूत किया. कारोबार के अंत में सेंसेक्स 827.57 अंक या 1.08 प्रतिशत बढ़कर 77,569.39 पर और निफ्टी 244.10 अंक या 1.02 प्रतिशत बढ़कर 24,206.90 पर बंद हुआ था.
कुल मिलाकर, कल का दिन निवेशकों के लिए अच्छा साबित हुआ था.
ग्लोबल मार्केट से क्या संकेत मिल रहे हैं?
घरेलू बाजार के साथ-साथ ग्लोबल मार्केट से मिलने वाले संकेत भी बहुत मायने रखते हैं. फिलहाल, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल देखने को मिला है.
हॉर्मुज स्ट्रेट में बढ़ी 'टेंशन' के चलते ब्रेंट क्रूड 4 प्रतिशत बढ़कर 79 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है. क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए अच्छी खबर नहीं होतीं, क्योंकि इससे महंगाई का खतरा बढ़ जाता है.
दूसरी तरफ, डॉलर इंडेक्स 101 के ऊपर चल रहा है, जो डॉलर की मजबूती को दर्शाता है. मजबूत डॉलर भी कई बार उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए चिंता का विषय बन जाता है.
वहीं, सोने की बात करें तो ये 4,100 डॉलर प्रति औंस के नीचे फिसल गया है. इसकी वजह ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका बताई जा रही है.
जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो निवेशक सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों के बजाय फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स में पैसा लगाना पसंद करते हैं.
L&T की कंपनियों का परफॉर्मेंस कैसा रहा?
इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन सेक्टर की दिग्गज कंपनी लार्सन एंड टुब्रो की दो कंपनियों के नतीजे भी बाजार में चर्चा का विषय बने हुए हैं. LTM ने पहली तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे पेश किए हैं.
कंपनी की 'कॉन्सटेंट करेंसी' यानी CC रेवेन्यू ग्रोथ 0.3% रही है. इसका मतलब है कि मुद्रा विनिमय दरों के उतार-चढ़ाव को हटाकर कंपनी की मूल आय में वृद्धि हुई है.
कंपनी के मुनाफे में 9% से ज्यादा की बढ़त रही है और मार्जिन में भी सुधार दिखा है. इसके अलावा, कंपनी की 'ऑर्डर बुक' भी मजबूत बताई जा रही है, जो भविष्य के कारोबार का संकेत देती है.
वहीं, L&T फाइनेंस की बात करें, तो इसके प्रॉफिट और ब्याज से होने वाली कमाई यानी NII (नेट इंटरेस्ट इनकम) में 28% से ज्यादा की बढ़त दर्ज हुई है. कंपनी की 'रिटेल लोन बुक' ने भी 'गाइडेंस' यानी अनुमान से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है, जो बताता है कि कंपनी ने व्यक्तिगत ग्राहकों को दिए जाने वाले कर्जों में अच्छा काम किया है.
HCL Tech पर भी रहेगी नज़र, क्यों?
आज बाजार की निगाहें IT सेक्टर की बड़ी कंपनी HCL TECH के नतीजों पर भी टिकी रहेंगी. आज कंपनी के पहली तिमाही के नतीजे आने वाले हैं.
बाजार को उम्मीद है कि कंपनी की कॉन्सटेंट करेंसी में 1.1 प्रतिशत की ग्रोथ हो सकती है. IT सेक्टर के नतीजे हमेशा बाजार के मूड को प्रभावित करते हैं, खासकर जब ग्लोबल अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता हो.
ऐसे में HCL Tech के नतीजे इस सेक्टर और पूरे बाजार के लिए एक अहम संकेत हो सकते हैं.
तो कुल मिलाकर, आज बाजार में कई बड़ी खबरें हैं, जो निवेशकों के फैसलों पर असर डालेंगी. शुरुआती कमजोरी के बाद बाजार कैसा रिएक्ट करता है, यह देखना दिलचस्प होगा.
निवेशकों को आज सावधानी से ट्रेड करने की सलाह दी जाती है.




































