मुंबई: अगर आप सोमवार सुबह अपना पोर्टफोलियो चेक करने वाले हैं, तो थोड़ा संभल जाइए। ग्लोबल मार्केट से जो संकेत मिल रहे हैं, वो भारतीय शेयर बाजार के लिए कुछ खास अच्छे नहीं दिख रहे। गिफ्ट निफ्टी की हालत देखकर लग रहा है कि आज सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत काफी कमजोर हो सकती है।
मोटा-मोटी हिसाब लगाएं तो गिफ्ट निफ्टी करीब 200 पॉइंट्स से ज्यादा की गिरावट दिखा रहा है। सुबह करीब 7:26 बजे यह 24,026.00 के लेवल पर ट्रेड कर रहा था।
इसका सीधा मतलब यह है कि जब आज भारतीय बाजार खुलेगा, तो शुरुआती दबाव साफ नजर आएगा।
सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि एशियाई बाजारों में भी इस वक्त काफी टेंशन का माहौल है। जापान का निक्केई 1 फीसदी तक फिसल गया है और दक्षिण कोरिया का कोस्पी तो 3 फीसदी तक नीचे गिर चुका है।
यानी ग्लोबल लेवल पर बिकवाली का दौर चल रहा है।
आखिर बाजार में यह गिरावट क्यों आ रही है?
इस पूरी उथल-पुथल के पीछे की सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट का तनाव है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की स्थिति और तनाव बढ़ने से पूरी दुनिया की नजरें खाड़ी देशों पर टिकी हैं।
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने का दावा किया है, जो कि तेल के ट्रांसपोर्ट के लिए दुनिया का सबसे अहम रास्ता है।
अब आप सोच रहे होंगे कि इसका असर शेयर बाजार पर कैसे पड़ा? दरअसल, इस दावे के बाद कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार उछाल आया है। जब कच्चा तेल महंगा होता है, तो ग्लोबल लेवल पर महंगाई (Inflation) बढ़ने का खतरा पैदा हो जाता है, जिससे इन्वेस्टर्स घबराकर अपनी पोजीशन काटने लगते हैं।
इसी वजह से एशियाई बाजारों में मिला-जुला और ज्यादातर दबाव वाला कारोबार देखा गया। जापान का निक्केई 225 करीब 0.61% गिरा और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.74% की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था।
हालांकि, हांगकांग के हैंग सेंग फ्यूचर्स ने थोड़ी बढ़त के संकेत दिए हैं, लेकिन ओवरऑल माहौल फिलहाल कमजोर ही है।
वॉल स्ट्रीट और अमेरिकी बाजार का क्या हाल है?
दिलचस्प बात यह है कि जहां एशिया में गिरावट है, वहीं अमेरिकी बाजार यानी वॉल स्ट्रीट शुक्रवार को बढ़त के साथ बंद हुआ था। S&P 500 इंडेक्स अपने रिकॉर्ड हाई के बेहद करीब बंद हुआ।
इसका मुख्य कारण साउथ कोरिया की कंपनी SK Hynix का Nasdaq में धमाकेदार डेब्यू था, जिसने मेमोरी-चिप बनाने वाली कंपनियों को लेकर निवेशकों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं।
बता दें कि S&P 500 करीब 0.42% चढ़कर 7,575.39 पॉइंट्स पर बंद हुआ। वहीं Nasdaq 0.29% बढ़कर 26,281.61 पॉइंट्स पर और Dow Jones 0.29% की बढ़त के साथ 52,637.01 पॉइंट्स पर बंद हुआ।
अमेरिकी निवेशक अब अगले हफ्ते शुरू होने वाले तिमाही अर्निंग्स सीजन का इंतजार कर रहे हैं, जिससे यह पता चलेगा कि कंपनियों ने कितना मुनाफा कमाया है।
भारतीय बाजार के लिए क्या है संकेत?
अगर पिछले सेशन की बात करें, तो 10 जुलाई को भारतीय बाजार में रिकवरी दिखी थी। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में लगभग 1 परसेंट की बढ़त दर्ज की गई थी और लगभग सभी सेक्टर्स में जमकर खरीदारी हुई थी।
लेकिन सोमवार की सुबह का समीकरण बिल्कुल अलग है।
गिफ्ट निफ्टी के ट्रेंड्स बताते हैं कि भारतीय इंडेक्स की शुरुआत लगभग 193 पॉइंट्स या 0.80 परसेंट की गिरावट के साथ हो सकती है। निफ्टी फ्यूचर्स फिलहाल 24,041.50 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा है।
कुल मिलाकर, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और मिडिल ईस्ट का युद्ध जैसा माहौल भारतीय बाजार के लिए एक बड़ा चैलेंज बन गया है।






































