दिल्ली: भैया, अगर आप भी शेयर बाजार में पैसा लगाने का मन बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है. भारतीय शेयर बाजार में आईपीओ (IPO) का बुखार फिर से चढ़ने लगा है. पिछले कुछ महीनों से थोड़ी सुस्ती के बाद अब फिर से निवेशकों के लिए कमाई के बड़े मौके खुलने वाले हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि जुलाई महीने के खत्म होते-होते पांच बड़ी कंपनियां अपनी-अपनी तिजोरियां खोलकर बाजार में आने को तैयार हैं. सूत्रों की मानें, तो ये पांचों कंपनियां मिलकर करीब ₹15,000 करोड़ जुटाने की फिराक में हैं. यह एक बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकता है, क्योंकि इन बड़े आईपीओ से प्राइमरी मार्केट में जबरदस्त रौनक लौटने की उम्मीद है.
बाजार के जानकार बता रहे हैं कि निवेशकों के पास अब अलग-अलग सेक्टर्स में निवेश करने के ढेरों विकल्प होंगे. इन कंपनियों में कोयला खनन से लेकर डेयरी प्रोडक्ट्स और ग्रीन एनर्जी तक, कई तरह के बिज़नेस शामिल हैं.
कुल मिलाकर, यह समय उन लोगों के लिए शानदार होने वाला है जो नए स्टॉक्स में पैसा लगाकर मुनाफा कमाना चाहते हैं.
कौन-कौन सी कंपनियां बाजार में एंट्री मार रही हैं?
जुलाई के अंत तक जिन कंपनियों के आईपीओ आने की उम्मीद है, उनमें कुछ बड़े नाम शामिल हैं. ये कंपनियां न सिर्फ अपने-अपने सेक्टर्स में दमदार पकड़ रखती हैं, बल्कि इनके कारोबार का स्केल भी काफी बड़ा है.
इनमें से कई तो ऐसी हैं, जिनका नाम शायद आपने पहले भी सुना होगा. ये कंपनियां हैं:
- Caliber Mining & Logistics
- Milky Mist Dairy Foods
- Juniper Green Energy
- Lohia Corp
- Manipal Health Enterprises
इन कंपनियों के साथ ही, अगले हफ्ते SBI Funds Management का भी आईपीओ खुलने वाला है, जो कि खुद एक बड़ा प्लेयर है. इसके अलावा, Alpine Texworld का आईपीओ भी जल्द ही निवेशकों के लिए उपलब्ध होगा.
यह साफ इशारा है कि बाजार में अब माहौल पूरी तरह से बदल चुका है और नए सिरे से जोश देखने को मिल रहा है.
जून और जुलाई के आंकड़े क्या कहते हैं?
अगर हम पिछले कुछ महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो पता चलता है कि आईपीओ बाजार धीरे-धीरे ही सही, लेकिन रफ्तार पकड़ रहा है. जून के महीने में कुल 7 आईपीओ आए थे, जिनके जरिए कंपनियों ने करीब ₹2,718 करोड़ जुटाए थे.
यह एक अच्छा संकेत था कि निवेशक फिर से प्राइमरी मार्केट में इंटरेस्ट दिखा रहे हैं.
वहीं, जुलाई के महीने में भी अभी तक कई आईपीओ लॉन्च हो चुके हैं. इनमें Knack Packaging, Kusumgar और Laser Power & Infra जैसी कंपनियां शामिल हैं, जिन्होंने बाजार में दस्तक दी है.
इन छोटे और मध्यम आकार के आईपीओ ने बाजार को गर्म रखने का काम किया है और अब बड़े आईपीओ की बारी है.
किस कंपनी का आईपीओ कितना बड़ा होगा और क्या खास है उनमें?
अब बात करते हैं कि कौन सी कंपनी कितने रुपये जुटाने वाली है और उनका कारोबार क्या है. एक-एक करके इन कंपनियों की डिटेल्स जानते हैं:
- Caliber Mining & Logistics: यह कंपनी करीब ₹500-600 करोड़ जुटाने की प्लानिंग में है. बता दें कि यह देश की टॉप 10 कोयला खनन सेवा कंपनियों में गिनी जाती है, जिसका मतलब है कि यह इस सेक्टर की एक बड़ी प्लेयर है.
- Milky Mist Dairy Foods: तमिलनाडु की एक प्रमुख डेयरी कंपनी, Milky Mist Dairy Foods का आईपीओ करीब ₹2,000 करोड़ का हो सकता है. डेयरी प्रोडक्ट्स की बढ़ती डिमांड को देखते हुए यह आईपीओ निवेशकों के लिए अच्छा ऑप्शन हो सकता है.
- Juniper Green Energy: यह ग्रीन एनर्जी सेक्टर की कंपनी है, जो करीब ₹1,800 करोड़ जुटाने की तैयारी में है. पहले इसका आईपीओ ₹3,000 करोड़ का प्रस्तावित था, लेकिन अब इसका साइज थोड़ा घटा दिया गया है. इससे पता चलता है कि कंपनियां बाजार की स्थितियों को ध्यान में रखकर अपने प्लांस में बदलाव कर रही हैं.
- Lohia Corp: Lohia Corp करीब ₹500 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) लाएगी. यह कंपनी टेक्निकल टेक्सटाइल मशीनरी बनाने वाली दुनिया की प्रमुख कंपनियों में शामिल है, जो ग्लोबल लेवल पर अपनी पहचान रखती है.
- Manipal Health Enterprises: इस लिस्ट में सबसे बड़ा आईपीओ Manipal Health Enterprises का हो सकता है. यह कंपनी करीब ₹9,500 करोड़ जुटाने की तैयारी में है. यह Manipal Hospitals चेन का संचालन करती है, जो भारत के जाने-माने हॉस्पिटल ग्रुप्स में से एक है. हेल्थकेयर सेक्टर की मजबूत ग्रोथ को देखते हुए यह आईपीओ सबकी नजरों में रहेगा.
और कौन सी कंपनियां भी कतार में हैं?
सिर्फ यही पांच कंपनियां नहीं, बल्कि कुछ और बड़े नाम भी आईपीओ की कतार में खड़े हैं. बेंगलुरु की Tonbo Imaging और मध्य प्रदेश की Symbiotec Pharmalab भी जुलाई के आखिरी या अगस्त के पहले हफ्ते में अपना आईपीओ ला सकती हैं.
हालांकि, सूत्रों के मुताबिक, इनके इश्यू का साइज पहले की योजना से छोटा हो सकता है.
इसके अलावा, क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Zepto भी आईपीओ बाजार में एंट्री कर सकती है. हालांकि, यहां एक ट्विस्ट है.
सूत्रों का कहना है कि Zepto पहले के मुकाबले कम वैल्यूएशन पर बाजार में आ सकती है. इसका मतलब है कि कंपनी अपने पुराने अनुमानित मूल्यांकन से कम पर खुद को लिस्ट कर सकती है, जो निवेशकों के लिए एक अलग तरह का मौका हो सकता है.
आखिर आईपीओ बाजार में ये रौनक लौटी क्यों है?
अब सवाल उठता है कि अचानक आईपीओ बाजार में यह उछाल क्यों आया है? मार्केट एक्सपर्ट्स इसके पीछे कई वजहें बताते हैं. सबसे पहले, Jio Platforms और NSE जैसी दिग्गज कंपनियों के ड्राफ्ट पेपर दाखिल होने से प्राइमरी मार्केट में एक पॉजिटिव माहौल बना है.
जब बड़े खिलाड़ी मैदान में उतरने की तैयारी करते हैं, तो बाकी बाजार पर भी इसका अच्छा असर पड़ता है.
दूसरा बड़ा कारण ग्लोबल फैक्टर्स भी हैं. अमेरिका-ईरान के बीच तनाव में कमी आना और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने वैश्विक बाजारों को थोड़ी राहत दी है.
इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा है. साथ ही, विदेशी निवेशकों (FIIs) की भारतीय बाजार में बढ़ती खरीदारी ने भी आईपीओ मार्केट को तगड़ा सपोर्ट दिया है.
जब विदेश से पैसा आता है, तो बाजार में लिक्विडिटी बढ़ती है और नए इश्यूज को लॉन्च करने का माहौल बनता है.
ऐतिहासिक रूप से, जुलाई और अगस्त के महीनों को आईपीओ बाजार के लिए सबसे व्यस्त महीनों में गिना जाता है. ऐसे में, आने वाले हफ्तों में निवेशकों को कई बड़े पब्लिक इश्यू देखने को मिल सकते हैं और बाजार में पैसों की बारिश का दौर जारी रह सकता है.
निवेशकों को सलाह है कि वे किसी भी आईपीओ में निवेश करने से पहले एक्सपर्ट्स की राय जरूर लें और अपनी रिसर्च भी करें.





































