आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा से एक ऐसी खबर आई है, जिसे सुनकर किसी का भी दिल दहल जाएगा और शायद यकीन करना भी मुश्किल हो जाए। सोचिए, एक मां जिसने अपने बेटे को जन्म दिया, पाला-पोसा, बड़ा किया, उसी बेटे ने अपनी पत्नी को वापस घर लाने के लिए कथित तौर पर उसे जहर दे दिया। जी हां, ये कोई फिल्म की कहानी नहीं, बल्कि आगरा की सच्ची और बेहद दुखद वारदात है, जहां रिश्तों का खून हुआ है। आरोप एक बेटे पर है, जिसने कथित तौर पर अपनी ही मां को खाने में जहर मिलाकर मौत के मुंह में धकेलने की कोशिश की।
यह मामला रिश्तों की मर्यादा और कलयुग के इस दौर में इंसानियत पर सवाल खड़े करता है। पुलिस ने आरोपी बेटे को हिरासत में ले लिया है और पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।
ये सब शुरू हुआ एक घरेलू झगड़े से, जिसने इतना भयावह मोड़ ले लिया कि अब एक मां अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही है और बेटा सलाखों के पीछे।
आखिर क्या था इस कहानी का पूरा माजरा?
घटना की शुरुआत आगरा के एक परिवार में चल रहे संपत्ति विवाद से हुई। रविंद्र नाम का एक शख्स है, जिसकी पत्नी कुछ समय से अपने मायके में रह रही थी।
वजह थी परिवार में चल रहा ये लंबा-चौड़ा संपत्ति विवाद। रविंद्र का भाई मुकेश बताता है कि परिवार में प्रॉपर्टी को लेकर काफी समय से तनातनी चल रही थी, जिसने घर के माहौल में खटास घोल दी थी।
इसी तनातनी के चलते रविंद्र की पत्नी ने अपना मायका छोड़ना मुनासिब समझा था।
अब पति बेचारा, अपनी पत्नी को वापस घर लाना चाहता था। लेकिन कहते हैं न, जब घर की बात बिगड़ जाए तो बाहरी लोग भी आग में घी डालने का काम करते हैं।
यहां भी कुछ ऐसा ही हुआ।
पत्नी की मां ने रखी थी क्या शर्त?
पुलिस के मुताबिक, रविंद्र की पत्नी मायके में रह रही थी और उसकी सास (यानी रविंद्र की सास) ने एक ऐसी अजीबोगरीब शर्त रख दी, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। कथित तौर पर सास ने रविंद्र से कहा कि जब तक उसकी मां इस दुनिया से नहीं हट जाती, तब तक वो अपनी बेटी को वापस उसके ससुराल नहीं भेजेगी।
सोचिए, एक परिवार को तोड़ने के लिए, एक रिश्ते को खत्म करने के लिए ऐसी शर्त! आरोपों के मुताबिक, यहीं से इस पूरी साजिश की नींव रखी गई।
रिपोर्ट्स बताती हैं कि रविंद्र की सास फूलवती ने कथित तौर पर उसे जहर मुहैया कराया। यह आरोप है कि फूलवती ने रविंद्र को गतपुरा गांव बुलाया और उसे एक पैकेट दिया।
पैकेट में क्या था, ये तो जांच के बाद ही साफ होगा, लेकिन आरोप है कि फूलवती ने रविंद्र को साफ कह दिया था कि जब तक वो अपनी मां को 'रास्ते से नहीं हटाएगा', तब तक उसकी बेटी उसके साथ नहीं जाएगी। पुलिस अभी इन सभी आरोपों की जांच कर रही है और इनकी पुष्टि होना बाकी है, लेकिन एफआईआर में यही बातें दर्ज हैं।
कैसे दिया गया मां को जहर?
एफआईआर के मुताबिक, आरोपी रविंद्र ने दोपहर के खाने में अपनी मां राममूर्ति को छोले की सब्जी खिलाई। आरोप है कि इसी छोले में उसने चुपके से जहरीला पदार्थ मिला दिया था।
खाने के कुछ ही देर बाद, राममूर्ति की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें बेचैनी महसूस होने लगी और धीरे-धीरे उनकी हालत गंभीर होती चली गई।
परिवार को जब कुछ समझ नहीं आया, तो उन्हें फौरन अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल में डॉक्टर्स ने राममूर्ति को भर्ती किया और उनका इलाज शुरू हुआ। फिलहाल वे जिंदगी और मौत के बीच झूल रही हैं।
मां के इस हाल को देखकर उनके पति रणवीर सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। रणवीर सिंह ने अपनी शिकायत में जो बताया, वो और भी चौंकाने वाला था।
उन्होंने कहा कि पूछताछ के दौरान रविंद्र ने खुद बताया कि उसे जहर उसकी सास फूलवती ने ही दिया था।
पुलिस ने क्या एक्शन लिया है?
इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद, पुलिस तुरंत हरकत में आई। राममूर्ति के पति रणवीर सिंह की शिकायत के आधार पर पुलिस ने रविंद्र और उसकी सास फूलवती के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61 (जहर द्वारा चोट पहुंचाना), 109 (अपराध के लिए उकसाना) और 123 (आपराधिक साजिश के तहत किसी अपराध को अंजाम देने की योजना को छिपाना) के तहत मामला दर्ज किया है।
ये धाराएं इस बात की गंभीरता बताती हैं कि पुलिस इस मामले को कितनी संजीदगी से ले रही है।
पुलिस ने आरोपी रविंद्र को हिरासत में ले लिया है और उससे गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि वे इस मामले में हर पहलू की जांच कर रहे हैं।
मेडिकल और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है, क्योंकि वही सही मायनों में इस बात की पुष्टि करेंगी कि खाने में जहर था या नहीं और अगर था तो किस तरह का। इन रिपोर्ट्स के साथ-साथ जांच में सामने आने वाले बाकी सबूतों के आधार पर ही पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
यह मामला सिर्फ एक पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि रिश्तों के गिरते स्तर और मानवीय मूल्यों के पतन की एक भयावह मिसाल है। हर कोई यही सोच रहा है कि एक बेटा अपनी पत्नी के लिए अपनी ही मां की जान का दुश्मन कैसे बन सकता है।
पुलिस का कहना है कि जब तक पूरे मामले की सच्चाई सामने नहीं आ जाती, तब तक जांच जारी रहेगी।
राममूर्ति का इलाज जारी है और पूरा परिवार उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा है। इस घटना ने एक बार फिर समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर किस दिशा में जा रहे हैं हमारे रिश्ते और हमारी नैतिकता।




































