मौसम डेस्क: देश के कई हिस्सों में इन दिनों मॉनसून का मिजाज कुछ बदला-बदला सा है। कहीं रिमझिम फुहारों से मौसम सुहाना हो रहा है, तो कहीं मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने 13 जुलाई के लिए अपना ताजा वेदर बुलेटिन जारी कर दिया है, जिसमें देश के अलग-अलग राज्यों के लिए बारिश और गर्मी से जुड़े महत्वपूर्ण अपडेट्स दिए गए हैं। अगर आप भी अगले कुछ दिनों के मौसम को लेकर चिंतित हैं, तो यह खबर आपके काम की है।
IMD के मुताबिक, जहां उत्तर और पूर्वी भारत में मॉनसून का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है, वहीं दक्षिण और तटीय इलाकों का मौसम इसके ठीक उलट रहने वाला है। यानी, एक तरफ बारिश से राहत मिलेगी तो दूसरी तरफ गर्मी और उमस से लोगों का हाल बेहाल होगा।
आखिर मॉनसून की अक्षीय रेखा कहां से गुजर रही है?
मौसम विभाग ने बताया है कि इस समय मॉनसून की अक्षीय रेखा श्री गंगानगर से होते हुए हिसार, मेरठ, शाहजहाँपुर, गोरखपुर और फिर मुजफ्फरपुर तक जा रही है। इसके बाद यह रेखा पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर बढ़ते हुए दक्षिण असम तक पहुंच रही है।
इसके अलावा, उत्तर-पूर्वी बिहार, दक्षिण बांग्लादेश और उत्तर-पूर्वी असम के ऊपर अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण (cyclonic circulations) भी सक्रिय हैं। इन मजबूत वेदर सिस्टम के कारण ही देश के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज बदल रहा है।
इन सभी मौसमी गतिविधियों के चलते बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत कुल 11 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अब जानते हैं कि 13 जुलाई को देश के अलग-अलग राज्यों में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है।
किन राज्यों में होगी मूसलाधार और बहुत भारी बारिश?
मौसम विभाग ने 13 जुलाई के लिए कुछ खास राज्यों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। यानी इन इलाकों में रहने वाले लोगों को खासी सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
बादलों की भीषण गर्जना के साथ जोरदार बारिश की प्रबल संभावना जिन तीन प्रमुख राज्यों में है, वे हैं:
- बिहार: राज्य के कई हिस्सों में जोरदार बारिश देखने को मिलेगी।
- गंगा तटीय पश्चिम बंगाल: यह इलाका भी भारी बारिश की चपेट में रहेगा।
- असम और मेघालय: उत्तर-पूर्वी भारत के इन राज्यों में भी मूसलाधार बारिश का अनुमान है।
इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे जलभराव की स्थिति और खराब मौसम को देखते हुए विशेष सावधानी बरतें। निचली बस्तियों में पानी भरने और यातायात बाधित होने की आशंका है, इसलिए बाहर निकलने से पहले मौसम का हाल जरूर जान लें।
पूर्वी यूपी और उत्तराखंड समेत किन 8 राज्यों में है भारी बारिश का येलो अलर्ट?
सिर्फ मूसलाधार बारिश ही नहीं, देश के कई अन्य हिस्सों में भी मानसूनी हवाओं के चलते भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है।
इस लिस्ट में ये राज्य शामिल हैं:
- पूर्वी उत्तर प्रदेश: पूर्वी यूपी में भी मॉनसून का असर साफ दिखेगा।
- उत्तराखंड: पहाड़ी राज्य में भी भारी बारिश की संभावना है, जिससे भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।
- उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: इन पर्वतीय और तराई वाले इलाकों में भी अच्छी बारिश का अनुमान है।
- ओडिशा: पूर्वी भारत के इस राज्य में भी भारी बारिश के आसार हैं।
- अरुणाचल प्रदेश: उत्तर-पूर्वी राज्य में भी मॉनसून सक्रिय रहेगा।
- नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: इन सभी उत्तर-पूर्वी राज्यों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
इन इलाकों में जोरदार बारिश से कई तरह की दिक्कतें पैदा हो सकती हैं, जिनमें स्थानीय बाढ़, फसलों का नुकसान और बिजली आपूर्ति में व्यवधान शामिल हैं।
आंधी-तूफान और बिजली कड़कने को लेकर क्या है चेतावनी?
बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने कई राज्यों में आकाशीय बिजली गिरने और तेज रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान जारी किया है। यह अपने आप में एक गंभीर चेतावनी है, क्योंकि बिजली गिरने से जान-माल का नुकसान हो सकता है।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली कड़कने की आशंका है। इन इलाकों में लोगों को खासकर खुले में रहने से बचने की सलाह दी गई है।
इसी तरह, बिहार, झारखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के अलग-अलग हिस्सों में भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है। इन राज्यों में किसानों और खुले में काम करने वाले मजदूरों को विशेष सावधानी बरतनी होगी।
उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी अलग-अलग स्थानों पर तेज गरज के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। कुल मिलाकर, देश का एक बड़ा हिस्सा अगले 24 घंटों में खराब मौसम की चपेट में रहने वाला है।
क्या दक्षिण भारत में लू का प्रकोप जारी रहेगा?
एक तरफ जहां उत्तर और पूर्वी भारत मॉनसून की बारिश से सराबोर रहेगा, वहीं दक्षिण और तटीय इलाकों में मौसम बिल्कुल विपरीत रहने वाला है। तटीय आंध्र प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लू (Heatwave) की स्थिति बनी रहेगी।
यानी, यहां पारा चढ़ेगा और गर्मी लोगों को परेशान करेगी।
इसके अलावा, ओडिशा और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के कुछ हिस्सों में मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने वाला है। ऐसे में इन इलाकों के लोगों को डिहाइड्रेशन और गर्मी से जुड़ी बीमारियों से बचने के लिए खास उपाय करने होंगे।
पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और धूप में निकलने से बचना बेहद जरूरी है। कुल मिलाकर, देश का मौसम अगले कुछ दिनों तक कई तरह के रंग दिखाएगा, जिसमें कहीं राहत होगी तो कहीं आफत।









































