फाइनेंस डेस्क: शेयर बाजार की दुनिया में पिछला हफ्ता किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रहा. कभी खुशी, कभी गम... कुछ ऐसा ही माहौल था दलाल स्ट्रीट पर. पहले तो बाजार ऐसे लुढ़का कि लोगों को लगा कहीं फिर से कोई बड़ी आफत न आ गई हो, लेकिन फिर जो पलटवार हुआ, उसने सबको चौंका दिया. अब सवाल ये है कि क्या बाजार की ये 'अपर सर्किट' वाली चाल जारी रहेगी या फिर मुनाफावसूली का प्रेशर हावी होगा? आखिर 13 जुलाई को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, और किन लेवल्स पर रहेगी नजर, आइए जानते हैं एक्सपर्ट्स की जुबानी.
बुधवार को धड़ाम होने के बाद शुक्रवार को तो ऐसा लगा जैसे बाजार ने कसम खा ली थी कि उसे हार नहीं माननी. धुआंधार वापसी हुई! निफ्टी 50 पूरे 244 अंक ऊपर चढ़कर 24,206 के लेवल पर बंद हुआ.
कमाल की बात ये है कि इंडेक्स 162 अंकों की बढ़त के साथ खुला और पूरे सेशन में इसने अपनी बढ़त बनाए रखी. दिन के ऊपरी स्तर के करीब बंद होने का मतलब साफ था - खरीदार वापस आ चुके हैं और वे मूड में हैं!
अगर आपने शुक्रवार के ट्रेडिंग सेशन पर नजर डाली होगी, तो कुछ शेयरों ने खूब रंग जमाया. निफ्टी 50 के अंदर, Jio Financial Services, HDFC Life Insurance और Adani Enterprises ने टॉप गेनर्स की लिस्ट में अपनी जगह बनाई.
वहीं, दूसरी तरफ Dr. Reddy's Laboratories, Eternal और Bharti Airtel कुछ ऐसे शेयर रहे जिन्होंने निवेशकों को थोड़ा मायूस किया.
सेक्टर्स की बात करें तो रियल्टी, PSU बैंक और आईटी सेक्टर ने तो वाकई कमाल कर दिया. इन सेक्टर्स में जोरदार खरीदारी देखने को मिली.
वहीं, FMCG इकलौता ऐसा बड़ा सेक्टर रहा जो थोड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ, लेकिन ये गिरावट इतनी मामूली थी कि इसे नजरअंदाज किया जा सकता है. इससे पता चलता है कि बाजार में चौतरफा खरीदारी का मूड बना हुआ था.
क्या मिडकैप और स्मॉलकैप में सिर्फ तुक्का था?
नहीं, ऐसा बिल्कुल नहीं है! सिर्फ बड़े शेयरों में ही तेजी नहीं थी. ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन तो बड़े शेयरों से भी कहीं ज्यादा शानदार रहा.
Nifty Midcap 100 पूरे 1.4% ऊपर चढ़कर एक नए रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया, तो Nifty Smallcap 100 ने भी 1.55% की बढ़त के साथ 52 हफ्ते का नया हाई बना दिया. इससे साफ है कि निवेशक अब सिर्फ लार्जकैप के पीछे नहीं भाग रहे, उनकी दिलचस्पी मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बढ़ रही है.
इस हफ्ते किन बातों पर रखनी होगी बारीक नजर?
बाजार सिर्फ देश की खबरों से ही नहीं चलता, दुनिया में क्या चल रहा है, इसका भी बड़ा असर पड़ता है. खबर है कि अमेरिका ने ईरान पर कुछ सैन्य कार्रवाई की है.
इसके बाद ईरान ने फिर से होर्मुज स्ट्रेट बंद करने का दावा किया है. अब सोचिए, अगर ये मामला गरमाया तो वैश्विक बाजारों में तनाव बढ़ना तय है.
और अगर कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने लगीं, तो इसका सीधा असर हमारे भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिल सकता है. महंगाई बढ़ने का डर और कंपनियों की लागत बढ़ने की चिंता निवेशकों को परेशान कर सकती है.
तो आखिर क्या कहते हैं बाजार के महारथी?
चलिए, अब सीधे उन एक्सपर्ट्स की राय जान लेते हैं, जिनकी सलाह पर निवेशक अपनी चाल तय करते हैं:
- नागराज शेट्टी (HDFC Securities) का मानना है कि भले ही बाजार में थोड़ा-बहुत उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा हो, लेकिन निफ्टी का शॉर्ट टर्म ट्रेंड अभी भी पॉजिटिव बना हुआ है. उनके हिसाब से आने वाले दिनों में निफ्टी 24,500 से 24,600 के स्तर तक जा सकता है. और हां, 24,000 का लेवल एक मजबूत सपोर्ट के तौर पर काम करेगा.
- रूपक डे (LKP Securities) भी शेट्टी साहब से इत्तेफाक रखते हैं. उनका कहना है कि बाजार में तेजी का रुख अभी भी कायम है. उन्होंने बताया कि 24,500 पर पहला बड़ा रेजिस्टेंस मिलेगा, जबकि 24,000 का लेवल एक महत्वपूर्ण सपोर्ट रहेगा. यानी ये दोनों लेवल बेहद अहम हैं, जिन पर ट्रेडर्स की नजर रहेगी.
- हितेश राठी (Angel One) ने लेवल्स को और बारीकी से समझाया है. उनके मुताबिक 24,000 से 23,930 का दायरा पहला सपोर्ट जोन है. अगर बाजार इसके नीचे खिसकता है, तो 23,850 से 23,800 का स्तर मजबूत सहारा देगा. वहीं, ऊपर की ओर देखें तो 24,280 से 24,320 पहला रेजिस्टेंस है. इसके बाद अगर बाजार यहां से भी ऊपर निकला तो 24,480 से 24,540 का स्तर अहम रेजिस्टेंस के तौर पर काम करेगा.
- नंदीश शाह (HDFC Securities) की राय भी दिलचस्प है. उन्होंने एक बड़ा टेक्निकल पॉइंट बताया है. शाह साहब का कहना है कि पूरे हफ्ते निफ्टी अपने 50-डे सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) यानी 23,829 के ऊपर ही बना रहा. ये कोई छोटी बात नहीं है, क्योंकि यह साफ-साफ बताता है कि निचले स्तरों पर लगातार खरीदारी हो रही है और निवेशकों का भरोसा कायम है. उनके मुताबिक 23,805 का स्तर एक अहम सपोर्ट है, जबकि 24,530 का स्तर एक बड़ा रेजिस्टेंस रहेगा.
सिर्फ निफ्टी ही नहीं, बैंक निफ्टी ने भी हफ्ते का अंत मजबूती के साथ किया. यानी बैंकिंग स्टॉक्स में भी निवेशकों का भरोसा लौटा है, जो बाजार के लिए एक अच्छा संकेत माना जा सकता है.






































