बाजार डेस्क: अगर आप शेयर बाजार के खिलाड़ी हैं या फिर इसमें अपनी किस्मत आज़माते रहते हैं, तो ये खबर आपके लिए है। कल यानी सोमवार, 13 जुलाई का दिन शेयर मार्केट में कुछ खास होने वाला है। क्यों? क्योंकि कई बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजे सामने आने वाले हैं, कुछ को नए ऑर्डर मिले हैं और कुछ बड़े कारोबारी अपडेट भी हैं। इन सबके बीच कच्चे तेल से जुड़ी एक खबर भी है, जो बाजार का मिजाज गरमा सकती है। कुल मिलाकर, कल 16 ऐसे स्टॉक्स हैं, जिन पर निवेशकों की पैनी नजर रहने वाली है और इनमें तगड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। तो चलिए, एक-एक करके समझते हैं कि कौन से हैं वो स्टॉक्स और क्या है उनके पीछे की कहानी!
अगर आप सोच रहे हैं कि आखिर इन स्टॉक्स पर इतनी हलचल क्यों रहेगी, तो इसकी कई वजहें हैं। कुछ कंपनियों के जून तिमाही के नतीजे आ रहे हैं, जो ये बताएंगे कि पिछली तिमाही में उनका परफॉरमेंस कैसा रहा।
कुछ कंपनियों को बड़े-बड़े ऑर्डर मिले हैं, जिससे उनके भविष्य की तस्वीर साफ होगी। वहीं, कुछ कारोबारी अपडेट्स और रेगुलेटरी फैसलों का असर भी दिखेगा।
और हां, कच्चे तेल की कहानी तो है ही, जो हमेशा बाजार में सनसनी मचाती रहती है।
कच्चे तेल से जुड़ी क्या है बड़ी खबर और इसका क्या असर होगा?
पहले बात करते हैं कच्चे तेल की, जो ग्लोबल बाजार में हमेशा एक बड़ा फैक्टर रहा है। खबर है कि ईरान एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) को बंद करने का मन बना रहा है।
ये वही जलडमरूमध्य है, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, खासकर तेल के लिए। अगर ऐसा होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव आ सकता है।
सोचिए, जब तेल की कीमतें ऊपर-नीचे होती हैं, तो इसका असर कितना बड़ा होता है!
इसका सीधा असर उन कंपनियों के शेयरों पर दिखेगा, जो कच्चे तेल पर निर्भर करती हैं। इनमें ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) जैसे इंडियन ऑयल, बीपीसीएल, एचपीसीएल शामिल हैं।
इसके अलावा, तेल निकालने वाली सरकारी कंपनियां जैसे ओएनजीसी (ONGC) और ऑयल इंडिया (Oil India) भी फोकस में रहेंगी। सिर्फ यही नहीं, पेंट बनाने वाली कंपनियां और टायर कंपनियां भी इससे प्रभावित हो सकती हैं, क्योंकि उनके उत्पादों में कच्चे तेल से बनने वाले डेरिवेटिव्स का इस्तेमाल होता है।
तो, कच्चे तेल से जुड़ी ये खबर इन सभी सेक्टर्स के लिए बड़ी गेम चेंजर साबित हो सकती है।
डीमार्ट का जून तिमाही में कैसा रहा प्रदर्शन?
अब आते हैं कुछ कंपनियों के नतीजों पर, जो पहले ही सामने आ चुके हैं। इनमें सबसे पहले नाम आता है एवेन्यू सुपरमार्ट्स (Avenue Supermarts) का, जिसे हम सब डीमार्ट (DMart) के नाम से जानते हैं।
जून तिमाही में डीमार्ट का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। कंपनी का शुद्ध मुनाफा (नेट प्रॉफिट) सालाना आधार पर 11.3% बढ़कर 860.6 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।
ये कंपनी के लिए एक अच्छी खबर है और निवेशकों को भी इससे खुशी मिलेगी।
रेवेन्यू की बात करें तो, डीमार्ट का रेवेन्यू भी 14.9% बढ़कर 18,794 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, कंपनी का EBITDA (अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन) 15.4% बढ़कर 1,499 करोड़ रुपये रहा।
EBITDA मार्जिन भी पिछले साल के 7.94% के मुकाबले थोड़ा बढ़कर 7.97% हो गया है। कुल मिलाकर, डीमार्ट ने इस तिमाही में सॉलिड परफॉरमेंस दिखाया है, जो निवेशकों को खुश कर सकता है।
जस्ट डायल की ग्रोथ धीमी क्यों रही और इसमें क्या खास हुआ?
जहां डीमार्ट ने धूम मचाई, वहीं लोकल सर्च प्लेटफॉर्म जस्ट डायल (Just Dial) की ग्रोथ इस तिमाही में थोड़ी धीमी रही है। कंपनी का रेवेन्यू तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर 0.5% और सालाना आधार पर (YoY) 6.3% बढ़ा।
देखने में ये ग्रोथ ठीक लग सकती है, लेकिन जब मुनाफे की बात आती है, तो थोड़ी निराशा हाथ लगी है।
जस्ट डायल का शुद्ध मुनाफा तिमाही आधार पर 15.2% और सालाना आधार पर 36.5% घट गया है। मुनाफे में इतनी बड़ी गिरावट की मुख्य वजह ट्रेजरी बुक पर हुए मार्क-टू-मार्केट (MTM) नुकसान से दूसरी आय (अदर इनकम) का कम होना रहा।
यानी, कंपनी ने अपने पैसे जहां निवेश किए थे, वहां से उतना रिटर्न नहीं मिला। इसके साथ ही, एक और बड़ी खबर आई है - कंपनी के सीएफओ (CFO) अभिषेक बंसल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
किसी भी कंपनी में सीएफओ का इस्तीफा एक महत्वपूर्ण घटना होती है, जिस पर बाजार की नजर रहती है।
एलटीएम (LTM) के नतीजे कैसे रहे और आईटी सेक्टर में क्या चल रहा है?
आईटी सर्विसेज कंपनी एलटीएम (LTM) या एलटीआईमाइंडट्री (LTIMindtree) के जून तिमाही के नतीजे अनुमान के मुताबिक ही रहे हैं। कॉन्स्टेंट करेंसी (constant currency) में कंपनी का रेवेन्यू 0.3% बढ़ा है, जबकि डॉलर के टर्म्स में रेवेन्यू 0.1% बढ़कर 1.2235 अरब डॉलर हो गया है।
आईटी सेक्टर में जब वैश्विक मंदी या चुनौतियों की बात होती है, तब ऐसे नतीजे काफी मायने रखते हैं।
कंपनी का EBIT मार्जिन बढ़कर 15.5% पहुंच गया है, जो विश्लेषकों के अनुमान से बेहतर है। इससे पता चलता है कि कंपनी ने अपनी लागत को बेहतर तरीके से मैनेज किया है।
वित्तीय सेवा (फाइनेंशियल सर्विसेज) कारोबार में 3.2% की बढ़त देखी गई, जबकि टेक्नोलॉजी सर्विसेज में 3.4% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ये आंकड़े बताते हैं कि आईटी सेक्टर में चुनौतियां होने के बावजूद, एलटीएम ने अपना बैलेंस बनाए रखा है।
आज किन कंपनियों के तिमाही नतीजे आएंगे?
सोमवार, 13 जुलाई का दिन सिर्फ पिछली तिमाही के नतीजों के लिए ही नहीं, बल्कि आने वाले नतीजों के लिए भी अहम है। आईटी सर्विसेज की दिग्गज कंपनी एचसीएलटेक (HCLTech) आज अपनी जून तिमाही के नतीजे जारी करेगी।
एचसीएलटेक जैसी बड़ी आईटी कंपनी के नतीजे पूरे सेक्टर का मूड सेट कर सकते हैं। इसके अलावा, बजाज कंज्यूमर (Bajaj Consumer), आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी (ICICI Prudential AMC) और नुवोको विस्टास (Nuvoco Vistas) जैसी कंपनियां भी अपने तिमाही नतीजे पेश करेंगी।
इन नतीजों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी, क्योंकि ये कंपनियों के भविष्य की दिशा तय करेंगे।
जेएसडब्ल्यू एनर्जी को कौन सा बड़ा ऑर्डर मिला है?
अब बात करते हैं उन कंपनियों की, जिन्हें नए बड़े ऑर्डर मिले हैं। बिजली क्षेत्र की जानी-मानी कंपनी जेएसडब्ल्यू एनर्जी (JSW Energy) के लिए एक अच्छी खबर है।
इसकी सहयोगी कंपनी, जेएसडब्ल्यू एनर्जी पीएसपी इलेवन लिमिटेड (JSW Energy PSP Eleven Ltd.) को 443.74 करोड़ रुपये का एक बड़ा ऑर्डर मिला है।
यह ऑर्डर बोंडाडा रिन्यूएबल एनर्जी (Bondada Renewable Energy) से मिला है।
इस ऑर्डर के तहत, जेएसडब्ल्यू एनर्जी की सब्सिडियरी कंपनी बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) और पावर कन्वर्जन सिस्टम (PCS) की सप्लाई करेगी। ये आज के समय की डिमांडिंग टेक्नोलॉजी है, खासकर रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में।
यह ऑर्डर जेएसडब्ल्यू एनर्जी के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है और यह कंपनी के रेवेन्यू और ग्रोथ में अहम योगदान दे सकता है।
पावर ग्रिड को भी मिला है नया प्रोजेक्ट, क्या है खासियत?
सरकारी पावर ट्रांसमिशन कंपनी पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (Power Grid Corporation of India) को भी एक नया ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट मिला है। यह प्रोजेक्ट कृष्णागिरी आरईजेड (Krishnagiri REZ) फेज-I परियोजना के लिए है, जिसके लिए कंपनी ने टैरिफ वाली प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया में जीत हासिल की है।
पावर ग्रिड जैसी कंपनी के लिए नए ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स का मिलना उसके भविष्य की ग्रोथ और सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्लान्स के साथ तालमेल बिठाने जैसा है। ऐसे प्रोजेक्ट्स से कंपनी की आय और स्टेबिलिटी दोनों बढ़ती हैं।
तो, कुल मिलाकर, सोमवार का दिन शेयर बाजार में कई बड़ी हलचलों से भरा रहने वाला है। निवेशकों को इन 16 स्टॉक्स पर खासकर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि इनमें कमाई के मौके भी बन सकते हैं और गिरावट का जोखिम भी हो सकता है।
बाजार पर नजर बनाए रखें!






































