मार्केट डेस्क: पिछले हफ्ते शेयर बाजार में माहौल थोड़ा डांवाडोल रहा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान में बंद हुए, मतलब कुल मिलाकर गिरावट दर्ज हुई। ऐसे में कई निवेशकों को शायद थोड़ी मायूसी हुई होगी, लेकिन इस उठापटक के बीच भी कुछ ऐसी कंपनियां थीं, जिन्होंने कमाल कर दिखाया। आपको जानकर हैरानी होगी कि बाजार की टॉप 10 सबसे बड़ी कंपनियों में से चार ने मिलकर अपने मार्केट कैपिटलाइजेशन (बाजार पूंजीकरण) में पूरे 92,995 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का इजाफा कर लिया। ये उन कंपनियों के लिए किसी लॉटरी से कम नहीं रहा, जबकि बाजार का मूड कुछ और ही कहानी कह रहा था।
बाजार की चाल थी उल्टी, फिर भी कुछ ने बाजी कैसे मारी?
बता दें कि पिछले सप्ताह सेंसेक्स 194.52 अंक यानी 0.25 प्रतिशत नीचे आया था, वहीं निफ्टी में भी 63.95 अंक या 0.26 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई। जब बड़े-बड़े इंडेक्स ही नीचे जा रहे हों, तो आम निवेशक सोचता है कि सबकी हालत खराब ही होगी।
लेकिन यहां मामला थोड़ा अलग रहा। इस मार्केट के उतार-चढ़ाव में भी कुछ खिलाड़ी ऐसे निकले, जिन्होंने अपनी धाक जमाई।
इन टॉप 10 कंपनियों में चार थीं, जिन्होंने अपने मार्केट कैप में तगड़ा उछाल देखा। इनमें एचडीएफसी बैंक और भारती एयरटेल ने सबसे ज्यादा फायदा उठाया।
ये दिखाता है कि बाजार में हर सिक्के के दो पहलू होते हैं; जहां कुछ के लिए चुनौती होती है, वहीं कुछ के लिए मौका भी बन जाता है।
जिन चार कंपनियों ने इस दौरान अपने मार्केट कैप में इजाफा दर्ज किया, उनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL), एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), भारती एयरटेल (Bharti Airtel) और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) शामिल हैं। इनके बढ़ते मार्केट कैप ने यह साबित किया कि मंदी के माहौल में भी इनकी पकड़ कितनी मजबूत है और निवेशकों का भरोसा इन पर कितना गहरा है।
ये कंपनियां सिर्फ आंकड़ों में नहीं, बल्कि बाजार की नब्ज पर भी अपनी पकड़ बनाए रखती हैं।
किन कंपनियों ने लगाया सबसे बड़ा दांव और कौन निकला विजेता?
अगर हम व्यक्तिगत तौर पर देखें तो एचडीएफसी बैंक ने इस हफ्ते शानदार प्रदर्शन किया। बैंक के मार्केट कैप में अकेले 35,808.09 करोड़ रुपये की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई, जिसके बाद इसका कुल मार्केट कैप बढ़कर 12,69,454.42 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
ये किसी भी बैंक के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, खासकर तब जब बाजार का मूड ठीक न हो। ठीक इसी तरह, भारती एयरटेल ने भी धूम मचाई।
एयरटेल का मार्केट कैप 34,896.92 करोड़ रुपये बढ़कर 11,98,774.22 करोड़ रुपये हो गया। टेलीकॉम सेक्टर में लगातार बढ़ते कंपटीशन के बावजूद एयरटेल का यह प्रदर्शन काबिले तारीफ है।
इसके अलावा, एलआईसी (LIC) ने भी निवेशकों को खुश किया। इसका मार्केट कैप 16,065.50 करोड़ रुपये बढ़कर 5,60,205.05 करोड़ रुपये हो गया।
भारतीय शेयर बाजार में एलआईसी की वापसी और फिर इस तरह की ग्रोथ दर्शाती है कि पब्लिक सेक्टर की यह दिग्गज कंपनी फिर से अपनी चमक बिखेर रही है। और हां, रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) की बात तो करनी ही पड़ेगी।
मार्केट में सबसे ऊपर रहने वाली इस कंपनी ने भी अपने मार्केट कैप में 6,224.97 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की, जिसके बाद इसका कुल मार्केट कैप 17,71,206.33 करोड़ रुपये हो गया। रिलायंस की यह स्थिरता और ग्रोथ वाकई कमाल की है, और यह दिखाती है कि क्यों यह कंपनी लगातार टॉप पर बनी रहती है।
और कौन-कौन सी कंपनियों को हुआ नुकसान, बाजार की हवा किसके खिलाफ बही?
अब बात उन कंपनियों की, जिनके लिए पिछला हफ्ता थोड़ा मुश्किल भरा रहा। कुल 6 कंपनियों के मार्केट कैप में गिरावट देखने को मिली और यह गिरावट भी छोटी-मोटी नहीं थी, बल्कि कुल मिलाकर 49,294.13 करोड़ रुपये की थी।
इनमें आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank), भारतीय स्टेट बैंक (SBI), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance), लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों के लिए यह हफ्ता शायद उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा होगा।
हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप सबसे ज्यादा 12,088.65 करोड़ रुपये घटकर 5,04,997.65 करोड़ रुपये रह गया। वहीं, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंजीनियरिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी एलएंडटी (L&T) को भी 11,040.23 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जिससे इसका मार्केट कैप 5,42,938.40 करोड़ रुपये पर आ गया।
आईटी सेक्टर की बड़ी खिलाड़ी टीसीएस (TCS) का मार्केट कैप भी 8,574.87 करोड़ रुपये घटकर 7,48,600.40 करोड़ रुपये हो गया। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि मार्केट में उतार-चढ़ाव कितना अनपेक्षित हो सकता है।
इसके अलावा, बजाज फाइनेंस का मार्केट कैप 7,813.58 करोड़ रुपये घटकर 6,35,327.78 करोड़ रुपये रह गया। बैंकिंग सेक्टर की एक और बड़ी कंपनी आईसीआईसीआई बैंक को भी 6,315.32 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जिससे इसका मार्केट कैप 10,05,379.71 करोड़ रुपये पर आ गया।
और देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक, एसबीआई (SBI) भी इस गिरावट से अछूता नहीं रहा, इसका मार्केट कैप 3,461.48 करोड़ रुपये घटकर 9,56,430.44 करोड़ रुपये हो गया। कुल मिलाकर, इन छह कंपनियों के लिए यह हफ्ता थोड़ी निराशा लेकर आया।
टॉप 10 कंपनियों में कौन कहां खड़ा है, और आगे क्या उम्मीदें हैं?
इस सब के बावजूद, सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों की रैंकिंग में रिलायंस इंडस्ट्रीज अभी भी पहले नंबर पर अपना दबदबा बनाए हुए है। इसके बाद एचडीएफसी बैंक दूसरे, भारती एयरटेल तीसरे, आईसीआईसीआई बैंक चौथे, एसबीआई पांचवें, टीसीएस छठे, बजाज फाइनेंस सातवें, एलआईसी आठवें, एलएंडटी नौवें और हिंदुस्तान यूनिलीवर दसवें स्थान पर काबिज हैं।
यह क्रम मार्केट की मौजूदा स्थिति को साफ तौर पर दर्शाता है।
आने वाले दिनों में बाजार की चाल और भी दिलचस्प हो सकती है, क्योंकि कई बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजे आने वाले हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज अपने अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे 17 जुलाई को जारी करेगी, जिस पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।
वहीं, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के नतीजे 18 जुलाई को सामने आएंगे। टीसीएस अपने नतीजे बीते हफ्ते 9 जुलाई को ही जारी कर चुकी है।
सिर्फ नतीजों का ही नहीं, बल्कि नए स्टॉक्स की लिस्टिंग का भी इंतजार है। नए हफ्ते में 15 जुलाई को कुसुमगर की लिस्टिंग एनएसई और बीएसई के मेनबोर्ड सेगमेंट में होने की उम्मीद है।
इसके ठीक अगले दिन, 16 जुलाई को लेजर पावर एंड इंफ्रा के शेयर भी एनएसई और बीएसई पर लिस्ट होंगे। इसी दिन बीएसई एसएमई पर देवसन कैटालिस्ट और एनएसई एसएमई पर हैप्पी स्टील्स के शेयरों की भी लिस्टिंग की उम्मीद है।
ये सभी इवेंट्स अगले कुछ दिनों तक बाजार में हलचल बनाए रखेंगे और निवेशकों को नए मौके दे सकते हैं।






































