मुंबई: पिछले कुछ दिनों से शेयर बाजार में क्या कुछ चल रहा है, ये हर उस शख्स के लिए एक बड़ा सवाल है जो पैसा लगाने की सोच रहा है या जिसने अपना पैसा पहले से ही मार्केट में लगा रखा है। कभी बाजार धड़ाम गिरता है, तो कभी तेजी से संभल जाता है। कुल मिलाकर, माहौल ऐसा बन गया है कि निवेशक समझ नहीं पा रहे कि ऊँट किस करवट बैठेगा। लेकिन मार्केट एक्सपर्ट्स ने अब कुछ अहम लेवल्स की तरफ इशारा किया है, जो आने वाले दिनों में निफ्टी 50 की चाल तय कर सकते हैं। मोटा-मोटी देखें तो अभी निफ्टी रेंज-बाउंड ट्रेडिंग के मोड में दिख रहा है, लेकिन कुछ खास लेवल्स पार करते ही ये टिकाऊ तेजी भी दिखा सकता है।
तो आखिर हुआ क्या था पिछले कुछ दिनों में?
बता दें, बीते हफ्ते शेयर बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बुधवार को तो मार्केट ने बड़ी गिरावट दर्ज की थी, जिससे कई निवेशकों की सांसें अटक गई थीं।
हालांकि, 10 जुलाई को निफ्टी में करीब 1 परसेंट की रिकवरी हुई, जिसने थोड़ी राहत दी। लेकिन ये रिकवरी बुधवार की उस बड़ी गिरावट के दायरे में ही रही, मतलब अभी भी वो पूरा नुकसान कवर नहीं हुआ था।
अच्छी बात ये रही कि इंडेक्स अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज और 100-दिन के EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) के ऊपर वापस लौट आया। साथ ही, मोमेंटम इंडिकेटर्स में भी सुधार देखने को मिला, जिससे बाजार का सेंटीमेंट थोड़ा बेहतर हुआ।
मार्केट के मूड को समझने के लिए एक और अहम इंडिकेटर होता है, निफ्टी पुट-कॉल रेशियो (PCR)। ये 10 जुलाई को पिछले सेशन के 0.94 से बढ़कर 1.25 हो गया था।
ये बताता है कि मार्केट में बुलिश सेंटीमेंट थोड़ा मजबूत हुआ है। वहीं, इंडिया VIX, जो बाजार में होने वाले संभावित उतार-चढ़ाव को मापता है, बुधवार को तो तेजी से बढ़ा था, लेकिन पिछले दो सेशन में ये बुल्स (यानी खरीदने वालों) के पक्ष में हो गया, जो बाजार के लिए एक पॉजिटिव संकेत है।
अब आगे क्या, निफ्टी के लिए कौन से लेवल हैं अहम?
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर निफ्टी 50 को 24,600 और 24,800 के लेवल्स की ओर एक टिकाऊ बढ़त (सस्टेनेबल अपट्रेंड) पक्की करनी है, तो उसे मजबूती से 24,400 का लेवल फिर से हासिल करना होगा। जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक बाजार में रेंज-बाउंड ट्रेडिंग जारी रहने की संभावना है।
मतलब, निफ्टी एक सीमित दायरे में ही घूमता रहेगा।
इस रेंज-बाउंड ट्रेडिंग के दौरान, निफ्टी के लिए 24,000 पर तत्काल सपोर्ट मिलेगा। ये एक ऐसा लेवल है जहां से बाजार को गिरने से रोकने में मदद मिल सकती है।
अगर किसी वजह से ये 24,000 का लेवल टूटता है, तो 23,800 पर दूसरा बड़ा सपोर्ट दिख रहा है। लेकिन अगर ये लेवल भी टूट जाता है, तो मार्केट एक लंबे कंसोलिडेशन के दौर में जा सकता है, जहां वो बिना किसी खास दिशा के लंबे समय तक एक ही दायरे में फंसा रह सकता है।
टेक्निकल इंडिकेटर्स क्या इशारा कर रहे हैं?
अगर हम डेली चार्ट पर नजर डालें, तो गैप-अप ओपनिंग के बाद निफ्टी 50 ने एक बुलिश कैंडलस्टिक बनाई है। इसमें ऊपर की तरफ एक छोटी शैडो थी, जो बताती है कि ऊंचे लेवल पर थोड़ी प्रॉफिट-बुकिंग तो हुई, लेकिन कुल मिलाकर खरीदने वाले हावी रहे।
सबसे अच्छी बात ये है कि निफ्टी अपने 10, 20 और 100-दिन के EMA के ऊपर वापस आ गया है और 50-दिन के EMA के ऊपर भी मजबूत बना हुआ है। ये सब आगे और रिकवरी की संभावना की तरफ इशारा करते हैं।
सिर्फ इतना ही नहीं, निफ्टी ने एक गिरती हुई रेजिस्टेंस ट्रेंडलाइन को भी पार कर लिया है। ये भी एक मजबूत संकेत है।
साथ ही, जून के निचले स्तर से जुलाई के ऊंचे स्तर तक की हालिया रैली के 23.6 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर भी निफ्टी पहुंच गया है। ये एक और टेक्निकली मजबूत स्थिति को दर्शाता है।
रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) भी बढ़कर 55.80 हो गया है और ये बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। इसका मतलब है कि खरीदने का मोमेंटम बढ़ रहा है।
वहीं, मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) अपनी सिग्नल लाइन के ऊपर बना हुआ है और ग्रीन हिस्टोग्राम बार भी बढ़ रहा है। ये सारे इंडिकेटर्स मिलकर यही बता रहे हैं कि बुधवार को आई तेज गिरावट के बाद निफ्टी 50 के शॉर्ट-टर्म मोमेंटम में काफी सुधार हुआ है।
बैंक निफ्टी का हाल क्या है?
सिर्फ निफ्टी ही नहीं, बैंक निफ्टी पर भी नजर रखना जरूरी है। इसके लिए भी कुछ खास सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल्स एक्सपर्ट्स ने बताए हैं:
- पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,216, 58,375 और 58,633
- पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,700, 57,541 और 57,283
- फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,717
- फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,305, 56,441
डेली चार्ट पर बैंक निफ्टी ने भी गैप-अप ओपनिंग के बाद अच्छी बढ़त दिखाई है। कुल मिलाकर, अभी मार्केट में सतर्कता के साथ निवेश करने की जरूरत है।
एक्सपर्ट्स द्वारा बताए गए इन लेवल्स पर नजर रखकर आप अपने सौदों को और बेहतर बना सकते हैं।




































