नई दिल्ली: चलती ट्रेन में अचानक एक ऐसा नजारा दिखा, जिसने सोशल मीडिया पर भूचाल ला दिया। वीडियो में दिख रहा था कि एक चलती-फिरती ट्रेन के डिब्बे के अंदर बाकायदा धार्मिक कार्यक्रम चल रहा है। पुजारी जी मंत्र पढ़ रहे हैं और श्रद्धालु सफेद कपड़ों में बैठकर पूजा में शामिल हैं। इस वीडियो के वायरल होते ही, लोगों ने सवाल पूछने शुरू कर दिए कि आखिर भारतीय रेलवे ने इसकी इजाजत कैसे दी? क्या ये नियम-कानूनों के खिलाफ नहीं? मामला इतना तूल पकड़ने लगा कि रेलवे को खुद सामने आकर पूरी कहानी बतानी पड़ी। तब जाकर पता चला कि ये मामला उतना भी सीधा नहीं था, जितना लोग समझ रहे थे।
असल में, ये वीडियो भारतीय ट्रेन में एक अलग ही लेवल की यात्रा को दिखा रहा था। ट्रेन अपनी रफ्तार से मंजिल की ओर बढ़ रही थी और अंदर एक पूरा का पूरा धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था।
इस क्लिप में साफ दिख रहा था कि एक ट्रेन के कोच में पंडित जी विधि-विधान से पूजा करवा रहे हैं। उनके आस-पास कई लोग बैठे हैं, सभी एक ही रंग के कपड़े यानी सफेद लिबास में।
मानो कोई बड़ा और खास धार्मिक आयोजन चल रहा हो। अब ये मंजर देखकर किसी का भी माथा घूम जाए, और ऐसा ही हुआ सोशल मीडिया यूजर्स के साथ।
उन्होंने तुरंत रेलवे को टैग करना शुरू कर दिया, रेल मंत्री को भी टैग किया और पूछा कि आखिर ये कैसे मुमकिन है?
वायरल वीडियो में आखिर दिखा क्या था?
वायरल हुई इस क्लिप में आप साफ तौर पर देख सकते हैं कि ट्रेन का एक कोच पूरी तरह से धार्मिक माहौल में डूबा हुआ है। फर्श पर एक पुजारी जी आसन लगाकर बैठे हैं और किसी पूजा को संपन्न करा रहे हैं।
उनके सामने अन्य श्रद्धालु भी बैठे हैं, जो पूरी श्रद्धा के साथ इस कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं। ज्यादातर लोग सफेद कपड़ों में हैं, जो किसी खास धार्मिक समूह का हिस्सा लगते हैं।
इस तरह का दृश्य किसी सामान्य यात्री ट्रेन के कोच में देखना वाकई चौंकाने वाला था। लोगों को लगा कि ये नियमों का खुला उल्लंघन है, कि चलती ट्रेन में ऐसे सामूहिक आयोजन की इजाजत कैसे मिल सकती है?
यही सवाल ट्विटर से लेकर फेसबुक तक हर जगह गूंजने लगा। पब्लिक ने सवाल किया कि क्या अब ट्रेनें भी पूजा-पाठ के लिए बुक होने लगी हैं, वो भी इतनी खुलेआम? सोशल मीडिया पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई, जिसमें लोग आश्चर्य और हैरानी जता रहे थे।
कई लोगों ने इसे रेलवे सुरक्षा और अन्य यात्रियों की असुविधा से भी जोड़कर देखा। सबको यही लग रहा था कि शायद किसी ने अपनी मनमर्जी चलाकर ये आयोजन कर लिया है, बिना किसी परमिशन के।
तो इस वायरल वीडियो पर रेलवे ने क्या सफाई दी?
मामला बढ़ता देख, भारतीय रेलवे को सामने आना पड़ा। उत्तर रेलवे ने बाकायदा एक ऑफिशियल स्टेटमेंट जारी कर पूरी गुत्थी सुलझा दी।
रेलवे ने बताया कि दरअसल, यह कोई आम यात्री कोच नहीं था जिसमें आप और हम सफर करते हैं। बल्कि, ये एक स्पेशल 'सलून कोच' था, जिसे निजी तौर पर बुक किया गया था।
यानी किसी आम पैसेंजर कोच में ऐसा कुछ नहीं हो रहा था, जैसा लोग सोच रहे थे। यह पूरी तरह से एक कमर्शियल बुकिंग के तहत हुई यात्रा थी, जिसकी इजाजत IRCTC ने दी थी।
रेलवे की इस जानकारी के बाद, वायरल वीडियो की असल कहानी सामने आई और लोगों के कई सवालों के जवाब मिल गए। अचानक से सारा कन्फ्यूजन दूर हो गया।
रेलवे ने स्पष्ट किया कि इस तरह के विशेष कोचों की बुकिंग के अपने नियम और प्रक्रियाएं होती हैं, और यह उन्हीं के तहत की गई थी। इससे यह भी पता चला कि भारतीय रेलवे के पास सिर्फ आम यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि लग्जरी और विशेष यात्राओं के लिए भी अलग-अलग विकल्प मौजूद हैं।
क्या होता है ये 'सलून कोच' जिसका जिक्र रेलवे ने किया?
अब ये 'सलून कोच' क्या होता है, ये जानना भी बड़ा दिलचस्प है। दरअसल, रेलवे का सलून कोच एक चलता-फिरता फाइव-स्टार होटल कह लीजिए, या फिर एक प्राइवेट महल! ये सामान्य कोच नहीं होते।
इनमें वो सारी सुख-सुविधाएं होती हैं, जिनकी आप कल्पना कर सकते हैं। इसमें एयर कंडीशन कमरे, आरामदायक बेडरूम, एक पूरा किचन जहां अपनी पसंद का खाना बन सके, डाइनिंग एरिया जहां बैठकर आराम से भोजन किया जा सके, और दूसरी लग्जरी सुविधाएं भी मौजूद होती हैं।
आम तौर पर, इनका इस्तेमाल बड़े रेलवे अधिकारी करते हैं या फिर विशेष यात्राओं के लिए इन्हें बुक किया जाता है। ये आपको किसी सामान्य पैसेंजर ट्रेन में ऐसे ही लगे हुए नहीं दिखेंगे।
इन्हें विशेष मांग पर, विशेष पैसों के साथ, IRCTC के जरिए बुक किया जाता है। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन ऑप्शन है जो ग्रुप में यात्रा कर रहे हों और उन्हें प्राइवेसी के साथ-साथ सभी आधुनिक सुविधाओं का लाभ उठाना हो।
इस तरह के कोच भारत में बहुत कम हैं और इनकी डिमांड भी काफी रहती है।
कितने पैसे में हुई थी ये खास सलून कोच की बुकिंग?
अब बात पैसे की। उत्तर रेलवे ने बुकिंग से जुड़े आंकड़े भी साफ किए।
उन्होंने बताया कि इस खास सलून कोच की बुकिंग कोई हल्की-फुल्की नहीं थी। इसे 8 जुलाई को IRCTC के जरिए एक निजी पार्टी ने बुक किया था।
और इसके लिए जो एडवांस राशि जमा की गई थी, वो जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे – पूरे 3,08,580 रुपये से भी ज्यादा! जी हां, तीन लाख रुपये से ऊपर का भुगतान करके इसे बुक किया गया था। यह रकम साफ बताती है कि यह एक प्रीमियम सर्विस है, जो हर किसी के लिए नहीं है।
यह कोच 10 जुलाई को सफर पर निकला था। इसे ट्रेन नंबर 12926 पश्चिम एक्सप्रेस के साथ जोड़ा गया था।
इसने नई दिल्ली से मुंबई के बांद्रा टर्मिनस तक का सफर तय किया। तो कुल मिलाकर, यह कोई अनाधिकृत काम नहीं था, बल्कि पूरी तरह से पैसे देकर, नियमों के तहत की गई एक लग्जरी यात्रा थी।
जिसने सोशल मीडिया पर तो खूब धमाल मचाया, लेकिन असलियत में सब कुछ कायदे-कानून के हिसाब से ही हुआ था।
Hello @AshwiniVaishnaw, was this approved by @RailMinIndia? If so, What is the procedure? pic.twitter.com/9VUJP53lJQ— Mohammed Zubair (@zoo_bear) July 12, 2026
सोशल मीडिया पर मोहम्मद जुबैर जैसे कई यूजर्स ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और रेल मंत्रालय को टैग करके सीधे-सीधे सवाल किए थे। उनके ट्वीट में साफ तौर पर पूछा गया था कि क्या इस तरह के आयोजन की अनुमति रेलवे ने दी है, और अगर हां, तो इसकी प्रक्रिया क्या है? इन सभी सवालों का जवाब रेलवे ने अपनी सफाई में दे दिया कि यह एक प्राइवेट बुकिंग थी, जिसके अपने नियम और कायदे हैं।
कुल मिलाकर, जो वीडियो पहले लोगों को हैरान कर रहा था और उन्हें लग रहा था कि शायद ट्रेन में किसी ने मनमानी की है, वो असल में भारतीय रेलवे के एक स्पेशल ऑफर का हिस्सा निकला। प्राइवेट सलून कोच की ये सुविधा उन लोगों के लिए है जो ट्रेन में एक अलग ही स्तर की यात्रा का अनुभव चाहते हैं, और इसके लिए मोटा पैसा खर्च करने को तैयार रहते हैं।
तो अगली बार अगर आपको चलती ट्रेन में कोई ऐसा अद्भुत नजारा दिखे, तो हो सकता है कि वो भी किसी ऐसे ही 'सलून कोच' की कहानी हो, जिसकी बुकिंग के पीछे लाखों की रकम और ढेर सारी लग्जरी सुविधाएं जुड़ी हों। भारतीय रेलवे का ये अनोखा पहलू अब सामने आ चुका है, और उम्मीद है कि इससे लोगों की सारी गलतफहमी दूर हो गई होगी।






































