निवेश डेस्क: शेयर बाजार की दुनिया में आजकल हर ज़ुबान पर एक ही सवाल है – निफ्टी क्या जुलाई में 25,000 का आंकड़ा छू पाएगा? निवेशक, ट्रेडर्स, और आम आदमी, सभी टकटकी लगाए बैठे हैं कि बाजार किस करवट बैठेगा। पिछले कुछ हफ्तों से बाजार का मिजाज कुछ ऐसा है कि कोई पक्का ट्रेंड नजर ही नहीं आ रहा। जैसे किसी चौराहे पर चार रास्ते हों और सब कंफ्यूज हों कि किधर जाएं।
ठीक ऐसी ही उलझी हुई तस्वीर निफ्टी के चार्ट पर भी दिखाई दे रही है। पिछले करीब 10-12 हफ्तों से लगातार 'स्पिनिंग टॉप' कैंडल बन रही हैं।
अब आप सोचेंगे ये 'स्पिनिंग टॉप' क्या बला है? दरअसल, ये कैंडल इस बात का इशारा करती हैं कि बाजार को कोई साफ दिशा नहीं मिल रही है। न खरीदार पूरी तरह हावी हैं और न ही बेचने वाले।
एक तरह से कह सकते हैं कि बाजार इस वक्त बड़े कंफ्यूजन में है।
ऐसे में ऑक्टानॉम टेक और हेज्ड के फाउंडर और सीईओ राहुल घोष ने बाजार की नब्ज टटोलते हुए कुछ अहम बातें बताई हैं। उनका कहना है कि इस अनिश्चितता के माहौल में निवेशकों को क्या करना चाहिए और किन स्तरों पर नजर रखनी चाहिए, ये जानना बेहद जरूरी है।
तो चलिए, एक-एक करके उनकी एनालिसिस पर गौर फरमाते हैं।
तो जुलाई में निफ्टी के 25,000 के पार जाने की कितनी उम्मीद है?
राहुल घोष के मुताबिक, निफ्टी का अभी 24,600-24,800 के जोन की तरफ बढ़ने से पहले कुछ समय के लिए 'कंसोलिडेट' होना यानी एक दायरे में घूमना तय है। उनकी एनालिसिस बताती है कि निफ्टी के लिए पहला बड़ा रेजिस्टेंस यानी रुकावट 24,600 के आसपास मौजूद है।
इसके बाद शॉर्ट से मीडियम टर्म में 24,800-24,900 पर एक मजबूत 'सप्लाई जोन' है, जहां से बाजार में बिकवाली का दबाव आ सकता है।
यहां एक और महत्वपूर्ण बात ये है कि 24,400 पर मौजूद '200 EMA' (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) कई बार एक मजबूत रुकावट साबित हुआ है। अगर निफ्टी को एक लगातार तेजी दिखानी है, तो उसे इस '200 EMA' के ऊपर decisively यानी मजबूती से बंद होना होगा।
इन सब प्रतिरोधों को देखते हुए, राहुल घोष को लगता है कि जुलाई के महीने में निफ्टी के लिए 25,000 का स्तर पार कर पाना मुश्किल है, या यूं कहें कि इसकी संभावना कम ही है।
तो भैया, मोटा-मोटी बात ये है कि जुलाई में 25,000 का आंकड़ा छूना फिलहाल दूर की कौड़ी लग रही है। बाजार पहले थोड़ा ठहरेगा, फिर अपनी दिशा तय करेगा।
बैंक निफ्टी का क्या हाल है, क्या वो तेजी के लिए तैयार है?
जब हम निफ्टी और बैंक निफ्टी की तुलना करते हैं, तो तस्वीर कुछ अलग ही नजर आती है। राहुल घोष साफ तौर पर कहते हैं कि बैंक निफ्टी, निफ्टी के मुकाबले कहीं ज्यादा मजबूत दिख रहा है।
यह पिछले दो हफ्तों से भी ज्यादा समय से अपने '200 EMA' के ऊपर टिका हुआ है और प्राइस एक्शन भी काफी पॉजिटिव है।
डेली चार्ट पर बैंक निफ्टी एक छोटे से 'ऊपर की ओर झुके हुए चैनल' में ट्रेड कर रहा है। इस चैनल का ऊपरी सिरा फिलहाल 58,700-58,800 के आसपास है।
अगर बैंक निफ्टी इस चैनल से बाहर निकलने में कामयाब होता है, तो आने वाले हफ्तों में इसमें और जोरदार तेजी देखने को मिल सकती है। साफ है कि बैंक निफ्टी में निवेश करने वालों के लिए यह एक उम्मीद भरी खबर है।
यह निफ्टी से कहीं बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।
कच्चे तेल (Crude Oil) का बाजार क्या कह रहा है?
कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट का ट्रेंड बना हुआ है। हालांकि, राहुल घोष मानते हैं कि इस बड़ी गिरावट के बाद बीच-बीच में थोड़ी रिकवरी यानी उछाल आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
क्रूड ऑयल अपने 'वीकली 200 EMA' से नीचे आ गया है, और जब ऐसा होता है, तो आमतौर पर लंबे समय तक गिरावट का दौर देखने को मिलता है।
उनकी एनालिसिस के मुताबिक, इतनी बड़ी गिरावट के बाद कच्चे तेल की कीमतें 81-82 डॉलर प्रति बैरल तक थोड़ी रिकवर हो सकती हैं। लेकिन आखिरकार, 58-60 डॉलर प्रति बैरल के 'मंथली सपोर्ट लेवल' का टेस्ट होने की पूरी संभावना है।
ऐसे में, निवेशकों को कच्चे तेल में 'सेल-ऑन-रैली' की रणनीति अपनानी चाहिए। इसका मतलब है कि जब भी कीमतों में थोड़ी तेजी आए, तो बेचकर निकल जाएं।
साफ है कि क्रूड ऑयल में अभी लंबी अवधि की तेजी की उम्मीद कम ही है।
रियल एस्टेट सेक्टर में क्यों है हलचल?
सिर्फ शेयर बाजार के इंडेक्स और कच्चे तेल ही नहीं, राहुल घोष ने रियल एस्टेट सेक्टर पर भी अपनी राय रखी है, और यहां की खबर थोड़ी सुकून देने वाली है। उन्होंने बताया कि रियल एस्टेट सेक्टर में आजकल अच्छी खासी हलचल दिख रही है।
खासकर गोदरेज प्रॉपर्टीज (Godrej Properties), डीएलएफ (DLF) और प्रेस्टीज (Prestige) जैसे बड़े नाम।
ये तीनों ही शेयर पिछले तीन-चार महीनों के 'कंसोलिडेशन' यानी ठहराव से बाहर निकल आए हैं। और तो और, ये अपने '200 EMA' के ऊपर भी आ गए हैं।
यह एक पॉजिटिव संकेत है, जो बताता है कि इनमें आगे और बढ़त की पूरी संभावना है। तो अगर आप रियल एस्टेट से जुड़े शेयरों में दिलचस्पी रखते हैं, तो इन पर अपनी नजर रख सकते हैं।
कुल मिलाकर, बाजार में इस वक्त काफी कुछ चल रहा है। निफ्टी जहां थोड़ा सुस्त दिख रहा है, वहीं बैंक निफ्टी में तेजी की उम्मीदें हैं।
कच्चे तेल में सावधानी बरतनी होगी, जबकि रियल एस्टेट सेक्टर में चमक दिख रही है। निवेशकों को इन बातों का ध्यान रखते हुए ही अपने कदम आगे बढ़ाने चाहिए।




































