मार्केट डेस्क: अक्सर ऐसा होता है कि कंपनी का मुनाफा बढ़ता है, धंधा बढ़ता है, लेकिन शेयर का भाव गोता लगा लेता है. अब आप सोचेंगे कि ऐसा कैसे हो सकता है? यही तो शेयर बाजार का खेल है, मेरे दोस्त! दिग्गज निवेशक राधाकिशन दमानी की कंपनी डी-मार्ट, जिसका असली नाम एवेन्यू सुपरमार्ट्स है, उसके साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है. जून 2026 तिमाही के नतीजे आए और कंपनी का कंसोलिडेटेड मुनाफा 11 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ा, ऑपरेशंस से कमाई में भी 15 प्रतिशत का उछाल आया. लेकिन भैया, शेयर बाजार में डी-मार्ट के शेयर धड़ाम हो गए, एक ही दिन में 4 प्रतिशत तक फिसल गए.
13 जुलाई को सुबह से ही एवेन्यू सुपरमार्ट्स के शेयरों में बिकवाली का दबाव साफ दिख रहा था. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर शेयर 3910 रुपये के लो तक गया, जो दिन भर की गिरावट के बाद 4 प्रतिशत तक का आंकड़ा छू रहा था.
लोगों को हैरानी थी कि जिस कंपनी के नतीजे इतने बढ़िया आए हैं, उसके शेयर में इतनी गिरावट क्यों? दरअसल, शेयर बाजार की अपनी गणित होती है, जहां सिर्फ मौजूदा आंकड़े नहीं, बल्कि भविष्य की उम्मीदें और पुराने प्रदर्शन से तुलना भी देखी जाती है.
आखिर मुनाफा बढ़ने पर भी शेयर क्यों टूटा?
चलिए, पहले आंकड़ों पर नजर डाल लेते हैं. जून 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा 11.33 प्रतिशत बढ़कर 860.61 करोड़ रुपये हो गया.
एक साल पहले, यानी जून 2025 में, यह आंकड़ा 772.97 करोड़ रुपये था. तो, प्रॉफिट तो बढ़ा है, इसमें कोई दो राय नहीं है.
वहीं, ऑपरेशंस से कंपनी का कुल कंसोलिडेटेड रेवेन्यू लगभग 15 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी के साथ 18,794.53 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. पिछले साल की इसी तिमाही में यह 16,359.70 करोड़ रुपये था.
EBITDA (अर्निंग बिफोर इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रीसिएशन और अमॉर्टाइजेशन) भी 1499 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो पिछले साल 1299 करोड़ रुपये था. EBITDA मार्जिन भी हल्का-सा सुधरा, 7.9 प्रतिशत से बढ़कर 8 प्रतिशत हो गया.
ये सारे आंकड़े तो इशारा कर रहे हैं कि कंपनी की सेहत बढ़िया है, तो फिर गिरावट का क्या मतलब?
असल में, बाजार में बड़े खिलाड़ियों की उम्मीदें कहीं ज्यादा होती हैं. जब हम कुल खर्चों पर नजर डालते हैं, तो पता चलता है कि यह सालाना आधार पर 15.11 प्रतिशत बढ़कर 17,637.17 करोड़ रुपये हो गया है.
हो सकता है कि बाजार को उम्मीद रही हो कि कंपनी इससे भी बेहतर प्रदर्शन करेगी या खर्चों पर थोड़ा और कंट्रोल करेगी.
पुराने स्टोरों का क्या हाल है और नए स्टोर कितने खुले?
डी-मार्ट के मैनेजिंग डायरेक्टर (एमडी) और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) अंशुल असावा ने तिमाही नतीजों पर अपनी राय रखी. उन्होंने बताया कि जो डी-मार्ट स्टोर दो साल या उससे ज्यादा पुराने हैं, उनकी वृद्धि दर जून 2026 तिमाही में 5.5 प्रतिशत रही.
एक साल पहले यह 7.1 प्रतिशत थी. यहां पर थोड़ी धीमी ग्रोथ दिख रही है, जो बाजार को शायद पसंद नहीं आई.
असावा ने यह भी बताया कि बड़े महानगरों में पुराने स्टोरों की वृद्धि दर स्थिर बनी हुई है. हालांकि, छोटे शहरों में नए स्टोरों में बढ़ोतरी अच्छी हो रही है, यह एक पॉजिटिव खबर है.
जून 2026 तिमाही के दौरान, डी-मार्ट ने अपने नेटवर्क में 3 नए स्टोर जोड़े, जिसके बाद उनके स्टोर्स की कुल संख्या बढ़कर 503 हो गई है. यह कंपनी के विस्तार की कहानी कहता है, लेकिन धीमी हुई 'लाइक-टू-लाइक' स्टोर ग्रोथ ने शायद निवेशकों को थोड़ा निराश किया.
डी-मार्ट और क्या बड़ी तैयारी कर रहा है?
कहानी यहीं खत्म नहीं होती. एवेन्यू सुपरमार्ट्स के बोर्ड ने एक बड़ा फैसला भी लिया है.
उन्होंने नॉन-कनवर्टिबल डिबेंचर (NCD) जारी करके 1000 करोड़ रुपये तक का फंड जुटाने को मंजूरी दी है. ये डिबेंचर प्राइवेट प्लेसमेंट बेसिस पर एक या एक से ज्यादा राउंड में जारी किए जाएंगे.
इसका मतलब है कि कंपनी अपने विस्तार और ऑपरेशन के लिए पैसे जुटाने की तैयारी में है.
मार्च 2026 के आखिर तक, कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 74.51 प्रतिशत थी, जो यह दिखाता है कि प्रमोटर्स का कंपनी में भरोसा मजबूत है. डी-मार्ट की देश के कई बड़े राज्यों में मजबूत मौजूदगी है, जिनमें महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, NCR (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र), तमिलनाडु, पंजाब और राजस्थान शामिल हैं.
DMart Ready की ऑनलाइन दुकान में क्या हो रहा है?
ऑनलाइन बिजनेस की भी बात कर लेते हैं. एवेन्यू ई-कॉमर्स के सीईओ विक्रम दासू ने बताया कि कंपनी ने अपने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म 'DMart Ready' के जरिए जून तिमाही में 7 शहरों में अपना कामकाज बंद कर दिया.
30 जून, 2026 तक, DMart Ready अब 11 शहरों में काम कर रहा था. यह कदम कंपनी की ऑनलाइन स्ट्रैटेजी में बदलाव का संकेत देता है, जहां वे शायद उन बाजारों पर फोकस कर रहे हैं, जहां उन्हें ज्यादा प्रॉफिटेबिलिटी दिख रही है.
ब्रोकरेज हाउस क्या सलाह दे रहे हैं?
इस गिरावट के बाद, कंपनी का मार्केट कैप घटकर 2.60 लाख करोड़ रुपये रह गया है. डी-मार्ट शेयर BSE 100 इंडेक्स का भी हिस्सा है.
तिमाही नतीजों और शेयर में गिरावट के बाद, ब्रोकरेज हाउस भी अपनी राय दे रहे हैं. ICICI सिक्योरिटीज ने डी-मार्ट के शेयर को 'होल्ड' करने की सलाह दी है.
उन्होंने इसका टारगेट प्राइस भी घटाकर 4200 रुपये प्रति शेयर कर दिया है. यानी, अभी के लिए उनका मानना है कि शेयर को बेचना नहीं चाहिए, लेकिन बहुत ज्यादा उम्मीद भी नहीं रखनी चाहिए.
अब देखना होगा कि आने वाले समय में डी-मार्ट का सफर कैसा रहता है और निवेशक इस पर कैसे प्रतिक्रिया देते हैं.




































