फाइनेंशियल डेस्क: शेयर बाजार की दुनिया भी कमाल की है। यहाँ कब कौन-सा शेयर रॉकेट बनकर आसमान छूने लगे और कब जमीन पर आ गिरे, कुछ कहा नहीं जा सकता। इसी उठा-पटक के बीच इन दिनों फिनो पेमेंट्स बैंक के शेयर जोरदार चर्चा में हैं। आज यानी बाजार खुलते ही इसके शेयरों में ज़बरदस्त उछाल देखने को मिला, जिसने निवेशकों की आँखों में चमक ला दी।
दरअसल, फिनो पेमेंट्स बैंक ने जून महीने के लिए अपना बिज़नेस अपडेट जारी किया है, और यकीन मानिए, इस अपडेट ने बाजार में आग लगा दी है। दमदार आंकड़ों के दम पर बैंक के शेयर 12% से भी ज़्यादा ऊपर चढ़ गए, जिससे निवेशकों में गजब का उत्साह दिखा।
हालांकि, दिन के कारोबार में कुछ मुनाफावसूली भी हुई, लेकिन कुल मिलाकर शेयर अब भी मजबूत स्थिति में बने हुए हैं। फिलहाल, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर यह करीब 9.78% की बढ़त के साथ 148.70 रुपये पर ट्रेड कर रहा था, जबकि इंट्रा-डे में तो यह 12.66% की छलांग लगाकर 152.60 रुपये तक पहुँच गया था।
जून महीने में फिनो पेमेंट्स बैंक ने क्या कमाल किया?
चलिए, अब ज़रा अंदर की बात बताते हैं कि जून महीने में फिनो पेमेंट्स बैंक ने ऐसा क्या कर दिखाया, जिससे इसके शेयरों में इतनी रौनक आ गई। सबसे पहले बात करते हैं इसके 'लोन रेफरल बिज़नेस' की।
ये बिज़नेस दरअसल फिनो पेमेंट्स बैंक के प्रस्तावित स्मॉल फाइनेंस बैंक (Small Finance Bank) के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट की तरह काम कर रहा है। और इस पायलट प्रोजेक्ट ने जून में तो धूम ही मचा दी!
आंकड़े बताते हैं कि लोन रेफरल बिज़नेस में सालाना आधार पर तीन गुना से भी ज़्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले साल जून में जहाँ यह 68 करोड़ रुपये था, वहीं इस साल यह बढ़कर सीधे 240 करोड़ रुपये पर पहुँच गया है।
खुद बैंक का कहना है कि यह शानदार ग्रोथ इस बात का सबूत है कि उनके मौजूदा कस्टमर बेस में लोन देने की कितनी जबरदस्त संभावनाएँ मौजूद हैं, और यह उनकी लॉन्ग-टर्म लेंडिंग स्ट्रैटेजी को भी मजबूती देता है।
सिर्फ लोन रेफरल ही नहीं, पेमेंट्स बैंक की कोर लायबिलिटी फ्रेंचाइजी भी जून में एकदम हेल्दी बनी रही। इस बैंक ने पिछले महीने में करीब 3.1 लाख नए खाते जोड़े, जो कि पिछले साल के मुकाबले 31% ज़्यादा हैं।
इन नए खातों के जुड़ने के बाद फिनो पेमेंट्स बैंक का कुल कस्टमर बेस बढ़कर 1.8 करोड़ अकाउंट्स तक पहुँच गया है। ये अपने आप में एक बड़ा आंकड़ा है, जो बैंक की बढ़ती पहुँच और ग्राहकों के भरोसे को दिखाता है।
डिजिटल मोर्चे पर भी फिनो पेमेंट्स बैंक ने जून में शानदार प्रदर्शन किया। उनकी मोबाइल एप्लीकेशन 'फिनोपे' के एक्टिव यूजर्स में भी लगातार सुधार देखने को मिला।
पिछले साल के मुकाबले इस बार एक्टिव यूजर्स में 38% की बढ़ोतरी हुई है, और यह आंकड़ा करीब 8.4 लाख तक पहुँच गया है। मतलब, ज़्यादा से ज़्यादा ग्राहक अब डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो मॉडर्न बैंकिंग के लिए एक प्लस पॉइंट है।
तो फिर बैंक को कहाँ लगा झटका, और क्यों?
अब ऐसा तो नहीं हो सकता कि सब कुछ ही अच्छा हो। हर कहानी में एक 'लेकिन' होता है, और फिनो पेमेंट्स बैंक की जून रिपोर्ट में भी यह 'लेकिन' मौजूद है।
बैंक के कुछ ट्रांजेक्शन बिज़नेस, जैसे रेमिटेंस (पैसे भेजना), माइक्रो एटीएम और आधार-इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AePS) सर्विसेज को जून महीने में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा। मतलब, इन मोर्चों पर उतनी तेज़ी देखने को नहीं मिली, जितनी बाकी बिज़नेस में थी।
क्या आपको पता है इसकी वजह क्या थी? इसकी एक बड़ी वजह यह है कि आजकल ग्राहक तेजी से यूपीआई (UPI) बेस्ड पेमेंट्स की तरफ बढ़ रहे हैं। लोग छोटी-मोटी चीज़ों के लिए अब कैश या कार्ड की बजाय सीधे यूपीआई का इस्तेमाल करते हैं।
इसके अलावा, बैंक ने अपनी स्ट्रैटेजी में बदलाव करते हुए अब मजबूत ट्रांजेक्शन प्रोफाइल वाले हायर-क्वालिटी मर्चेंट्स पर फोकस करना शुरू किया है, जिसके चलते भी इन बिज़नेस सेगमेंट्स में थोड़ी सुस्ती आई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इन क्षेत्रों में गिरावट की रफ्तार अब धीमी हुई है, जो एक तरह से स्थिरता का संकेत देती है।
निवेशकों को पिछले एक साल में कैसा अनुभव मिला?
अगर आप फिनो पेमेंट्स बैंक के शेयरों की पिछले एक साल की चाल देखें, तो कहानी थोड़ी अलग ही नज़र आती है। इन शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा 'शॉक' दिया है।
पिछले सिर्फ पाँच महीनों में ही इसने निवेशकों की आधी से ज़्यादा पूंजी घटा दी थी। यकीन नहीं होता, लेकिन ये सच है!
पिछले साल 21 अक्टूबर, 2025 को बीएसई पर इसका भाव 339.00 रुपये था, जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल था। लेकिन इस ऊँचाई से शेयर धड़ाम से नीचे गिरे और सिर्फ पाँच महीनों में ही यह 67.52% फिसलकर 25 मार्च, 2026 को 110.10 रुपये के लो लेवल पर पहुँच गया था।
तो अब आप समझ सकते हैं कि आज की 12% की उछाल निवेशकों के लिए कितनी बड़ी राहत लेकर आई होगी, खासकर उन लोगों के लिए जो इसमें काफी ऊपर के भाव पर फँसे हुए हैं। कुल मिलाकर, जून के आंकड़ों ने बैंक के लिए एक नई उम्मीद जगाई है और बाजार में इसकी स्थिति को मजबूत किया है।




































