मुंबई: शेयर बाजार की दुनिया में कब कौन सा शेयर धमाल मचा दे, कहना मुश्किल है। लेकिन जब किसी दमदार कंपनी के नतीजे उम्मीद से बेहतर आएं और उसके शेयर में बंपर उछाल दिखे, तो निवेशकों की बांछें खिल उठती हैं। कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला L&T फाइनेंस के शेयरों में, जहां एक खबर आई और शेयर बाजार में जैसे बिजली दौड़ गई। कंपनी ने ऐसी तिमाही रिपोर्ट पेश की कि सोमवार, 13 जुलाई को इसके शेयर करीब 3.8% तक उछल गए।
अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ऐसा क्या हुआ? दरअसल, कंपनी ने जून तिमाही के लिए जो कंसोलिडेटेड प्रॉफिट यानी कुल मुनाफा बताया है, वो अब तक का उनका सबसे ज़्यादा तिमाही मुनाफा है। इस शानदार प्रदर्शन के पीछे कई वजहें रहीं, जिनमें रिटेल लोन ग्रोथ (खुदरा कर्ज में बढ़ोतरी), अच्छे डिस्बर्समेंट (कर्ज बांटना) और एसेट क्वालिटी (कर्ज की गुणवत्ता) में सुधार प्रमुख हैं।
इन सब बातों ने दिग्गज ब्रोकरेज फर्म नोमुरा को भी मजबूर कर दिया कि वो L&T फाइनेंस के लिए अपनी कमाई के अनुमान को बढ़ा दे।
तो कंपनी ने इस तिमाही में क्या कमाल दिखाया?
L&T फाइनेंस के शेयरों ने बाजार में आते ही धूम मचा दी। सोमवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर ये शेयर 321.25 रुपये पर खुले, जो शुक्रवार की क्लोजिंग के लगभग बराबर था।
लेकिन निवेशकों के बीच उत्साह ऐसा था कि देखते ही देखते ये 333.50 रुपये प्रति शेयर के इंट्राडे हाई तक पहुंच गए। ये उछाल सिर्फ एक दिन की नहीं थी, बल्कि कंपनी के मजबूत फंडामेंटल्स और भविष्य की उम्मीदों को दिखा रही थी।
अगर आंकड़ों की बात करें, तो L&T फाइनेंस ने 30 जून, 2026 (Q1 FY27) को खत्म हुई तिमाही के लिए कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में साल-दर-साल (YoY) 28.7% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 701.10 करोड़ रुपये था, जो इस बार काफी बढ़ गया।
कंपनी का ऑपरेशन से कुल रेवेन्यू भी 22.4% बढ़कर 5,212.92 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं, टैक्स से पहले का प्रॉफिट (PBT) भी 31.1% बढ़कर 943.22 करोड़ रुपये हो गया।
ये आंकड़े साफ बता रहे हैं कि कंपनी की गाड़ी तेजी से आगे बढ़ रही है।
कर्ज की सेहत कैसी है, क्या फंसे हुए लोन कम हुए?
सिर्फ मुनाफा ही नहीं, कंपनी की लोन बुक भी बढ़ी है। 30 जून, 2026 तक इनकी कंसोलिडेटेड लोन बुक सालाना आधार पर 27% बढ़कर 1,29,634 करोड़ रुपये हो गई है।
एक साल पहले ये आंकड़ा 1,02,314 करोड़ रुपये था। खास बात ये है कि रिटेल लोन बुक, जो छोटे ग्राहकों को दिए गए कर्ज होते हैं, उसमें भी 28% की बढ़ोतरी हुई है।
ये 99,816 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,27,535 करोड़ रुपये हो गई। कंपनी का फोकस ग्रामीण और शहरी दोनों ही बाजारों में ग्रोथ और ज्यादा रिटर्न वाले लोन प्रोडक्ट्स पर बना हुआ है, जिसका फायदा उन्हें मिल रहा है।
L&T फाइनेंस ने अपनी एसेट क्वालिटी यानी कर्ज की गुणवत्ता में भी सुधार की रिपोर्ट दी है। आसान भाषा में कहें तो, इनके फंसे हुए कर्ज कम हुए हैं।
ग्रॉस स्टेज 3 (GS3) एसेट्स 30 जून, 2026 तक घटकर 2.86% हो गए, जो एक साल पहले 3.31% थे। वहीं, नेट स्टेज 3 (NS3) एसेट्स भी 0.99% से सुधरकर 0.90% हो गए।
ये बताता है कि कंपनी अपने लोन पोर्टफोलियो को लेकर काफी सतर्क है और रिकवरी पर भी पूरा ध्यान दे रही है। इससे कंपनी की वित्तीय सेहत और मजबूत होती है।
मैनेजमेंट ने क्या कहा इस प्रदर्शन पर?
L&T फाइनेंस के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO, सुदीप्ता रॉय ने इस शानदार प्रदर्शन पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “Q1FY27 एक और ऐसी तिमाही रही जहाँ हमने जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं (भू-राजनीतिक अस्थिरता), महंगाई के दबाव और बढ़ी हुई उधारी लागत (कर्ज लेने की ऊंची लागत) वाले बदलते मैक्रोइकोनॉमिक माहौल (बड़े आर्थिक माहौल) के बीच भी अनुशासन से काम करने पर ध्यान केंद्रित रखा।
”
उन्होंने आगे बताया, “इन बाहरी फैक्टर्स (बाहरी कारकों) के बावजूद, हमारी डायवर्सिफाइड रिटेल फ्रैंचाइज़ी (अलग-अलग खुदरा कारोबार) ने लगातार मजबूती दिखाई। इससे हमारे लक्ष्य '31 स्ट्रेटेजिक प्लान' (रणनीतिक योजना) के लक्ष्यों के मुताबिक मजबूत बिज़नेस मोमेंटम (कारोबारी गति) और हेल्दी बुक ग्रोथ (स्वस्थ कर्ज वृद्धि) मिली।
” यानी, कंपनी ने चुनौतीपूर्ण माहौल में भी अपनी रणनीति पर डटे रहकर अच्छा प्रदर्शन किया है।
तो अब खरीदें, बेचें या होल्ड करें? एक्सपर्ट्स की क्या राय है?
जब किसी शेयर में ऐसा उछाल आता है, तो निवेशकों के मन में एक ही सवाल होता है - क्या अब इसमें निवेश करना सही रहेगा? इस पर ब्रोकरेज फर्मों की अलग-अलग राय सामने आई है।
- JM फाइनेंशियल की राय: ब्रोकरेज फर्म JM फाइनेंशियल ने L&T फाइनेंस स्टॉक के लिए अपनी ‘ऐड’ (ADD) रेटिंग बरकरार रखी है। उनका टारगेट प्राइस 305 रुपये है। फर्म का कहना है कि कंपनी ने उम्मीद से ज़्यादा मजबूत नॉन-इंटरेस्ट इनकम (ब्याज से इतर आय) की रिपोर्ट दी है, जिससे PPOP (प्री-प्रोविज़न ऑपरेटिंग प्रॉफिट) में 35% साल-दर-साल और 10% तिमाही-दर-तिमाही की बढ़त हुई है। फर्म के मुताबिक, रिपोर्टेड NIM (नेट इंटरेस्ट मार्जिन) + फीस 10.47% पर स्टेबल है, जो मैनेजमेंट के गाइडेंस (10-10.5%) के हिसाब से ही है। उन्होंने ये भी बताया कि रिटेल स्टेज-2 और स्टेज-3 में तिमाही आधार पर क्रमशः 13bps और 5bps की गिरावट आई है, जो अच्छी बात है।
- मोतीलाल ओसवाल की राय: एक और दिग्गज ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि L&T फाइनेंस की Q1FY27 की कमाई मोटे तौर पर सही रही। इसे मजबूत डिस्बर्समेंट से सपोर्ट मिला, जिससे रिटेल लोन ग्रोथ अच्छी हुई। एसेट क्वालिटी भी मोटे तौर पर स्थिर रही, जिससे क्रेडिट कॉस्ट (कर्ज पर लागत) में क्रमिक रूप से कमी आई।
- जेपी मॉर्गन की राय: वहीं, जेपी मॉर्गन ने 320 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ अपनी 'न्यूट्रल' रेटिंग बरकरार रखी है।
कुल मिलाकर, ज्यादातर एक्सपर्ट्स कंपनी के प्रदर्शन से खुश दिख रहे हैं, लेकिन कोई इसे खरीदने की सीधी सलाह नहीं दे रहा। निवेशकों को अपनी सूझबूझ से ही फैसला लेना होगा।






































