दिल्ली: गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का नाम तो आपने सुना ही होगा। कभी कॉलेज के दिनों में छात्र राजनीति में कदम रखने वाला ये शख्स आज जुर्म की दुनिया का बड़ा चेहरा है। भारत की कई जेलों में इसका आना-जाना लगा रहता है, फिलहाल गुजरात की एक जेल में बंद है। लेकिन अब उसकी टेंशन सिर्फ भारत तक नहीं सिमट गई है। कहानी में एक बड़ा ट्विस्ट आया है। अमेरिका ने बाकायदा भारत से लॉरेंस बिश्नोई के प्रत्यर्पण (Extradition) की मांग कर डाली है। वो भी कोई छोटे-मोटे आरोप में नहीं, बल्कि खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के आरोप में!
सुनकर चौंक गए न? भारत में पहले ही कई गंभीर मामलों में फंसा लॉरेंस, अब अटलांटिक पार अमेरिका की एफबीआई (FBI) और वहां के डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस की भी रडार पर है। ये मामला सिर्फ एक गैंगस्टर के प्रत्यर्पण का नहीं, बल्कि भारत और अमेरिका के बीच कानूनी और कूटनीतिक संबंधों की भी एक नई कसौटी है।
आखिर ऐसा क्या हुआ कि अमेरिका को लॉरेंस बिश्नोई चाहिए, और वो भी निज्जर हत्याकांड के लिए?
सीधे-सीधे कहें तो, यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस (DoJ) ने खुद ये बात कन्फर्म की है। उन्होंने कहा है कि वो भारत से लॉरेंस बिश्नोई के एक्सट्रैडिशन की मांग करेंगे।
‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका इस कोशिश में है कि भारत से लॉरेंस को वहां ले जाया जाए।
आखिर निज्जर हत्याकांड में लॉरेंस बिश्नोई का नाम क्यों आया?
कुछ दिन पहले लॉस एंजिल्स में एक फेडरल चार्जशीट खुली थी। इसी चार्जशीट में लॉरेंस बिश्नोई को हरदीप सिंह निज्जर की हत्या समेत कई और अपराधों की साजिश रचने का मुख्य आरोपी बताया गया है।
निज्जर, एक कनाडाई नागरिक था, जिसकी 18 जून, 2023 को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। ये घटना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खूब चर्चा में रही थी, खासकर तब जब कनाडा के प्रधानमंत्री ने इसमें भारत सरकार के एजेंटों का हाथ होने का आरोप लगाया था।
हालांकि, भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था।
अब इस हत्या के तार सीधे लॉरेंस बिश्नोई से जुड़ते दिख रहे हैं, कम से कम अमेरिकी जांच एजेंसियों को तो ऐसा ही लग रहा है। अमेरिका का दावा है कि निज्जर को मारने का आदेश खुद लॉरेंस बिश्नोई ने दिया था।
अमेरिका क्यों चाहता है लॉरेंस बिश्नोई को?
कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के यूएस अटॉर्नी ऑफिस में पब्लिक अफेयर्स ऑफिसर सियारन मैकएवॉय ने इस पूरे मामले पर बयान दिया है। उन्होंने बताया कि बिश्नोई को अमेरिका लाने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और ये चलती रहेगी।
हालांकि उन्होंने ये भी साफ किया कि इस पूरी प्रक्रिया में अच्छा-खासा वक्त लग सकता है, उम्मीद है कि इसमें सालों लग जाएं।
मैकएवॉय ने एक ईमेल में ये बात कही, "बिश्नोई खुद भारत में जेल में बंद है। हम उसे अमेरिका में एक्सट्रैडिशन करने की कोशिश करना चाहते हैं।
(एक्सट्रैडिशन एक लंबी कानूनी प्रक्रिया है और इसे पूरा होने में अक्सर सालों लग जाते हैं)।" यहां गौर करने वाली बात ये है कि लॉरेंस बिश्नोई साल 2015 से ही भारत की अलग-अलग जेलों में बंद है।
इस वक्त वो गुजरात की एक जेल में अपनी सजा काट रहा है या यूं कहें कि कई मुकदमों का सामना कर रहा है।
बिश्नोई गैंग के और कौन-कौन से नाम हैं चार्जशीट में?
सिर्फ लॉरेंस बिश्नोई ही नहीं, इस फेडरल चार्जशीट में उसके कुछ और करीबी साथियों का भी नाम शामिल है। इनमें सबसे प्रमुख नाम है सतविंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ का, जो बिश्नोई का दाहिना हाथ माना जाता है और फिलहाल कनाडा में छिपा हुआ है।
इसके अलावा, जग्गू भगवानपुरिया और कनाडा में ही रहने वाले रविंदर सिंह ढांडा का नाम भी कथित गैंग लीडर के तौर पर इस चार्जशीट में है।
मैकएवॉय ने ये भी बताया कि बिश्नोई गैंग के सदस्यों को अभी तक यूएस कोर्ट के सामने पेश नहीं किया गया है क्योंकि वो अभी अमेरिका के अधिकार क्षेत्र में नहीं हैं। लेकिन उनके ट्रायल की तारीखें तय हो चुकी हैं।
आगे क्या होगा इस मामले में?
अब सवाल उठता है कि ये मामला आगे कैसे बढ़ेगा। मैकएवॉय के मुताबिक, ढांडा गैंग के सदस्यों का ट्रायल लॉस एंजिल्स की एक कोर्ट में 31 अगस्त को तय किया गया है।
वहीं, भगवानपुरिया गैंग के सदस्यों से जुड़ी कार्यवाही 1 सितंबर को लिस्ट की गई है। मतलब साफ है कि अमेरिका इस मामले को लेकर काफी गंभीर है और कानूनी कार्रवाई में कोई ढिलाई नहीं बरत रहा है।
भारत के लिए ये मामला थोड़ा पेचीदा हो सकता है। एक तरफ भारत के अपने कानून हैं और लॉरेंस बिश्नोई यहां कई मामलों में आरोपी है।
दूसरी तरफ, अमेरिका जैसा महत्वपूर्ण सहयोगी देश उसके प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है। ऐसे में भारत सरकार को कई कानूनी और कूटनीतिक पहलुओं पर विचार करना होगा।
ये देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय एजेंसियां और सरकार इस अमेरिकी मांग पर क्या रुख अपनाती है और क्या लॉरेंस बिश्नोई को वाकई एक दिन अमेरिकी कोर्ट का सामना करना पड़ेगा। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया है।








































