टेक डेस्क: स्मार्टफोन की दुनिया में आजकल कुछ नया देखने को मिल नहीं रहा. हर तरफ एक जैसी डिजाइन, एक जैसे फीचर्स. लेकिन भैया, हिसेंस ने माहौल बना दिया है. इन्होंने ऐसा फोन लॉन्च किया है जिसमें एक नहीं, दो-दो स्क्रीन हैं. और सबसे मजेदार बात ये है कि उनमें से एक स्क्रीन को आप जब चाहें, हटा सकते हैं. जी हां, डिटेचेबल स्क्रीन वाला फोन! हालांकि, ये फिलहाल चीन में ही लॉन्च हुआ है, लेकिन खबर इतनी दिलचस्प है कि हम आपको इसके बारे में बता रहे हैं.
आप सोच रहे होंगे कि ये माजरा क्या है? दो स्क्रीन, वो भी एक डिटेचेबल? असल में, फोन में सामने की तरफ एक ई-पेपर डिस्प्ले है, बिल्कुल वैसा जैसा आप किंडल जैसे ई-रीडर में देखते हैं. और फोन के पीछे की तरफ एक कलरफुल एलसीडी स्क्रीन है, जिसे आप अपनी मर्जी से लगा या हटा सकते हैं.
हिसेंस ने इस नए A10 हैंडसेट के साथ स्मार्टफोन डिजाइन में कुछ हटके करने की कोशिश की है.
हमें पता है, आपके मन में सवाल उठ रहे होंगे कि आखिर इसकी जरूरत क्यों पड़ी, ये कैसे काम करता है और क्या ये वाकई एक गेम चेंजर साबित होगा? चलिए, एक-एक करके सारे सवालों के जवाब ढूंढते हैं.
आखिर ये दो स्क्रीन का माजरा क्या है?
तो भैया, हिसेंस A10 में जो सामने वाली मेन स्क्रीन है, वो 6.13 इंच की मोनोक्रोम ई-पेपर डिस्प्ले है. आसान भाषा में समझें तो ये ब्लैक एंड व्हाइट स्क्रीन है, जो पढ़ने के लिए बेहतरीन मानी जाती है और आंखों पर जोर भी कम डालती है.
दूसरी तरफ, फोन के पीछे एक कलरफुल एलसीडी स्क्रीन दी गई है, जिसे आप अपनी जरूरत के हिसाब से लगा या हटा सकते हैं. ये ठीक वैसे ही है जैसे आप मैग्नेटिक कवर या एक्सेसरी लगाते हैं.
यह फोन लेटेस्ट एंड्रॉयड 16 पर चलता है. अब आप कहेंगे कि सिर्फ इतना ही पता है? तो बता दें, कंपनी ने फिलहाल बाकी स्पेसिफिकेशन्स का खुलासा नहीं किया है.
लेकिन, इतना जरूर पता चला है कि इसमें एक ऑक्टा-कोर 4nm चिपसेट लगा है. एक लीकर हैं 'Experience More', उनका कहना है कि ये चिपसेट स्नैपड्रैगन का है.
वैसे, 4nm चिपसेट का मतलब है कि ये कोई हाई-एंड फ्लैगशिप फोन तो नहीं होगा. लेकिन ई-पेपर स्क्रीन के साथ शायद बहुत हाई-एंड स्पेसिफिकेशन्स की जरूरत भी नहीं होती.
क्या डिटेचेबल एलसीडी स्क्रीन अलग से मिलेगी?
जी हां, 'Experience More' के मुताबिक, ये डिटेचेबल एलसीडी डिस्प्ले अलग से बेचा जाएगा. ये एक बढ़िया कदम है क्योंकि हर किसी को दो स्क्रीन की जरूरत नहीं होगी.
जिसको सिर्फ ई-पेपर का फायदा उठाना है, वो सिर्फ फोन ले सकता है. और जिसको कभी कलरफुल स्क्रीन की जरूरत पड़े, वो अलग से खरीद सकता है.
इसमें फायदे ही फायदे दिख रहे हैं ना?
इस आइडिया में एक पोटेंशियल है. ये आपको ई-पेपर और एक कन्वेंशनल फोन डिस्प्ले, दोनों के फायदे एक साथ दे सकता है.
और चूंकि दूसरी स्क्रीन डिटेचेबल है, इसलिए जब आपको उसकी जरूरत नहीं है, तो फोन का वजन या नाजुकता बढ़ाने की कोई टेंशन नहीं. सोचिए, जब आप सिर्फ पढ़ने वाले मोड में हों, तो सिर्फ ई-पेपर स्क्रीन, और जब आपको गेम खेलना हो या वीडियो देखना हो, तो एलसीडी लगा लो.
क्या कमाल का सिस्टम है, है ना?
हिसेंस ने डिस्प्ले की अदला-बदली में गलती तो नहीं कर दी?
यहां पर एक बात थोड़ी खटक रही है. कई टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि हिसेंस ने शायद स्क्रीन की पोजिशनिंग गलत कर दी है.
ज्यादातर लोगों के लिए ई-पेपर डिस्प्ले एक सेकेंडरी चीज होती है. मतलब, आप इसे किताब पढ़ने या बैटरी बचाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन स्मार्टफोन के ज़्यादातर काम (जैसे सोशल मीडिया, गेमिंग, वीडियो) तो कलरफुल एलसीडी या ओएलईडी स्क्रीन पर ही होते हैं.
अगर ई-पेपर स्क्रीन को डिटेचेबल बैक स्क्रीन बनाया जाता और सामने की तरफ कलरफुल एलसीडी होती, तो शायद यह ज़्यादा लोगों को पसंद आता. क्योंकि फोन का प्राइमरी इस्तेमाल तो आज भी कलर स्क्रीन से ही होता है, और ई-पेपर डिस्प्ले एक अतिरिक्त सुविधा के तौर पर पीछे होता, जिसे आप जरूरत पड़ने पर लगा लेते.
आपको क्या लगता है, क्या यह बदलाव बेहतर होता?
कौन हैं ई-पेपर फोन के खरीदार?
ऐसा नहीं है कि ई-पेपर फोन का कोई मार्केट नहीं है. कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें सादगी पसंद है या जो अपनी आंखों पर कम जोर डालना चाहते हैं, उनके लिए ई-पेपर डिस्प्ले वाले फोन एक बढ़िया विकल्प हैं.
साथ ही, ये फोन लोगों को अपने फोन का कम इस्तेमाल करने के लिए भी प्रोत्साहित करते हैं, क्योंकि एलसीडी या ओएलईडी डिस्प्ले की तुलना में इनमें ज्यादा 'फ्रिक्शन' होता है. मतलब, कलरफुल ऐप्स या नोटिफिकेशन्स का चकाचौंध नहीं होता, जो हमें बार-बार फोन देखने पर मजबूर करता है.
कुल मिलाकर, हिसेंस ने एक अलग रास्ता चुना है. यह देखना दिलचस्प होगा कि यह एक्सपेरिमेंट कितना कामयाब होता है.
फिलहाल ये फोन सिर्फ चीन के लिए ही अनाउंस हुआ है, तो भारत या बाकी दुनिया में कब आएगा, इसकी जानकारी अभी नहीं है. लेकिन इतना तय है कि इसने टेक की दुनिया में एक नई बहस जरूर छेड़ दी है.



































