नई दिल्ली: अगर आप भी त्योहारों या छुट्टियों के दौरान हवाई टिकट बुक करते वक्त अचानक बढ़े हुए दामों को देखकर चौंक जाते हैं, तो आपके लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर है। अब एयरलाइंस की मनमानी पर लगाम कसने की तैयारी हो चुकी है। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि हवाई किराए को रेगुलेट करने के लिए नए नियम तैयार कर लिए गए हैं, ताकि यात्रियों की जेब पर पड़ने वाला बोझ कम हो सके।
अक्सर देखा गया है कि जैसे ही दिवाली, होली या गर्मियों की छुट्टियों का सीजन आता है, फ्लाइट के टिकट की कीमतें रॉकेट की तरह ऊपर भागने लगती हैं। कई बार तो किराया दोगुना या तिगुना तक हो जाता है।
अब सरकार इस पूरे सिस्टम को बदलने की तैयारी में है।
बता दें कि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी है कि किराए को कंट्रोल करने वाले ये नियम तैयार हैं और अगले 30 दिनों के भीतर इन्हें संसद के दोनों सदनों के सामने रखा जाएगा। यानी बहुत जल्द हवाई सफर के लिए एक ऐसा सिस्टम होगा जहाँ कीमतों में होने वाला उतार-चढ़ाव अब एयरलाइंस की मर्जी से नहीं चलेगा।
आखिर यह पूरा मामला क्या है?
पूरी कहानी शुरू होती है एक जनहित याचिका से, जिसे एस. लक्ष्मीनारायणन ने दायर किया था।
इस याचिका में सीधा आरोप लगाया गया कि प्राइवेट एयरलाइंस 'डायनेमिक प्राइसिंग' (Dynamic Pricing) के नाम पर यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रही हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि ये डायनेमिक प्राइसिंग क्या बला है?
मोटा-मोटी बात यह है कि एयरलाइंस एक खास एल्गोरिदम का इस्तेमाल करती हैं। जैसे-जैसे डिमांड बढ़ती है, कीमतें अपने आप बढ़ती जाती हैं।
याचिकाकर्ता का कहना है कि इस सिस्टम में पारदर्शिता की भारी कमी है और यह आम यात्रियों के हितों के खिलाफ है।
सिर्फ टिकट का दाम ही नहीं, बल्कि पैसेंजर्स की शिकायतें इस बात को लेकर भी रहती हैं कि सीट चॉइस, एक्स्ट्रा सामान या खाने-पीने के नाम पर अलग से मोटी रकम वसूली जाती है। कई बार बुकिंग के वक्त किराया सस्ता दिखता है, लेकिन जब तक पेमेंट पेज तक पहुँचते हैं, कुल राशि काफी बढ़ चुकी होती है।
कोर्ट ने सरकार से क्या कहा?
इस मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच कर रही है। कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि इन नए नियमों की एक कॉपी जल्द से जल्द दाखिल की जाए।
सरकार को इसके लिए दो हफ्ते का समय दिया गया है।
कोर्ट ने भारतीय वायुयान अधिनियम 2024 का जिक्र करते हुए कहा कि एविएशन सेक्टर को आधुनिक बनाने के लिए लाए गए नियम बहुत महत्वपूर्ण हैं, लेकिन अब कोर्ट इस बात पर नजर रखेगा कि इनका अमल कैसे हो रहा है।
कुल मिलाकर, अब गेंद सरकार के पाले में है। इस मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होनी है, जिसमें यह साफ होगा कि नए नियम कितने सख्त होंगे और आम आदमी को कितनी राहत मिलेगी।
अगर ये नियम लागू हो जाते हैं, तो त्योहारों के समय टिकट बुकिंग का टेंशन काफी कम हो सकता है।








































