भोजपुर: बिहार के भोजपुर से एक ऐसी खबर आई है, जिसे सुनकर कलेजा मुंह को आ जाता है। सोचिए, एक नवविवाहित जोड़ा, जिसकी शादी को अभी चार महीने ही हुए थे, जिंदगी के सबसे हसीन पलों को समेटे अपनी नई नवेली दुनिया बनाने घर लौट रहा था। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। मनाली की खूबसूरत वादियों से वापस आ रहे इस जोड़े की गाड़ी एक कंटेनर से ऐसी टकराई कि पलभर में तीन जिंदगियां खत्म हो गईं। रफ्तार इतनी तेज थी कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए और भीतर फंसे लोगों को निकालने के लिए गेट तक काटने पड़े। ये मंजर जिसने भी देखा, उसकी रूह कांप गई।
यह दिल दहला देने वाला हादसा रविवार की सुबह करीब 5:30 बजे भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र में अमराई नवादा के पास हुआ। मरने वालों में झारखंड के देवघर निवासी प्रकाश सिंह (32) और उनकी पत्नी पल्लवी सिंह (28) शामिल हैं।
इनके साथ ही प्रकाश के फुफेरे देवर सारण जिले के दिघवारा स्थित इस्मईला के रहने वाले सौरभ कुमार (24) ने भी मौके पर ही दम तोड़ दिया। एक और दोस्त, जो इन्हीं के साथ यात्रा कर रहा था, बुरी तरह घायल है और अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है।
कैसे हुआ भीषण हादसा?
स्थानीय लोगों की मानें तो स्कॉर्पियो की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा से कम नहीं रही होगी। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि तेज रफ्तार स्कॉर्पियो सड़क किनारे खड़े एक ट्रेलर/कंटेनर ट्रक से जा टकराई।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कॉर्पियो का अगला हिस्सा पूरी तरह से चकनाचूर हो गया। गाड़ी एक स्टील के डिब्बे जैसी पिचकी हुई नजर आ रही थी।
भीतर बैठे लोग बुरी तरह फंस गए थे।
प्रत्यक्षदर्शी मुन्ना राय ने बताया, "सुबह-सुबह का वक्त था। अचानक एक जोर का धमाका हुआ।
हम तुरंत मौके पर भागे तो देखा कि स्कॉर्पियो एक खड़े ट्रक में घुसी हुई है। गाड़ी के भीतर लोग फंसे हुए थे।
दो लोगों को तो गाड़ी का गेट काटकर बाहर निकालना पड़ा। एक महिला, उसके पति और उनके देवर की मौत हो चुकी थी।
" एक अन्य चश्मदीद शैलेश कुमार ने बताया, "आवाज ऐसी थी, जैसे कोई बम फटा हो। जब मैं वहां पहुंचा तो देखा, आगे की सीट पर बैठे पति-पत्नी और बीच की सीट पर बैठे एक शख्स की मौत हो चुकी थी।
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नई नवेली ज़िंदगी का अंत
प्रकाश सिंह जिओ कंपनी में काम करते थे। उनकी शादी इसी साल 12 फरवरी को पल्लवी सिंह के साथ हुई थी।
अभी तो शादी को चार महीने भी पूरे नहीं हुए थे और उनका संसार उजड़ गया। शादी के बाद ये नया जोड़ा पहले नेपाल में पशुपति पारस दर्शन के लिए गया था।
वहां से लौटने के बाद, वे कुल्लू मनाली घूमने चले गए। मनाली से वापस आते हुए, वे प्रकाश के बहनोई के पास नोएडा रुके।
शनिवार को ही वे नोएडा से अपने घर देवघर, झारखंड के लिए निकले थे। प्रकाश मूल रूप से सारण जिले के ही रहने वाले थे, लेकिन काम के सिलसिले में देवघर में बस गए थे।
दुर्भाग्यपूर्ण रात, प्रकाश खुद गाड़ी चला रहे थे और पल्लवी बगल वाली सीट पर बैठी थीं। पीछे की सीट पर उनका भाई और दोस्त बैठे थे।
नियति का खेल देखिए, जो खुशी मनाने मनाली गए थे, वही सफर उनके जीवन का आखिरी सफर बन गया। जब पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन की तलाशी ली, तो उसमें से 10 मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनमें से 8 टक्कर की वजह से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके थे।
यह हादसा बताता है कि रफ्तार का जुनून कितना खतरनाक हो सकता है। ओवरस्पीड के कारण चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और एक खड़ी गाड़ी से टकरा गया।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय बिहिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त स्कॉर्पियो से शवों को बाहर निकाला।
सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए आरा सदर अस्पताल भेज दिया गया है। घायल व्यक्ति को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच में जुटी हुई है। यह जानने की कोशिश की जा रही है कि ड्राइवर ने नियंत्रण कैसे खोया और ट्रक कितनी देर से वहां खड़ा था।
फिलहाल इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके में मातम पसरा दिया है और लोगों को सबक दिया है कि रफ्तार जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।




































