भोजपुर: बिहार के भोजपुर जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने प्यार, परिवार और सरकारी सिस्टम के बीच उलझी एक दर्दनाक कहानी को सामने ला दिया है। आरा शहर में एक अल्पावास गृह (शॉर्ट स्टे होम) के अंदर 18 साल की एक युवती की लाश पंखे से लटकी मिली। जो भी सुना, सन्न रह गया। ये कोई सीधी-सादी आत्महत्या का मामला नहीं लग रहा, क्योंकि मृतका के पिता ने साफ-साफ हत्या की आशंका जताई है।
मृतका की पहचान नवादा इलाके के अमराई नवादा गांव के रहने वाले संजय कहार की बेटी राजनंदनी कुमारी के तौर पर हुई है। घटना नवादा थाना क्षेत्र के केजी रोड स्थित अल्पावास गृह की है।
पुलिस को सूचना मिली, टीम मौके पर पहुंची और शुरुआती जांच शुरू की गई। लेकिन इस घटना के पीछे की कहानी काफी लंबी और उलझी हुई है, जो करीब एक साल पहले शुरू हुई थी।
पिता संजय कहार का कहना है कि उनकी बेटी पिछले एक साल से इसी अल्पावास गृह में रह रही थी। दरअसल, राजनंदनी का गांव के ही एक लड़के से प्रेम-प्रसंग चल रहा था।
एक दिन दोनों ने घर से भाग जाने का फैसला कर लिया। बेटी के घर से गायब होने के बाद परिवार ने बिहियां थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी।
प्यार, फरार और अल्पावास गृह तक का सफर
पुलिस ने एफआईआर दर्ज होने के बाद कार्रवाई की और कुछ समय बाद राजनंदनी और उसके प्रेमी को आरा शहर के टाउन इलाके से बरामद कर लिया। यहां तक तो मामला पुलिस और परिवार के बीच था, लेकिन असली मोड़ तब आया जब राजनंदनी ने अपने माता-पिता के साथ घर जाने से साफ इनकार कर दिया।
उसने कहा कि वह अपने प्रेमी के साथ रहना चाहती है, या फिर अकेले ही रहेगी। परिवार लाख कोशिशों के बाद भी उसे मना नहीं पाया।
चूंकि राजनंदनी उस समय नाबालिग थी और प्रेम-प्रसंग का मामला था, इसलिए कोर्ट के आदेश पर उसे एक अल्पावास गृह में भेज दिया गया। यह एक ऐसा आश्रय स्थल होता है, जहां संकट में फंसी महिलाओं और लड़कियों को अस्थायी तौर पर सुरक्षित रखा जाता है।
राजनंदनी तब से लेकर अब तक, यानी करीब एक साल से इसी अल्पावास गृह में रह रही थी। इस दौरान परिवार के लोग उससे मिलने आते-जाते रहे, लेकिन राजनंदनी अपने फैसले पर अड़ी रही।
पिता संजय कहार ने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि शायद अल्पावास गृह में रहते-रहते राजनंदनी का मन बदल जाएगा और वह घर वापस आ जाएगी, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। अब तो सिर्फ उसकी लाश ही वापस आई है, और वो भी एक पंखे से लटकी हुई।




































