शेयेन (Cheyenne): अमेरिका के शेयेन शहर में एक ऐसी अजीबोगरीब घटना हुई है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। यहां मेटा (Meta) कंपनी के एक बड़े डेटा सेंटर ने शहर के पानी की सफाई करने वाले सिस्टम को बुरी तरह से प्रदूषित कर दिया। नतीजा ये हुआ कि शहर के दो बड़े वाटर रिक्लेमेशन प्लांट, यानी वो प्लांट जहां गंदे पानी को साफ करके दोबारा इस्तेमाल के लायक बनाया जाता है, महीनों के लिए बंद हो गए हैं। ये खबर किसी के लिए भी एक 'बहुत ही अप्रिय आश्चर्य' से कम नहीं है, खासकर तब जब प्रदूषण की वजह एक ऐसा बैक्टीरिया निकला जो आम तौर पर नहीं पाया जाता।
मामला तब सामने आया जब शेयेन बोर्ड ऑफ पब्लिक यूटिलिटीज ने ऐलान किया कि अब वे डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स से निकलने वाले औद्योगिक अपशिष्ट जल (industrial wastewater) को स्वीकार नहीं करेंगे। इस फैसले के पीछे की वजह थी शहर के रिक्लेमेशन प्लांट्स में एक दुर्लभ बैक्टीरिया का मिलना।
जांच में पता चला कि इस बैक्टीरिया का स्रोत और कोई नहीं, बल्कि मेटा का विशालकाय डेटा सेंटर ही था।
इस पूरे खेल की जड़ में वो पानी था, जिसका इस्तेमाल डेटा सेंटर के क्लोज्ड-लूप कूलिंग सिस्टम को 'भरने और फ्लश' (fill-and-flush) करने के लिए किया गया था। ये एक तरह से सिस्टम की सफाई का तरीका होता है।
जब ये गंदा पानी शहर के सीवेज सिस्टम में छोड़ा गया, तो इसने तबाही मचा दी।
क्या हुआ था और कौन था जिम्मेदार?
ये कहानी मार्च के अंत में शुरू हुई, जब गोट सिस्टम्स एलएलसी (Goat Systems LLC) नाम की कंपनी, जो मेटा के शेयेन कैंपस का निर्माण कर रही थी, ने अपने अपशिष्ट जल को शहर के सेनेटरी सीवर में छोड़ा। इस पानी के जाने के बाद ही प्लांट में जांच हुई और उसमें 'कप्रिवियाइडस गिलार्डी' (Cupriavidus gilardii) नाम का बैक्टीरिया पाया गया।
ये एक ऐसा बैक्टीरिया है जो पानी के लिए काफी खतरनाक हो सकता है। शेयेन बोर्ड ऑफ पब्लिक यूटिलिटीज ने हाल ही में पुष्टि की है कि इस प्रदूषण का सीधा संबंध मेटा के डेटा सेंटर से है।
इस गंभीर प्रदूषण के कारण, शहर के दो वाटर रिक्लेमेशन प्लांट्स को तत्काल प्रभाव से बंद करना पड़ा। इन प्लांट्स को दोबारा चालू करने और पूरी तरह से साफ करने में कई महीने लगने का अनुमान है।
सोचिए, एक बड़ी टेक कंपनी की एक छोटी सी लापरवाही या यूं कहें कि एक प्रक्रिया में हुई चूक ने पूरे शहर के पानी के सिस्टम को कैसे ठप कर दिया!
कैसे काम करता है 'फिल-एंड-फ्लश' सिस्टम?
डेटा सेंटरों में मशीनें लगातार चलती रहती हैं और बहुत ज़्यादा गर्मी पैदा करती हैं। इस गर्मी को कंट्रोल करने के लिए कूलिंग सिस्टम का इस्तेमाल होता है।
'क्लोज्ड-लूप कूलिंग सिस्टम' इसी का एक हिस्सा है, जिसमें पानी या कूलिंग लिक्विड एक बंद सर्किट में घूमता रहता है। समय-समय पर, इस सिस्टम की पाइपलाइन को साफ करने की जरूरत पड़ती है ताकि धूल, मलबे और अन्य दूषित पदार्थ हट जाएं।
इसी प्रक्रिया को 'फिल-एंड-फ्लश' कहते हैं। इसमें पहले सिस्टम को पानी से भरा जाता है, फिर उसे फ्लश किया जाता है ताकि सारी गंदगी निकल जाए, और अंत में इसे कूलिंग लिक्विड से भरकर सील कर दिया जाता है।
इसी 'फिल-एंड-फ्लश' ऑपरेशन के दौरान इस्तेमाल किए गए पानी को गोट सिस्टम्स एलएलसी ने शहर के सेनेटरी सीवर में भेज दिया। फ्रैंक स्ट्रॉन्ग, जो बोर्ड के इंजीनियरिंग और जल संसाधन डिवीजन मैनेजर हैं, ने बताया कि बैक्टीरिया का असली स्रोत अभी तक पता नहीं चला है।
हालांकि, जो पानी सिस्टम को फ्लश करने के लिए इस्तेमाल किया गया था, वह सीधे बोर्ड से ही खरीदा गया था। इससे यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या पानी की गुणवत्ता में ही कोई समस्या थी, या फिर डेटा सेंटर की प्रक्रिया में कहीं गड़बड़ी हुई।
शेयेन का कड़ा कदम और आगे की राह
गोट सिस्टम्स को तो पहले ही मार्च के अंत में पानी छोड़ने के अपने अधिकार से वंचित कर दिया गया था। लेकिन अब शेयेन बोर्ड ऑफ पब्लिक यूटिलिटीज ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है।
उन्होंने अनिश्चित काल के लिए डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स से निकलने वाले रीक्लेम्ड पानी (reclaimed water) के उपचार को निलंबित कर दिया है। यानी अब शेयेन शहर किसी भी डेटा सेंटर से औद्योगिक अपशिष्ट जल स्वीकार नहीं करेगा।
यह फैसला सिर्फ मेटा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि शहर के अन्य डेटा सेंटरों के लिए भी एक चेतावनी है।
इस घटना ने डेटा सेंटर निर्माण परियोजनाओं से निकलने वाले औद्योगिक अपशिष्ट जल को संभालने के तरीके को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। कई क्लोज्ड-लूप सिस्टम में एंटीफ्रीज के रूप में प्रोपलीन ग्लाइकोल जैसे रसायन भी इस्तेमाल होते हैं, जो पर्यावरण के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।
यह पूरा मामला सिर्फ एक शहर की समस्या नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि कैसे तेजी से बढ़ती टेक्नोलॉजी और उसके बुनियादी ढांचे (जैसे डेटा सेंटर) को स्थापित करते समय पर्यावरण और स्थानीय संसाधनों का ध्यान रखना कितना ज़रूरी है। अब देखना होगा कि इस गंभीर स्थिति से उबरने के लिए शेयेन शहर और मेटा क्या कदम उठाते हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या नीतियां बनाई जाती हैं।









































