दुनियाभर: क्या कभी सोचा है कि समुद्र के नीचे सिर्फ रंग-बिरंगी मछलियां, कोरल और खामोशी नहीं, बल्कि एक पूरा आर्ट गैलरी भी हो सकती है? सुनकर चौंक जाएंगे आप, लेकिन ये हकीकत है! दुनिया के कई कोनों में समुद्र की गहराइयों में ऐसी गजब की मूर्तियां और म्यूज़ियम छिपे हैं, जिन्हें देखकर पहली नजर में यकीन ही नहीं होता कि ये इंसानों ने बनाए होंगे।
अब सोचिए, जहां शांत समुद्र तल पर सिर्फ रेत होती थी, वहां आज ये कलाकृतियां रंग-बिरंगे कोरल, नन्हीं मछलियों और समुद्री जीवों से भरी एक नई दुनिया बन चुकी हैं। हर मूर्ति के पीछे एक कहानी है, एक मैसेज है और उसकी अद्भुत बनावट देखने वालों को बस हैरान कर देती है।
यही वजह है कि इन्हें देखने के लिए दुनिया भर से हजारों टूरिस्ट और स्कूबा डाइवर्स खींचे चले आते हैं।
ये सिर्फ पत्थर की मूर्तियां नहीं हैं, बॉस! ये एक अनोखा संगम हैं – कला का, टूरिज्म का और सबसे अहम, समुद्री जीवन के संरक्षण का। ये अंडरवॉटर इंस्टॉलेशंस समुद्र की खामोश दुनिया को एक नई पहचान दे रहे हैं।
तो चलिए, आज आपको सैर करवाते हैं दुनिया के कुछ ऐसे ही अनोखे अंडरवॉटर म्यूज़ियम्स की, जिन्होंने समंदर की दुनिया को हमेशा के लिए बदल दिया है।
आखिर समुद्र के नीचे म्यूज़ियम बनाने की क्या ज़रूरत पड़ी?
ये बात सुनने में थोड़ी अजीब लग सकती है कि समुद्र के नीचे मूर्तियां क्यों बनाई गईं? दरअसल, इसके पीछे एक बहुत बड़ा मकसद है – समुद्री जीवन को बचाना और बढ़ावा देना। समंदर के नीचे के इकोसिस्टम पर इंसानी गतिविधियों का बहुत असर पड़ा है।
कोरल रीफ्स खत्म हो रहे हैं और समुद्री जीवों के घर उजड़ रहे हैं। इन्हीं को बचाने के लिए इन अंडरवॉटर म्यूज़ियम्स को एक ख़ास तरह से डिजाइन किया गया है।
इन मूर्तियों को ऐसे इको-फ्रेंडली मटेरियल से बनाया जाता है, जिस पर धीरे-धीरे कोरल और समुद्री पौधे उग सकें। जब ये पौधे उगते हैं, तो मछलियों और दूसरे समुद्री जीवों को रहने और ब्रीड करने के लिए एक सेफ और नया घर मिल जाता है।
कुल मिलाकर, ये मूर्तियां सिर्फ कला प्रदर्शन नहीं हैं, बल्कि ये एक तरह की 'कृत्रिम रीफ' का काम करती हैं, जो समुद्री जैव विविधता को बढ़ाने में मदद करती हैं।
ऑस्ट्रेलिया का वो म्यूज़ियम, जो सिर्फ देखने के लिए नहीं!
बात शुरू करते हैं ऑस्ट्रेलिया से। यहां के मशहूर ग्रेट बैरियर रीफ में आपको मिलेगा 'अंडरवाटर म्यूज़ियम ऑफ़ आर्ट'।
ये दुनिया का पहला अंडरवॉटर आर्ट म्यूज़ियम है, जिसे समुद्री संरक्षण को बढ़ावा देने के इरादे से ही बनाया गया था। यहां की मूर्तियां सिर्फ आंखें सेंकने के लिए नहीं हैं, इनका एक बहुत बड़ा साइंटिफिक और एनवायर्नमेंटल रोल है।









































