बाजार डेस्क: भैया, आज बाजार में वो वाला दिन था, जब सुबह से ही कुछ अच्छा नहीं लग रहा था। समझ लीजिए, ग्लोबल टेंशन की आंच इतनी तेज हुई कि भारतीय शेयर बाजार भी जलकर राख हो गया। अमेरिकी और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने ऐसा माहौल बनाया कि निवेशक अपनी पूंजी बचाने के लिए भागने लगे और नतीजा ये रहा कि देखते ही देखते ₹2 लाख करोड़ से ज़्यादा का नुकसान हो गया। शेयर बाजार में आज जबरदस्त कोहराम देखने को मिला, खासकर निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन तो मार्केट पूरी तरह से धड़ाम हो गया।
आप सोच रहे होंगे कि आखिर ऐसा क्या हो गया? दरअसल, जैसे ही अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की खबरें तेज हुईं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने लगीं। ब्रेंट क्रूड प्रति बैरल 80 डॉलर के पार जाकर 85 डॉलर के काफी करीब पहुंच गया।
इस खबर ने एशिया के सारे बाजारों में हड़कंप मचा दिया और उसका सीधा असर हमारे घरेलू मार्केट पर पड़ा। सुबह से ही बिकवाली का दबाव इतना था कि सेंसेक्स और निफ्टी 50 संभल ही नहीं पाए।
मार्केट में आज क्या-क्या हुआ?
दिन भर के कारोबार में सेंसेक्स एक वक्त 600 अंकों से भी ज़्यादा टूट गया था, जबकि निफ्टी 24050 के नीचे फिसल गया। ब्रॉडर मार्केट में भी जबरदस्त बिकवाली का दबाव दिखा, लेकिन सबसे ज़्यादा आंधी छोटे शेयरों यानी स्मॉलकैप स्पेस में चली।
निफ्टी मिडकैप 100 आज आधे फीसदी से थोड़ी कम गिरावट के साथ बंद हुआ, वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 में तो 1% से भी ज़्यादा की गिरावट दर्ज की गई। मतलब, छोटे निवेशकों को आज बड़ा झटका लगा है।
कौन से सेक्टर्स ने डुबाया और कौन से थोड़े संभले?
अगर सेक्टर्स की बात करें तो आज सरकारी बैंक, रियल्टी, ऑटो और आईटी सेक्टर ने मिलकर बाजार पर जबरदस्त दबाव बनाया। हालत ये थी कि रियल्टी सेक्टर का निफ्टी इंडेक्स तो करीब 2% की गिरावट के साथ बंद हुआ।
पीएसयू बैंक और ऑटो सेक्टर का निफ्टी इंडेक्स भी डेढ़ फीसदी से ज़्यादा कमजोर हुआ, और निफ्टी आईटी भी 1% टूट गया। मतलब, इन सेक्टर्स में आज निवेशकों ने जमकर अपनी पूंजी निकाली।
हालांकि, इस पूरी गिरावट के बीच फार्मा और मेटल सेक्टर ने थोड़ी बहुत रौनक बरकरार रखने की कोशिश की, लेकिन वो भी बाजार को संभालने में नाकाम रहे। निफ्टी फार्मा आज 1% से ज़्यादा मजबूत हुआ तो निफ्टी मेटल में भी आधे फीसदी से ज़्यादा की तेजी दिखी।
लेकिन इन दोनों सेक्टर्स की थोड़ी-बहुत बढ़त बाकी सेक्टर्स की भारी गिरावट के आगे फीकी पड़ गई।
निवेशकों का कितना नुकसान हुआ?
आज के इस मिले-जुले लेकिन ज़्यादातर गिरावट वाले माहौल में कुल मिलाकर बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹2 लाख करोड़ से ज़्यादा घट गया। इसका सीधा मतलब है कि निवेशकों की दौलत में आज ₹2 लाख करोड़ से ज़्यादा की गिरावट आई है।
ये एक दिन में काफी बड़ा नुकसान है, जो ग्लोबल टेंशन की वजह से झेलना पड़ा है।
आंकड़ों में समझें तो, एक कारोबारी दिन पहले यानी 13 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,81,59,666.72 करोड़ था। लेकिन आज यानी 15 जुलाई 2026 को यह घटकर ₹4,79,40,381.54 करोड़ रह गया।
इस हिसाब से निवेशकों की पूंजी में आज पूरे ₹2,19,285.18 करोड़ की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
आज सेंसेक्स और निफ्टी कैसे बंद हुए?
इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 561.46 प्वाइंट्स यानी 0.72% की फिसलन के साथ 77,054.94 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 158.95 प्वाइंट्स यानी 0.66% की गिरावट के साथ 24,052.05 पर बंद हुआ है।
इंट्रा-डे के दौरान सेंसेक्स एक समय 614.92 प्वाइंट्स टूटकर 77,001.48 तक और निफ्टी 187.30 प्वाइंट्स गिरकर 24,023.70 तक आ गया था। मतलब, दिन के निचले स्तरों से थोड़ी रिकवरी ज़रूर आई, लेकिन ओवरऑल गिरावट अच्छी खासी रही।
सेंसेक्स के टॉप गेनर्स और लूजर्स कौन रहे?
सेंसेक्स में लिस्टेड 30 शेयरों में से आज केवल छह शेयर ही हरे निशान में बंद हो पाए। सबसे ज़्यादा तेजी आज भारती एयरटेल, टीसीएस और सन फार्मा में देखने को मिली।
वहीं, दूसरी तरफ, आज सबसे ज़्यादा गिरावट एचसीएलटेक, इंडिगो और बजाज फिनसर्व में रही। कुल मिलाकर, आज का दिन बाजार के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं था, जहां निवेशकों को अपनी जेब ढीली करनी पड़ी।




































