बाजार डेस्क: अगर आप सोना-चांदी खरीदने का मन बना रहे हैं, तो जरा संभल जाइए और इस खबर को ध्यान से पढ़ लीजिए! भारतीय सर्राफा बाजार में इन दिनों ऐसी चमक दिख रही है कि निवेशक भौंचक्के हैं. सोना तो ऐसा भागा है कि जिसने भी थोड़ा इंतजार किया, उसे अब ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ रही है.
मंगलवार (14 जुलाई) को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी की कीमतों ने तो सारे पुराने आंकड़े पीछे छोड़ दिए. अगस्त डिलीवरी के लिए सोना वायदा भाव सीधा ₹1,303 ऊपर चढ़कर ₹1.41 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया.
मतलब, एक दिन में ही सोने के भाव में करीब 0.93% की बढ़ोतरी दर्ज की गई.
वहीं, चांदी भी कहां पीछे रहने वाली थी? जुलाई डिलीवरी के लिए चांदी वायदा भाव में ₹2,946 की जोरदार तेजी आई और यह ₹2.20 लाख प्रति किलोग्राम पर बंद हुई. चांदी के भाव में भी 1.35% का बड़ा उछाल देखा गया.
ये आंकड़े सिर्फ नंबर नहीं, बल्कि निवेशकों और खरीदारों के लिए एक बड़ी कहानी कह रहे हैं. कुल मिलाकर, घरेलू सर्राफा बाजार में जमकर खरीदारी देखने को मिल रही है, जिसे वैश्विक बाजार की अनिश्चितता का भी पूरा सपोर्ट मिल रहा है.
आखिर क्यों आई सोने-चांदी में इतनी जबरदस्त तेजी?
अब सवाल ये उठता है कि अचानक इस तेजी की वजह क्या है? एक्सपर्ट्स बता रहे हैं कि इसकी कई वजहें हैं, जो घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर काम कर रही हैं. सबसे पहली तो घरेलू बाजार में सोने-चांदी की जबरदस्त हाजिर मांग.
लोग धड़ाधड़ खरीद रहे हैं और जब किसी चीज की मांग बढ़ती है, तो कीमत भी बढ़ना लाजमी है.
दूसरा बड़ा फैक्टर है ग्लोबल अनिश्चितता. दुनिया में क्या चल रहा है, इसका सीधा असर हमारे बाजार पर पड़ता है.
थोड़ा पीछे चलें, तो ग्लोबल मार्केट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी जहाजों पर नाकाबंदी बहाल करने का ऐलान किया गया था. इस खबर के आते ही जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ गया.
जब भी दुनिया में कोई टेंशन बढ़ती है, कोई राजनीतिक या सैन्य उठा-पटक होती है, तो निवेशक सुरक्षित जगह ढूंढते हैं. और सोना हमेशा से ही सुरक्षित निवेश का एक बढ़िया विकल्प रहा है, जिसे 'सेफ-हेवन एसेट' भी कहते हैं.
इस तनाव के कारण तेल की सप्लाई पर भी असर पड़ने की चिंता बढ़ी और साथ ही महंगाई बढ़ने का डर भी मंडराने लगा, जिसका असर सोने के भाव पर सकारात्मक रूप से पड़ा.
लेकिन कहानी में एक ट्विस्ट भी आया. बाद के सत्रों में, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के गवर्नर क्रिस्टोफर वालर ने एक सख्त लहजे में बयान दिया.
उन्होंने कहा कि अगर महंगाई ऊंची बनी रहती है, तो ब्याज दरों में बढ़ोतरी भी हो सकती है और कटौती की भी संभावना है. इस बयान के बाद सर्राफा बाजार में शुरुआती तेजी थोड़ी धीमी पड़ गई.
ऐसा क्यों हुआ? क्योंकि जब ब्याज दरें ऊंची होती हैं, तो सोने जैसी गैर-उपज वाली (non-yielding) संपत्तियों में निवेश की अपील थोड़ी कम हो जाती है. डॉलर मजबूत होता है और ट्रेजरी बॉन्ड की पैदावार बढ़ती है, तो सोने पर दबाव बनता है.
ये सारे फैक्टर मिलकर कीमती धातु की कीमतों पर असर डालते हैं.
एक बात और गौर करने वाली है कि चांदी ने घरेलू ट्रेड में सोने से बेहतर प्रदर्शन किया. इसकी वजह है कि चांदी को सिर्फ सुरक्षित निवेश के तौर पर नहीं देखा जाता, बल्कि इसका औद्योगिक उपयोग भी काफी होता है.
यानि, चांदी की डिमांड सिर्फ निवेश से नहीं, बल्कि उद्योगों से भी आ रही है, जिससे उसे दोहरा सपोर्ट मिल रहा है.
निवेशकों को अब किन बातों पर ध्यान देना चाहिए?
इस पूरे खेल में अब निवेशकों को क्या करना चाहिए? रिद्धिसिद्धि बुलियंस के प्रबंध निदेशक, पृथ्वीराज कोठारी, ने इस पर अपनी राय दी है. उनका कहना है कि शॉर्ट टर्म में सोने की चाल इस बात पर बहुत कुछ निर्भर करेगी कि यह 4,000 डॉलर प्रति औंस के अहम स्तर से ऊपर बना रहता है या नहीं.
उन्होंने ये भी कहा कि अगर सोना लगातार 4,000 डॉलर प्रति औंस से नीचे टूटता है, तो सोने का भाव 3,900 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है. वहीं, चांदी के लिए उन्होंने 58-63 डॉलर प्रति औंस का एक व्यापक दायरा बताया है, जिसमें इसके रहने की उम्मीद है.
कोठारी साहब ने ये भी कहा कि लगातार महंगाई (inflation), जियोपॉलिटिकल रिस्क और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की पॉलिसी (नीति) पर अनिश्चितता ही सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित करने वाले प्रमुख फैक्टर्स बने हुए हैं. मतलब, इन तीन चीजों पर निवेशकों को पैनी नजर रखनी बहुत जरूरी है.
तो कुल मिलाकर, निवेशकों को अब आने वाले अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों और पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखनी होगी. क्योंकि यही दो चीजें हैं जो अगले कुछ दिनों में सोने और चांदी की कीमतों को दिशा देने वाली हैं.
बाजार में उठा-पटक जारी रहने वाली है, ऐसे में सतर्कता बहुत जरूरी है. फिलहाल, सोने-चांदी की चमक बरकरार है, देखना ये है कि ये चमक कब तक बनी रहती है और आने वाले दिनों में बाजार क्या नया रंग दिखाता है!








































