हैदराबाद: कल्पना कीजिए, जिस सफर को तय करने में आपको 10 से 12 घंटे का लंबा वक्त लग जाता है, वही सफर महज़ दो से ढाई घंटे में पूरा हो जाए! जी हां, हैदराबाद के लोगों के लिए यह सपना अब हकीकत बनने की तैयारी में है। जल्द ही इस ऐतिहासिक शहर को एक ऐसी बड़ी सौगात मिलने वाली है, जो ट्रैवल को पूरी तरह से बदल देगी और वक्त की कीमत कई गुना बढ़ा देगी।
बात हो रही है हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन की, जिसके लिए हैदराबाद को तीन नए कॉरिडोर के लिए चुना गया है। ये खबर किसी बम फोड़ने से कम नहीं है, खासकर उन लोगों के लिए जो अक्सर हैदराबाद से पुणे, चेन्नई या बेंगलुरु का सफर करते हैं।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने खुद 11 जुलाई को इस बारे में ऐलान किया। उन्होंने हैदराबाद में आईटी इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों के साथ एक मीटिंग की और उसके बाद मीडिया से बातचीत में ये जानकारी दी।
बता दें कि ये तीनों कॉरिडोर हैदराबाद को देश के तीन बड़े शहरों पुणे, चेन्नई और बेंगलुरु से जोड़ने का काम करेंगे।
क्यों खास हैं ये नए कॉरिडोर?
अश्विनी वैष्णव ने साफ किया कि ये तीनों बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पूरे क्षेत्र के विकास में एक बड़ा रोल निभाएंगे। इसका सीधा मतलब है कि हैदराबाद सिर्फ साउथ इंडिया का ही नहीं, बल्कि भारत के तेजी से बढ़ रहे हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का एक बहुत ही जरूरी केंद्र बन जाएगा।
इससे बिजनेस, टूरिज्म और आम लोगों का ट्रैवल करने का तरीका हमेशा के लिए बदल जाएगा।
रेल मंत्री ने कहा कि यह सिर्फ हाई-स्पीड कनेक्टिविटी नहीं है, बल्कि यह आर्थिक ग्रोथ, रोजगार और सामाजिक विकास को भी बढ़ावा देगा। कुल मिलाकर, यह हैदराबाद को देश के नए भारत के हाई-टेक मैप पर एक अलग पहचान देगा।
कितना घट जाएगा आपका सफर?
आइए, अब बात करते हैं सबसे दिलचस्प पहलू की: आपके सफर का समय कितना कम होगा? ये आंकड़े सुनकर आप हैरान रह जाएंगे और शायद अपनी अगली ट्रिप के लिए अभी से प्लान बनाने लग जाएंगे।
हैदराबाद-बेंगलुरु बुलेट ट्रेन: यह वो रूट है जिस पर सबसे ज्यादा नजर है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अगर यह प्रोजेक्ट पूरा हो जाता है, तो हैदराबाद से बेंगलुरु का सफर मौजूदा 12 से 15 घंटे की बजाय घटकर सिर्फ 2 घंटे 10 मिनट के आसपास रह जाएगा। सोचिए, सुबह निकलकर दोपहर में बेंगलुरु पहुंच जाएंगे!
हैदराबाद-चेन्नई बुलेट ट्रेन: इस कॉरिडोर की लंबाई करीब 760 किलोमीटर बताई जा रही है और यह अमरावती से होकर गुजरेगा। अभी तक इस रूट पर ट्रेन से पहुंचने में लगभग 12 घंटे लगते हैं, लेकिन बुलेट ट्रेन इसे सिर्फ ढाई घंटे में तय कर लेगी। यानी पूरे दिन का सफर कुछ घंटों में सिमट जाएगा।
पुणे-हैदराबाद बुलेट ट्रेन: जो लोग पुणे और हैदराबाद के बीच आना-जाना करते हैं, उनके लिए भी अच्छी खबर है। अभी इस दूरी को तय करने में 10 घंटे से ज्यादा का समय लगता है। बुलेट ट्रेन आने के बाद यह सफर घटकर करीब 2 घंटे 8 मिनट का रह जाएगा। इससे न सिर्फ वक्त बचेगा, बल्कि सफर की थकान भी कम होगी।
कितनी स्पीड से दौड़ेगी बुलेट ट्रेन?
इन बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को 350 किलोमीटर प्रति घंटे की मैक्सिमम स्पीड के हिसाब से डिज़ाइन किया जा रहा है। इसका मतलब है कि ये ट्रेनें हवा से बातें करती नजर आएंगी।
हालांकि, इनकी ऑपरेटिंग स्पीड यानी जिस गति से ये आमतौर पर चलेंगी, वह करीब 320 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की उम्मीद है।
यह भी बता दें कि बीच में स्टेशनों पर रुकने और ट्रैक के घुमावों को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों की एवरेज स्पीड 200 से 250 किलोमीटर प्रति घंटा के बीच रहने का अनुमान है। फिर भी, यह मौजूदा ट्रेनों की स्पीड से कई गुना ज्यादा है और सफर को अविश्वसनीय रूप से तेज बना देगा।
क्या तेलंगाना के लिए कुछ और भी है?
जी हां, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सिर्फ बुलेट ट्रेन की बात नहीं की। उन्होंने तेलंगाना के लिए रेलवे बजट का भी जिक्र किया।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने राज्य के लिए 5,400 करोड़ रुपये का रेल बजट तय किया है। यह मोटी रकम तेलंगाना में रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने की योजना का हिस्सा है।
इस बजट से रेलवे स्टेशनों का मॉर्डनाइजेशन किया जाएगा और हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट्स की तैयारी जैसे काम होंगे। इसका मतलब है कि तेलंगाना में रेलवे का पूरा सिस्टम ही अपग्रेड होने जा रहा है।
अश्विनी वैष्णव ने आगे बताया कि हैदराबाद में पहले से ही कुछ रेलवे स्टेशनों का रीडेवलपमेंट का काम चल रहा है। इनमें नामपल्ली, काजीपेट जंक्शन और मलकपेट रेलवे स्टेशन शामिल हैं।
इसके अलावा, सिकंदराबाद, बेगमपेट और हाईटेक सिटी रेलवे स्टेशन को भी केंद्र सरकार के स्टेशन आधुनिकीकरण कार्यक्रम में शामिल किया गया है। इन सभी स्टेशनों को लेटेस्ट सुविधाओं से लैस किया जाएगा ताकि यात्रियों को वर्ल्ड-क्लास एक्सपीरियंस मिल सके।
साफ है कि आने वाले सालों में हैदराबाद और तेलंगाना का पूरा रेल नेटवर्क एक नया रूप लेने वाला है।








































