बिजनेस डेस्क: देश के शेयर बाजार में पिछले कुछ दिनों से थोड़ी उथल-पुथल दिख रही है, लेकिन इसी बीच कुछ कंपनियों ने कमाल कर दिखाया है। ऐसी ही एक कंपनी है सीमेंट सेक्टर की दिग्गज नुवोको विस्टास कॉर्प लिमिटेड (Nuvoco Vistas)। मंगलवार का दिन इस कंपनी के निवेशकों के लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं था, क्योंकि इसके शेयर में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। शेयर ने करीब 8 फीसदी की छलांग लगाई, और एनएसई पर 341.40 रुपये के आंकड़े को छू लिया। ये ऐसे समय में हुआ जब पूरा बाजार लाल निशान में था, यानी सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही गिरावट दर्ज कर रहे थे। एक तरह से नुवोको ने अपने दम पर अपनी धाक जमाई है।
सवाल उठता है कि आखिर ऐसा क्या हुआ जो नुवोको विस्टास के शेयर में इतनी तेजी आ गई? इसकी वजह है कंपनी के ताजातरीन तिमाही नतीजे, जो एक दिन पहले ही आए थे। इन नतीजों ने बाजार को यह दिखा दिया कि कंपनी ने सिर्फ मुनाफा ही नहीं कमाया, बल्कि उसकी बिक्री और ऑपरेशन में भी जबरदस्त परफॉर्मेंस दी है।
यह सिर्फ एक दिन की बात नहीं है, पिछले एक हफ्ते में भी इस शेयर ने 7 फीसदी से ज्यादा की तेजी दिखाई है, जो निवेशकों के लिए अच्छा संकेत है।
Q1 में कंपनी का प्रदर्शन कैसा रहा, क्या खास रहा?
नुवोको विस्टास ने सोमवार को अपने जून तिमाही के आंकड़े जारी किए, जो बेहद शानदार रहे। कंपनी ने बताया कि उसका कंसोलिडेटेड टैक्स के बाद का प्रॉफिट (PAT) 160 करोड़ रुपये रहा।
अगर इसकी तुलना पिछले साल की इसी तिमाही से करें, तो यह आंकड़ा पूरे 20 फीसदी ज्यादा है। यानी, कंपनी ने अपनी कमाई में मोटी बढ़ोतरी दर्ज की है।
सिर्फ प्रॉफिट ही नहीं, कंपनी की टोटल इनकम भी साल-दर-साल 9 फीसदी बढ़कर 3,129 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। वहीं, EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) में भी 7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह 572 करोड़ रुपये रहा।
इन सब आंकड़ों से साफ पता चलता है कि कंपनी की जड़ें मजबूत हो रही हैं और वह लगातार अच्छा कर रही है।
एक और महत्वपूर्ण आंकड़ा जो सामने आया है, वो है सीमेंट की बिक्री। इस तिमाही में कंपनी की सीमेंट सेल्स वॉल्यूम में 5 फीसदी का इजाफा हुआ, जो कुल 5.3 मिलियन मीट्रिक टन रही।
इतनी भारी-भरकम बिक्री ने सीधे तौर पर कंपनी के रेवेन्यू और कमाई को सपोर्ट किया है। कहने का मतलब है कि सीमेंट की लगातार डिमांड बनी हुई है, और नुवोको इस डिमांड को पूरा करने में कामयाब रही है।
क्षमता बढ़ाने पर क्यों है कंपनी का फोकस?
इन बेहतरीन नतीजों के साथ-साथ कंपनी ने एक और बड़ी खबर दी, जिसने निवेशकों का भरोसा और बढ़ा दिया। वीकेंड में नुवोको विस्टास ने घोषणा की कि उसने गुजरात के सूरत में अपने लिमला सीमेंट प्लांट में एक नई ग्राइंडिंग यूनिट शुरू की है।
यह यूनिट उसकी सब्सिडियरी वडराज सीमेंट लिमिटेड के ज़रिए स्थापित की गई है, और इसकी सालाना क्षमता 2 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) है।
यह कदम नुवोको के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है। कंपनी ने अपने बयान में साफ किया कि यह नई फैसिलिटी गुजरात में नुवोको की एंट्री को मजबूत करेगी।
इससे न सिर्फ पश्चिमी भारत में उसकी मौजूदगी बढ़ेगी, बल्कि गुजरात और महाराष्ट्र जैसे बड़े और महत्वपूर्ण बाजारों तक उसकी पहुंच भी बेहतर होगी। जाहिर है, ज्यादा पहुंच मतलब ज्यादा बिक्री और ज्यादा मुनाफा।
नई यूनिट पर कितना हुआ खर्च और इसकी कहानी क्या है?
अब सवाल ये भी है कि इस नई यूनिट को बनाने में कितना खर्चा आया और यह कंपनी के हाथ कैसे लगी? नुवोको विस्टास ने बताया कि यह नई ग्राइंडिंग यूनिट उन एसेट्स का हिस्सा है, जिन्हें कंपनी ने 2025 में कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रिज़ॉल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के तहत वडराज सीमेंट से खरीदा था।
लिमला फैसिलिटी को दोबारा से चमकाने और इसे चालू करने में नुवोको ने करीब 240 करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट किया है। हालांकि, इसमें वडराज एसेट्स को खरीदने की 1,800 करोड़ रुपये की शुरुआती लागत शामिल नहीं है।
कुल मिलाकर, कंपनी ने भविष्य की डिमांड को देखते हुए एक बड़ा दांव खेला है, और इन शुरुआती नतीजों को देखकर लगता है कि यह दांव सही साबित हो रहा है।
नुवोको के इन तिमाही नतीजों और विस्तार योजनाओं से यह साफ है कि कंपनी आगे बढ़ने की पूरी तैयारी में है। हालांकि, बाजार के जानकार और निवेशक आने वाली तिमाहियों में कुछ खास चीजों पर नजर रखेंगे।
इनमें डिमांड का ट्रेंड, सीमेंट की कीमतें, सरकार का इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च और इनपुट कॉस्ट (जैसे कोयला और बिजली की कीमतें) शामिल हैं। ये सभी फैक्टर कंपनी की कमाई की ग्रोथ को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएंगे।
लेकिन फिलहाल के लिए, नुवोको विस्टास ने बाजार में अपनी मजबूत स्थिति साबित कर दी है।




































