आर्थिक मामलों की डेस्क: पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF का नाम सुनते ही सबसे पहले दिमाग में क्या आता है? शायद यही कि ये लंबी अवधि के लिए पैसा जमा करने की एक सरकारी स्कीम है, जिसमें आपका पैसा सुरक्षित रहता है और उस पर टैक्स का फायदा भी मिलता है। बिल्कुल सही सोचा आपने! पीपीएफ वाकई एक कमाल का निवेश जरिया है, जो लाखों भारतीयों के लिए बुढ़ापे का सहारा बनता है और एक बड़ी रकम बनाने में मदद करता है।
लेकिन आपको बता दें, इस 'लंबी अवधि' वाले दोस्त के पास एक ऐसा 'सीक्रेट वेपन' भी है, जिसके बारे में ज्यादातर निवेशक शायद जानते ही नहीं या फिर उस पर ध्यान ही नहीं देते। ये सीक्रेट वेपन है - आपके पीपीएफ खाते पर मिलने वाला सबसे सस्ता पर्सनल लोन!
सोचिए, आपको अचानक पैसों की जरूरत पड़ गई और आप किसी बैंक या बाजार से महंगा कर्ज लेने की सोच रहे हैं, या फिर अपना निवेश तोड़ने का प्लान बना रहे हैं? रुक जाइए! अगर आपके पास पीपीएफ खाता है, तो शायद आपको इन सब की जरूरत ही न पड़े। कुछ खास शर्तों को पूरा करके आप अपने ही पीपीएफ खाते से लोन ले सकते हैं।
तो चलिए, आज इसी खास 'सीक्रेट' पर से पर्दा उठाते हैं और जानते हैं कि आखिर पीपीएफ लोन के नियम-कानून क्या हैं और ये इतना सस्ता क्यों होता है?
पीपीएफ खाते पर लोन कब और कैसे मिल सकता है?
अब ऐसा भी नहीं है कि आपने आज खाता खोला और कल ही लोन लेने पहुंच गए। सिस्टम का एक तरीका है।
पीपीएफ खाते पर लोन लेने की सुविधा तुरंत नहीं मिलती। इसके लिए एक खास टाइम फ्रेम तय किया गया है।
नियमों के मुताबिक, आप खाता खोलने की तारीख से तीसरे फाइनेंशियल ईयर से लेकर छठे फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत तक ही लोन ले सकते हैं।
यानी, अगर आपने 2024-25 में खाता खोला है, तो आप 2026-27 के फाइनेंशियल ईयर से लोन के लिए अप्लाई कर पाएंगे, और ये सुविधा 2028-29 के फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत तक उपलब्ध रहेगी। इस टाइम पीरियड के बाद, यानी छठे फाइनेंशियल ईयर के बाद आप लोन नहीं ले पाएंगे।
लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि आपको पैसों की जरूरत पर कोई सुविधा नहीं मिलेगी। इस अवधि के बीत जाने के बाद, खाताधारक कुछ खास शर्तों के तहत अपने पीपीएफ खाते से आंशिक निकासी (partial withdrawal) कर सकते हैं।
तो कुल मिलाकर, पैसों की जरूरत पर पीपीएफ कहीं न कहीं आपकी मदद जरूर करेगा।
कितनी रकम मिलेगी और इसका हिसाब क्या है?
ये एक बड़ा सवाल है कि आखिर हमें अपने पीपीएफ अकाउंट से कितना लोन मिल सकता है? इसका जवाब सीधा-साधा है: आप कितनी रकम ले सकते हैं, ये आपके खाते में जमा राशि पर निर्भर करता है। आम तौर पर, कोई भी खाताधारक लोन के रूप में अपने पीपीएफ खाते में जमा कुल राशि का अधिकतम 25% ही निकाल सकता है।
अब सवाल आता है कि ये 25% किसका? तो बता दें, ये अधिकतम लोन राशि पिछले फाइनेंशियल ईयर के अंत में आपके खाते में बचे हुए टोटल बैलेंस के एक निश्चित प्रतिशत के आधार पर तय की जाती है। मान लीजिए, 31 मार्च 2025 को आपके खाते में 4 लाख रुपये जमा थे, तो आप उस रकम का 25% यानी 1 लाख रुपये तक का लोन ले सकते हैं।
इसलिए, अगर आप अपने पीपीएफ खाते के आधार पर कोई वित्तीय प्लान बना रहे हैं, तो इस गणित को ठीक से समझना बहुत जरूरी है। ऐसा न हो कि आप ज्यादा उम्मीद लगाकर बैठें और बाद में पता चले कि रकम तो कम मिल रही है!
पीपीएफ लोन की ब्याज दर इतनी कम क्यों होती है?
पीपीएफ पर मिलने वाले लोन को सबसे सस्ता पर्सनल लोन कहा जाता है, और इसके पीछे एक बहुत सीधा-सादा नियम काम करता है। पीपीएफ लोन की ब्याज दर, आपके पीपीएफ खाते पर जो मौजूदा ब्याज दर मिल रही है, उससे केवल 1% ज्यादा होती है।
चलिए इसे एक उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिए, आपके पीपीएफ खाते पर अभी 7.1% की दर से ब्याज मिल रहा है।
तो अगर आप इसी खाते पर लोन लेते हैं, तो आपको सिर्फ 8.1% की दर से ब्याज चुकाना होगा। अब आप खुद सोचिए, बाजार में पर्सनल लोन की दरें अक्सर 10-12% से शुरू होकर 20% या उससे भी ज्यादा तक जा सकती हैं।
ऐसे में 8.1% की ब्याज दर किसी वरदान से कम नहीं है। यह दर न केवल बैंक के पर्सनल लोन से सस्ती है, बल्कि कई बार होम लोन और ऑटो लोन से भी ज्यादा किफायती साबित हो सकती है।
तो जब भी पैसों की जरूरत पड़े, अपने पीपीएफ को मत भूलिएगा, क्योंकि ये वाकई आपका सबसे भरोसेमंद और सस्ता साथी साबित हो सकता है!








































