बिजनेस डेस्क: शेयर बाजार की दुनिया भी गजब है. यहाँ कब कौन सा शेयर रॉकेट बन जाए, कोई नहीं जानता. पिछले कुछ दिनों से एक ऐसा ही शेयर कमाल दिखा रहा है – जस्ट डायल का. चार दिन पहले तक जो शेयर ठंडा पड़ा था, उसने अचानक ऐसी रफ्तार पकड़ी है कि निवेशक दंग हैं. इन चार कारोबारी दिनों में जस्ट डायल के शेयर की कीमत करीब 44% ऊपर जा चुकी है, जो किसी भी निवेशक के लिए एक बड़ी बात है.
आप सोच रहे होंगे कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि शेयर बाजार में जस्ट डायल के शेयरों में ऐसी बंपर तेजी देखने को मिली? बता दें कि इस तूफानी तेजी में से अकेले आज यानी सोमवार को ही 14% से ज्यादा का उछाल आया है. यही नहीं, पिछले कारोबारी दिन तो ये शेयर 20% के अपर सर्किट पर बंद हुआ था.
अपर सर्किट का मतलब होता है जब किसी शेयर में एक दिन में इतनी ज्यादा तेजी आ जाए कि ट्रेडिंग रोकने पड़े.
फिलहाल, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर जस्ट डायल का शेयर 12.32% की बढ़त के साथ 761 रुपये पर कारोबार कर रहा था. इंट्रा-डे ट्रेडिंग के दौरान तो यह एक बार 14.72% उछलकर 777.25 रुपये तक पहुंच गया था.
कंपनी के धमाकेदार कारोबारी नतीजों की वजह से निवेशकों में एक अलग ही जोश दिख रहा है.
आखिर ये तूफानी तेजी आई क्यों?
इस तेजी के पीछे कई वजहें हैं. सबसे बड़ी वजह है कंपनी के हालिया तिमाही नतीजे.
जस्ट डायल ने वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) में शानदार प्रदर्शन किया है. कंपनी ने इस तिमाही में 327 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल किया है.
ये पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 9.9% ज्यादा है और पिछली तिमाही (जनवरी-मार्च 2026) के मुकाबले भी 6.6% अधिक है. आसान भाषा में कहें तो कंपनी की कमाई जबरदस्त तरीके से बढ़ी है.
यह बढ़ोतरी कोई मामूली नहीं है. पिछले आठ तिमाहियों में यह जस्ट डायल की सबसे तेज सालाना रेवेन्यू ग्रोथ है.
कंपनी के बिजनेस का एक अहम इंडिकेटर होता है ‘कलेक्शंस’, यानी कंपनी को अपने ग्राहकों से कितनी रकम मिली. ये कलेक्शंस भी सालाना आधार पर 13.7% की रफ्तार से बढ़े हैं.
मार्च 2026 तिमाही में लगभग स्थिर ग्रोथ के बाद इसमें जबरदस्त सुधार हुआ है, जो दिखाता है कि कंपनी का बिजनेस फिर से रफ्तार पकड़ रहा है.
लेकिन मुनाफे पर दबाव क्यों दिख रहा है?
हालांकि, जहां एक तरफ कंपनी की कमाई और कलेक्शंस में उछाल आया है, वहीं दूसरी तरफ उसके मुनाफे पर थोड़ा दबाव भी देखने को मिला है. कंपनी का EBITDA मार्जिन जून तिमाही में 26.7% रहा.
ये मार्च तिमाही के मुकाबले 221 बेसिस प्वाइंट्स कम है और पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 230 बेसिस प्वाइंट्स कम है.
अब आप सोचेंगे कि जब कमाई बढ़ रही है, तो मुनाफे पर दबाव क्यों? दरअसल, इस पर दबाव इसलिए आया क्योंकि कंपनी ने अपनी सेल्स टीम को बढ़ाने में काफी निवेश किया है. नए एंप्लॉयीज को हायर करने और उन्हें ट्रेनिंग देने पर खर्च बढ़ा है.
एंप्लॉयीज पर खर्च 11% बढ़ गया है, और अन्य ऑपरेटिंग खर्च भी करीब 28% बढ़ गए हैं. कंपनी अपने बिजनेस को और फैलाने के लिए ये निवेश कर रही है, जिसका असर फिलहाल मुनाफे पर दिख रहा है.
कंपनी में और क्या बड़े बदलाव हुए हैं?
तेजी के पीछे सिर्फ वित्तीय नतीजे ही नहीं, कंपनी में कुछ बड़े लीडरशिप बदलावों का ऐलान भी है. जस्ट डायल को पिछले तीन दशकों से संभाल रहे फाउंडर वीएसएस मणि 31 जुलाई को एमडी और सीईओ का पद छोड़ देंगे.
उनकी जगह अब दिनकर अयिलावरपु (Dinkar Ayilavarapu) कंपनी की कमान संभालेंगे.
दिनकर अयिलावरपु कोई नए नाम नहीं हैं, उनके पास डिजिटल कॉमर्स, रिटेल और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में दो दशकों से भी ज्यादा का अनुभव है. इससे पहले वह फ्लिपकार्ट होलसेल को संभाल चुके हैं, जो अपने आप में एक बड़ा नाम है.
ऐसे में उनकी एंट्री से निवेशकों को उम्मीद है कि कंपनी को नई दिशा मिलेगी और डिजिटल दुनिया में जस्ट डायल और मजबूत होगा.
इसके अलावा, दिनेश तलुजा को कंपनी का नया सीएफओ यानी चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर बनाया गया है. ये दोनों बड़े बदलाव कंपनी के भविष्य की रणनीति का हिस्सा माने जा रहे हैं, जिनसे निवेशकों में काफी पॉजिटिविटी आई है.
आगे क्या सोचते हैं एक्सपर्ट्स?
अब बात करते हैं कि शेयर बाजार के एक्सपर्ट्स जस्ट डायल के इस शेयर को लेकर क्या राय रखते हैं. जिन आठ एनालिस्ट्स ने इस शेयर को कवर किया है, उनमें से सात ने इसे ‘खरीदारी’ (Buy) की रेटिंग दी है, जबकि एक एनालिस्ट ने ‘बेचने’ (Sell) की सलाह दी है.
सबसे अधिक टारगेट प्राइस ICICI डायरेक्ट ने तय किया है. उनके एनालिस्ट्स का मानना है कि जस्ट डायल का शेयर 1250 रुपये तक चढ़ सकता है, जो मौजूदा कीमत से काफी ऊपर है.
इसका मतलब है कि एक्सपर्ट्स को अभी भी इस शेयर में काफी दम दिख रहा है.
हालांकि, एक बात पर गौर करना जरूरी है कि अभी भी यह शेयर अपने एक साल के हाई लेवल से नीचे है. पिछले साल 15 जुलाई 2025 को यह शेयर 957.70 रुपये के एक साल के हाई पर था.
इस हाई लेवल से 8 महीने में यह 49.25% टूटकर 30 मार्च 2026 को 486.05 रुपये के एक साल के निचले स्तर पर आ गया था. लेकिन अब एक बार फिर इसने वापसी की है और निवेशकों की निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या यह अपने पुराने हाई को छू पाएगा या नहीं.




































