मार्केट डेस्क: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार का दिन निवेशकों के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं रहा। निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी 50 धड़ाम हो गए। पूरा बाजार लाल निशान में गोते लगाता दिखा। दिन की शुरुआत से ही आईटी सेक्टर में थोड़ी रौनक जरूर थी और कुछ दूसरे सेक्टर भी रिकवरी की कोशिश में लगे थे, लेकिन बैंकिंग शेयरों में जो बिकवाली का प्रेशर बना, उसने पूरे मार्केट को संभालने का मौका ही नहीं दिया।
आप सोच रहे होंगे कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि कल तक जो बाजार मामूली ही सही, पर बढ़त के साथ बंद हुआ था, वो आज 500 अंकों से ज्यादा क्यों फिसल गया? दरअसल, इसके पीछे एक नहीं, बल्कि पांच बड़ी वजहें हैं, जिन्होंने मिलकर बाजार को नीचे खींच दिया।
तो क्या था वह बड़ा कारण जिसने बाजार को डुबोया?
इस पूरे खेल का सबसे बड़ा खिलाड़ी बना कच्चा तेल। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड अचानक उछलकर प्रति बैरल $80 के पार चला गया और देखते ही देखते $85 के करीब पहुंच गया।
जैसे ही कच्चे तेल में यह उबाल आया, एशियाई बाजारों में कोहराम मच गया। इसका सीधा असर हमारे घरेलू बाजार पर भी पड़ा।
सेंसेक्स 500 प्वाइंट्स से ज्यादा फिसल गया और निफ्टी 24050 पर आ पहुंचा।
मार्केट में सिर्फ बड़े इंडेक्स ही नहीं, ब्रोडर लेवल पर भी काफी दबाव दिखा। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में भी आधे फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
सुबह 09:50 बजे तक सेंसेक्स 478.60 प्वाइंट्स यानी 0.62% की फिसलन के साथ 77,137.80 पर कारोबार कर रहा था, और निफ्टी 50 भी 138.70 प्वाइंट्स यानी 0.57% की गिरावट के साथ 24,072.30 पर था। इंट्रा-डे में तो सेंसेक्स 552.99 प्वाइंट्स टूटकर 77,063.41 तक और निफ्टी 160.45 प्वाइंट्स गिरकर 24,050.55 तक आ गया था।
बाजार की इस गिरावट के पीछे की पांच बड़ी वजहें क्या हैं?
बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे कुछ खास फैक्टर काम कर रहे थे, जिनके बारे में आपको जानना बेहद जरूरी है:
- अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव: अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर अमेरिका और ईरान के बीच फिर से सैन्य हमले शुरू हो गए हैं। इतना ही नहीं, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का ऐलान कर दिया है। यह ऐलान सीधे तौर पर ग्लोबल सप्लाई चेन और खासकर कच्चे तेल की आवाजाही को प्रभावित करता है। इस बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों में डर पैदा कर दिया और मार्केट पर दबाव बना।
- कच्चे तेल में बेतहाशा उछाल: अमेरिका और ईरान के बीच इस युद्ध जैसी स्थिति का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 2% बढ़कर $84.98 प्रति बैरल हो गया, जबकि यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 2.1% बढ़कर $79.79 प्रति बैरल पर पहुंच गया। आपको बता दें कि पिछले ही सेशन में ब्रेंट क्रूड 9.6% बढ़ा था, जो मई 2020 के बाद इसकी सबसे बड़ी डेली बढ़त थी। कच्चे तेल का महंगा होना मतलब महंगाई बढ़ने का खतरा, और यह बात बाजार को बिल्कुल पसंद नहीं आती।
- बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी: जब कच्चा तेल महंगा होता है, तो महंगाई बढ़ने की आशंका भी बढ़ जाती है। इस आशंका के चलते अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। बेंचमार्क 10-साल के ट्रेजरी नोट पर यील्ड 4.9 बीपीएस बढ़कर 4.618% हो गई, जबकि 30-साल के बॉन्ड पर यील्ड 3.3 बीपीएस बढ़कर 5.104% हो गई। दो-साल के अमेरिकी ट्रेजरी पर यील्ड भी 6.5 बीपीएस बढ़कर 4.273% हो गई। बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी आमतौर पर इक्विटी मार्केट के लिए अच्छी खबर नहीं मानी जाती है, क्योंकि निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर मुड़ते हैं।
- इंडिया VIX में उछाल: मार्केट की घबराहट को मापने वाला इंडेक्स, इंडिया विक्स (India VIX), आज उछल गया। यह 3.52% के उछाल के साथ 13.75 पर पहुंच गया। जब इंडिया विक्स बढ़ता है, तो इसका मतलब है कि बाजार में वोलैटिलिटी (उतार-चढ़ाव) बढ़ने की आशंका ज्यादा है, यानी अनिश्चितता है। और अनिश्चितता हमेशा निवेशकों को डराती है, जिससे बिकवाली का माहौल बनता है।
- बैंकिंग शेयरों में बिकवाली का दबाव: आज के बाजार में सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग शेयरों पर देखने को मिला। रियल्टी सेक्टर भी इस बिकवाली में उनका साथ दे रहा था। पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक दोनों के निफ्टी इंडेक्स में 1-1% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, वहीं निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में डेढ़ फीसदी से ज्यादा की फिसलन रही। जब इतने बड़े और अहम सेक्टर में इतनी तेज बिकवाली हो, तो पूरे बाजार का लाल होना लाजिमी है।
कुल मिलाकर, इन पांच वजहों ने मिलकर आज भारतीय शेयर बाजार को हिला दिया। अंतरराष्ट्रीय तनाव से लेकर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और घरेलू बैंकिंग सेक्टर में बिकवाली तक, हर फैक्टर ने बाजार पर नकारात्मक असर डाला।
निवेशकों के लिए यह एक तनाव भरा दिन रहा, और अब सबकी नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में यह स्थिति कब तक सुधरती है।



































