मार्केट डेस्क: शेयर बाजार का खेल भी गज़ब है. एक ही दिन में इतने उतार-चढ़ाव, इतनी उथल-पुथल कि देखने वाले बस देखते रह जाएं. कुछ ऐसा ही मंजर बीते दिन भी दिखा जब हफ्ते की शुरुआत ही मार्केट ने ज़बरदस्त ड्रामे के साथ की. सुबह-सुबह तो लगा कि भैया, आज तो मार्केट गोता लगाने वाला है, लेकिन देखते ही देखते पासा ऐसा पलटा कि सब हैरान रह गए.
मार्केट में शुरुआती गिरावट से निवेशक थोड़ा सहमे, लेकिन दिन ढलते-ढलते जो रिकवरी देखने को मिली, उसने सबको चौंका दिया. सेंसेक्स और निफ्टी, जो हमारे शेयर बाजार के दो बड़े सूचकांक हैं, उन्होंने दिन भर की जद्दोजहद के बाद खुद को लगभग फ्लैट ग्रीन ज़ोन में समेटा.
यानी, जहां से कहानी शुरू हुई थी, लगभग वहीं पर जाकर खत्म हुई, लेकिन इस सफ़र में कई मोड़ आए.
शुरुआत हुई कैसे थी, और फिर क्या हुआ?
आम तौर पर हफ्ते का पहला दिन मार्केट के लिए टोन सेट करता है. बीते दिन भी सुबह-सुबह मार्केट ने लाल निशान में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई.
कई कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई, जिससे निवेशकों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गईं. ऐसा लग रहा था कि शायद ग्लोबल संकेतों का असर है या फिर कोई और बड़ी वजह, जो बाजार को नीचे खींच रही है.
लेकिन मार्केट को क्या पता था कि आज उसके इरादे कुछ और ही थे.
देखते ही देखते, कुछ देर की गिरावट के बाद बाजार ने संभलना शुरू किया. ये कोई हल्की-फुल्की वापसी नहीं थी, बल्कि एक ठोस रिकवरी थी, जिसने धीरे-धीरे पूरे माहौल को बदल दिया.
जो शेयर सुबह लाल निशान में थे, उनमें से कई हरे निशान में लौटने लगे, और जो पहले से ही हरे में थे, उन्होंने अपनी बढ़त को और मज़बूत किया. ये एक ऐसे खिलाड़ी की तरह था, जो मैच के शुरू में पिछड़ गया हो, लेकिन फिर अपनी पूरी ताकत लगाकर गेम को अपने पाले में खींच ले.
दिन के आखिर तक, सेंसेक्स और निफ्टी ने अपनी खोई हुई ज़मीन लगभग पूरी तरह वापस पा ली. आंकड़ों के हिसाब से देखें तो, दोनों सूचकांक लगभग फ्लैट ग्रीन ज़ोन में बंद हुए.
इसका मतलब ये है कि दिन की शुरुआत में भले ही गिरावट आई हो, लेकिन अंत में उन्होंने अपने शुरुआती स्तर से मामूली बढ़त के साथ दिन का समापन किया. ये अपने आप में बाजार की मज़बूती और निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है, कि किसी भी बड़ी गिरावट के बाद भी बाजार में वापसी की क्षमता है.
मार्केट का 'हीरो' कौन बना?
इस पूरी रिकवरी के पीछे अगर किसी एक सेक्टर का सबसे बड़ा हाथ रहा, तो वो था आईटी सेक्टर. जी हां, टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियों ने कमाल कर दिखाया. जिस तरह से आईटी शेयरों ने आज प्रदर्शन किया, वो वाकई में काबिले तारीफ था. उन्होंने मार्केट को ऐसा शानदार सपोर्ट दिया कि पूरा बाजार ही उठ खड़ा हुआ.
आईटी कंपनियों के शेयरों में ज़बरदस्त खरीदारी देखने को मिली. कई बड़ी आईटी कंपनियों के शेयर तो 52 हफ्ते के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गए.
ये अपने आप में एक बड़ी बात है, क्योंकि यह न सिर्फ इन कंपनियों के प्रदर्शन को दिखाता है, बल्कि पूरे सेक्टर के प्रति निवेशकों के बढ़ते भरोसे को भी दर्शाता है. जब आईटी जैसे हैवीवेट सेक्टर अच्छा परफॉर्म करते हैं, तो उसका सीधा असर पूरे इंडेक्स पर दिखता है, और वही हमें बीते दिन देखने को मिला.
सवाल ये है कि अचानक आईटी सेक्टर में ऐसी क्या बात हुई? खैर, इसके पीछे कई ग्लोबल और घरेलू कारण हो सकते हैं, लेकिन मोटा-मोटी ये कहा जा सकता है कि निवेशकों ने इस सेक्टर में भविष्य की ग्रोथ देखी और जमकर पैसा लगाया. आईटी सेक्टर की इस चाल ने बाकी सेक्टरों को भी थोड़ी हिम्मत दी और वे भी अपनी गिरावट से उबरने में कामयाब रहे.
निवेशकों की तिजोरी पर क्या असर पड़ा?
जब मार्केट ऐसी ज़बरदस्त रिकवरी दिखाता है, तो उसका सीधा फायदा मिलता है निवेशकों को. बीते दिन भी यही हुआ. शुरुआती गिरावट के बावजूद, दिन के आखिर तक निवेशकों की दौलत में भारी इज़ाफ़ा देखने को मिला. कुल मिलाकर, निवेशकों की दौलत ₹1 लाख करोड़ से भी ज़्यादा बढ़ गई. ये अपने आप में एक बहुत बड़ी रकम है.
इस आंकड़े का मतलब ये है कि जिन्होंने बाजार में पैसा लगाया हुआ था, उनके पोर्टफोलियो की वैल्यू एक ही दिन में इतनी बढ़ गई. यह मार्केट की रिकवरी का सीधा नतीजा है.
जब शेयर बढ़ते हैं, तो स्वाभाविक रूप से निवेशकों की संपत्ति में भी वृद्धि होती है. यह दिखाता है कि कैसे एक ही दिन में, शुरुआती निराशा के बाद भी, बाजार ने लोगों की जेबें भरने का काम किया.
हालांकि, ये सिर्फ ओवरऑल आंकड़ा है. कुछ निवेशकों को ज़्यादा फायदा हुआ होगा, तो कुछ को कम.
लेकिन कुल मिलाकर जो तस्वीर उभर कर आई, वो यही थी कि बाजार ने निराश नहीं किया और अपनी वापसी की क्षमता का लोहा मनवाया. खासकर उन लोगों के लिए जिन्होंने गिरावट के दौरान भी धैर्य बनाए रखा या सही मौकों पर खरीदारी की, यह एक सुखद अनुभव रहा होगा.
कुछ खास शेयरों में भी दिखी जबरदस्त तेजी, जैसे कल्याण ज्वेलर्स का क्या हुआ?
जहां एक तरफ आईटी सेक्टर ने पूरे मार्केट को संभाला, वहीं कुछ चुनिंदा शेयरों ने तो कमाल ही कर दिया. खबर में कल्याण ज्वेलर्स के शेयर का भी ज़िक्र है, जिसने अपने निवेशकों की खुशी दोगुनी कर दी. बताया गया है कि कल्याण ज्वेलर्स का शेयर 'रॉकेट' बन गया और सिर्फ तीन दिनों में 35% से ज़्यादा उछल गया.
यह दिखाता है कि कैसे पूरे मार्केट के ट्रेंड से अलग भी कुछ शेयर अपनी अलग ही कहानी लिखते हैं. कल्याण ज्वेलर्स में यह उछाल निश्चित रूप से कंपनी से जुड़ी किसी खास खबर, बेहतर नतीजों या फिर सेक्टर में बढ़ते भरोसे की वजह से होगा.
ऐसे शेयर, जो कम समय में इतना बड़ा रिटर्न देते हैं, वे अक्सर निवेशकों की नज़रों में रहते हैं और बाजार में चर्चा का विषय बनते हैं.
हालांकि, यह जरूरी नहीं कि ऐसे हर उछाल के पीछे कोई ठोस फंडामेंटल वजह हो, लेकिन कल्याण ज्वेलर्स का उदाहरण बताता है कि बाजार में सिर्फ ओवरऑल ट्रेंड ही नहीं, बल्कि चुनिंदा स्टॉक्स भी बड़ा धमाका कर सकते हैं. कुल मिलाकर, बीते दिन का बाजार एक रोलरकोस्टर राइड जैसा रहा, जिसमें डर भी था और फिर अंत में जीत की खुशी भी.
तो अब देखना यह होगा कि इस रिकवरी के बाद, आगामी 14 जुलाई को बाजार की चाल कैसी रह सकती है. क्या यह रफ्तार बनी रहेगी, या फिर नए हफ़्ते में कोई नया मोड़ आएगा? यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन एक बात साफ है कि शेयर बाजार में हर दिन एक नई कहानी लिखी जाती है.




































