मुंबई: वियतनाम की सैर पर निकले भारतीयों के लिए यह ट्रिप एक भयानक दुःस्वप्न में बदल गई। जिस खुशी के साथ ये लोग विदेश की वादियों को देखने गए थे, अब उनके परिवार उन शवों का इंतजार कर रहे थे जो सोमवार को एक स्पेशल विमान से मुंबई एयरपोर्ट पहुंचे। फु क्वोक द्वीप के पास हुए उस खौफनाक बोट हादसे ने 15 भारतीयों की जान ले ली, जिनके पार्थिव शरीर अब वतन वापस लौट आए हैं।
सोमवार का दिन मुंबई एयरपोर्ट पर बेहद गमगीन था। हनोई स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कन्फर्म किया कि मृतकों के शव लेकर विशेष विमान सुरक्षित मुंबई लैंड कर चुका है।
अब चुनौती यह है कि इन शवों को उनके अपने राज्यों और गांवों तक पहुंचाया जाए, ताकि परिजन अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कर सकें।
बता दें कि इस हादसे का जख्म काफी गहरा है। जान गंवाने वाले 15 भारतीयों में से 10 लोग तमिलनाडु के थे, जबकि 3 आंध्र प्रदेश और 2 केरल के रहने वाले थे।
दक्षिण भारतीय राज्यों के इन परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
आखिर हुआ था क्या?
पूरी घटना 11 जुलाई की है। वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास 'होन मे रुट न्गोई' इलाके में एक स्पीडबोट पर्यटकों को घुमा रही थी।
इस बोट पर 32 भारतीय पर्यटक और 4 स्थानीय क्रू मेंबर्स सवार थे। अचानक कुछ ऐसा हुआ कि स्पीडबोट अनियंत्रित होकर पलट गई।
समुद्र की लहरों के बीच मची अफरा-तफरी में 15 भारतीयों की जान चली गई। बाकी बचे 16 भारतीय पर्यटकों को सुरक्षित निकाल लिया गया था, जिनमें से ज्यादातर अपने घर लौट चुके हैं।
लेकिन एक भारतीय नागरिक अब भी अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है।
घायल पर्यटक की क्या है हालत?
हनोई स्थित भारतीय दूतावास ने अपडेट दिया है कि घायल भारतीय नागरिक का रविवार शाम को एक जरूरी मेडिकल ट्रीटमेंट सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। उन्हें बेहतर इलाज और रिकवरी के लिए हो ची मिन्ह सिटी के एक अस्पताल में शिफ्ट किया गया है।
राहत की बात यह है कि घायल व्यक्ति के परिवार के सदस्य भी हो ची मिन्ह सिटी पहुंच चुके हैं, ताकि वे उनकी देखभाल कर सकें।
मदद के लिए किसने बढ़ाया हाथ?
भारतीय दूतावास ने इस मुश्किल घड़ी में वियतनाम की सरकार और वहां के स्थानीय लोगों का शुक्रिया अदा किया है। दूतावास के मुताबिक, वियतनाम की एजेंसियों और अधिकारियों ने राहत कार्य और शवों के प्रबंधन में हर संभव मदद की।
फिलहाल, हनोई और हो ची मिन्ह सिटी स्थित भारतीय मिशन संबंधित राज्य सरकारों के साथ तालमेल बिठा रहे हैं। मकसद सिर्फ एक है कि सभी शव जल्द से जल्द उनके परिजनों तक पहुंच जाएं।
भारतीय दूतावास ने मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं और इस कठिन समय में उनके साथ खड़े होने की बात कही है।



































