तकनीकी डेस्क: अगर आप भी विंडोज 11 का इस्तेमाल करते हैं तो ये खबर आपके काम की है। माइक्रोसॉफ्ट ने अपने विंडोज 11 पीसी के लिए एक अहम सिक्योरिटी अपडेट को फिलहाल के लिए रोक दिया है। दरअसल, यह अपडेट कुछ डिवाइसेस पर ठीक से काम नहीं कर रहा था, जिसकी वजह से कंपनी को यह बड़ा फैसला लेना पड़ा। अब सवाल ये है कि ये अपडेट क्या है, इसके रुकने से आपको क्या दिक्कत हो सकती है, और अगर आपका पीसी भी इस लिस्ट में है, तो क्या करें?
मामला जुड़ा है 'सिक्योर बूट' नाम की एक बहुत ज़रूरी सिक्योरिटी फीचर से। विंडोज 11 के लिए एक नया सिक्योर बूट सर्टिफिकेट अपडेट जारी किया जा रहा था, लेकिन कुछ डिवाइस पर गड़बड़ी के बाद माइक्रोसॉफ्ट ने इसे फिलहाल होल्ड पर डाल दिया है। कंपनी नहीं चाहती कि किसी भी यूजर को परेशानी हो या उनका सिस्टम खतरे में पड़े।
क्या है ये सिक्योर बूट और क्यों है इतना ज़रूरी?
चलिए, पहले ये समझते हैं कि आखिर ये सिक्योर बूट बला क्या है। आसान भाषा में कहें तो सिक्योर बूट आपके कंप्यूटर का एक 'बाउंस' है।
जैसे किसी क्लब में बाउंसर्स सिर्फ उन्हीं लोगों को अंदर जाने देते हैं जिनके पास सही एंट्री पास होता है, वैसे ही सिक्योर बूट सुनिश्चित करता है कि आपके पीसी में सिर्फ वही सॉफ्टवेयर लोड हो जो ऑथेंटिक (असली) और भरोसेमंद है।
सोचिए, जब आप अपना कंप्यूटर ऑन करते हैं, तो विंडोज लोड होने से पहले कई छोटे-छोटे सॉफ्टवेयर और प्रोग्राम्स चलते हैं। इनमें से कुछ ऐसे भी हो सकते हैं जो मालिशियस (नुकसानदेह) हों, यानी आपके सिस्टम को खराब करने की फिराक में हों।
सिक्योर बूट इन्हीं मालिशियस सॉफ्टवेयर को विंडोज लोड होने से पहले ही रोक देता है। यह एक तरह की ‘पहली डिफेंस लाइन’ है, जो आपके कंप्यूटर को बूट-लेवल पर ही खतरों से बचाती है।
इससे आपका पीसी वायरस, मैलवेयर और रैंसमवेयर जैसे खतरों से काफी हद तक सुरक्षित रहता है।
तो फिर ये अपडेट क्यों रुका, क्या थी दिक्कत?
दरअसल, सिक्योर बूट सिस्टम सर्टिफिकेट्स पर काम करता है। ये सर्टिफिकेट्स एक तरह की डिजिटल पहचान होती हैं जो सॉफ्टवेयर की असलियत को प्रमाणित करती हैं।
अब माइक्रोसॉफ्ट पुराने 2011 के सर्टिफिकेट्स को नए 2023 के सर्टिफिकेट्स से अपडेट कर रहा था, क्योंकि पुराने सर्टिफिकेट्स की वैलिडिटी खत्म हो चुकी है। ये नया अपडेट विंडोज अपडेट के जरिए यूजर्स तक पहुंचाया जा रहा था।
पर दिक्कत ये हुई कि कुछ डिवाइसेस पर, खासकर वो जिनमें पुराने या फॉल्टी फर्मवेयर थे, ये नया सर्टिफिकेट अपडेट ठीक से इंस्टॉल नहीं हो पा रहा था। माइक्रोसॉफ्ट ने खुद बयान जारी कर बताया है कि, "इस समूह के डिवाइस एक ज्ञात समस्या से प्रभावित हैं।
जोखिम को कम करने के लिए, सिक्योर बूट सर्टिफिकेट अपडेट को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है, जबकि माइक्रोसॉफ्ट और पार्टनर एक समर्थित समाधान की दिशा में काम कर रहे हैं।"
यानी, कंपनी ने देखा कि कुछ सिस्टम्स पर अपडेट करने से शायद गड़बड़ी हो सकती है, इसलिए उन्होंने एहतियातन इसे रोक दिया। यह एक अच्छी बात है क्योंकि इससे लाखों यूजर्स का सिस्टम खराब होने से बच गया।
कौन से डिवाइस हुए हैं प्रभावित?
अगर आप सोच रहे हैं कि आपका पीसी भी इस लिस्ट में है या नहीं, तो बता दें कि मुख्य रूप से ये उन पुराने डिवाइसेस को प्रभावित कर रहा है जिन्हें उनके ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) यानी कंपनी की तरफ से अब अपडेट मिलना बंद हो गया है। या फिर ऐसे डिवाइसेस जिनमें किसी तरह की फर्मवेयर की दिक्कत है।
सीधे शब्दों में कहें तो, जो पीसी बहुत पुराने हो गए हैं और अब उनके लिए कोई BIOS अपडेट या ड्राइवर अपडेट नहीं आता, उन पर ये अपडेट काम नहीं कर रहा है।
माइक्रोसॉफ्ट ने साफ किया है कि, "यह लंबी अवधि की सुरक्षा में धीरे-धीरे कमी का कारण बनता है - न कि तत्काल जोखिम या सिस्टम फेलियर का।" इसका मतलब ये नहीं है कि आपका सिस्टम आज ही क्रैश हो जाएगा या उसमें कोई बड़ा खतरा आ जाएगा।
ये एक 'लॉन्ग-टर्म सिक्योरिटी' का मामला है। आपका कंप्यूटर अभी भी ठीक से काम करता रहेगा, दूसरे विंडोज अपडेट भी आते रहेंगे और सिक्योर बूट का आपका मौजूदा वर्जन भी काम करता रहेगा।
बस, आपको लेटेस्ट 2023 वाला सर्टिफिकेट अपडेट नहीं मिलेगा, जो कि एक बेहतर और ज्यादा सुरक्षित वर्जन है।
माइक्रोसॉफ्ट और पार्टनर क्या कर रहे हैं?
माइक्रोसॉफ्ट इस समस्या को सुलझाने के लिए डिवाइस मैन्युफैक्चरर्स के साथ मिलकर काम कर रहा है। उनका मकसद एक ऐसा पैच तैयार करना है जिससे प्रभावित डिवाइसेस भी नया सिक्योर बूट 2023 सर्टिफिकेट इंस्टॉल कर सकें।
खबर है कि एचपी (HP) जैसी कंपनी ने तो इस संबंध में अपने BIOS अपडेट भी जारी कर दिए हैं, ताकि उनके यूजर्स को लेटेस्ट सर्टिफिकेट मिल सके। उम्मीद है कि बाकी कंपनियां भी जल्द ही इस दिशा में काम करेंगी।
कुल मिलाकर, अगर आपके पास एक पुराना पीसी है और आप इस अपडेट को नहीं ले पा रहे हैं, तो अभी कोई घबराने की बात नहीं है। माइक्रोसॉफ्ट ने खुद कहा है कि आपको "मानक सुरक्षा प्रथाओं का पालन करना जारी रखना चाहिए, जिसमें विंडोज अपडेट के साथ अप-टू-डेट रहना शामिल है।
" यानी, अपने विंडोज को हमेशा अपडेट रखें, एक अच्छा एंटीवायरस इस्तेमाल करें और संदिग्ध लिंक या फाइलों से बचें। जब तक इसका कोई ठोस समाधान नहीं निकल जाता, तब तक आपको इंतजार करना होगा।
लेकिन जैसा कि बताया गया है, ये तत्काल कोई बड़ा खतरा नहीं है।

































