सिनेमा डेस्क: डिज़्नी की फिल्मों का जादू तो सालों से चला आ रहा है, खासकर जब उनकी क्लासिक एनिमेटेड कहानियाँ लाइव-एक्शन के अवतार में आती हैं, तो फैंस का एक्साइटमेंट सातवें आसमान पर पहुंच जाता है। लेकिन इस बार कुछ ऐसा हुआ है, जिसने सबको चौंका दिया है। जिस फिल्म का लंबे समय से इंतजार था, वो उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। जी हां, हम बात कर रहे हैं 'मोआना' के लाइव-एक्शन रीमेक की, जिसने सिनेमाघरों में आते ही वो धमाल नहीं मचाया, जिसकी डिज़्नी को पूरी उम्मीद थी।
बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने वो वाली डुबकी लगाई है, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी, और दर्शक इसे 'बेजान कार्बन कॉपी' बता रहे हैं। 250 मिलियन डॉलर के भारी-भरकम बजट के साथ बनी ये फिल्म, अपने ओपनिंग वीकेंड पर सिर्फ 95 मिलियन डॉलर ही बटोर पाई।
मतलब, कुल मिलाकर मोटा-मोटी हिसाब लगाया जाए, तो फिल्म ने कमाई से ज्यादा घाटा ही दर्ज किया है। ये आंकड़े डिज़्नी के लिए चिंता का सबब हैं, खासकर तब जब कंपनी अपने पुराने हिट्स को नए कलेवर में पेश करके मुनाफा कमाने की रणनीति पर चल रही है।
आखिर 'मोआना' ने सिनेमाघरों में क्यों डुबकी लगाई?
किसी भी बड़ी फिल्म के लिए उसका ओपनिंग वीकेंड बहुत मायने रखता है, क्योंकि यही शुरुआती कलेक्शन फिल्म की आगे की राह तय करता है। 'मोआना' को जुलाई की सबसे बड़ी रिलीज में से एक माना जा रहा था, लेकिन इसका शुरुआती प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा।
इसकी तुलना में, ओरिजिनल एनिमेटेड 'मोआना' ने ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर 687.2 मिलियन डॉलर का कलेक्शन किया था, जो अपने आप में एक जबरदस्त सफलता थी। पर लगता नहीं कि 2026 का लाइव-एक्शन रीमेक उस रिकॉर्ड के आस-पास भी फटकेगा।
शुरुआती आंकड़े साफ बताते हैं कि 250 मिलियन डॉलर के बजट के मुकाबले 95 मिलियन डॉलर की कमाई, डिज़्नी की सबसे खराब परफ़ॉर्म करने वाली फिल्मों में से एक है। ये एक ऐसा झटका है, जिसे डिज़्नी ने शायद सोचा भी नहीं होगा।
दर्शकों का क्या कहना है? 'लाइफलेस कार्बन कॉपी' क्यों?
फिल्म देखने के बाद, 'मोआना' के फैंस ने सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकाली है। उनका कहना है कि ये नई लाइव-एक्शन 'मोआना' असल में कुछ भी नया लेकर नहीं आई।
ये तो बस ओरिजिनल एनिमेटेड फिल्म की एक 'फ्लैट' और 'कार्बन कॉपी' है। एसोसिएटेड प्रेस की एक तीखी रिव्यू ने भी इसे 'लाइफलेस' यानी 'बेजान' करार दिया है।
मतलब, जब आप डिज़्नी की कोई फिल्म देखने जाते हैं, तो कुछ तो उम्मीद करते हैं कि विजुअल शानदार होंगे या स्टोरी में कुछ ट्विस्ट होगा, लेकिन यहां तो सब 'ज्यों का त्यों' ही मिल गया, जिससे दर्शक निराश हुए हैं।
सोचिए, आपने एक फिल्म देखी, उसे पसंद किया। फिर वही फिल्म दूसरे फॉर्मेट में आती है, और उसमें कुछ भी अलग नहीं होता।
तो क्या फायदा? दर्शकों का यही सवाल है। वो चाहते हैं कि लाइव-एक्शन रीमेक में कुछ तो नयापन हो, कुछ ऐसी वजह हो जो उन्हें दोबारा टिकट खरीदने पर मजबूर करे।
सिर्फ पुरानी कहानी को दोबारा दिखा देना, वो भी बिना किसी क्रिएटिव इनपुट के, अब शायद दर्शकों को रास नहीं आ रहा। ये एक बड़ा चैलेंज है डिज़्नी के लिए, क्योंकि उनके पास कई और क्लासिक्स भी हैं, जिनके लाइव-एक्शन रीमेक पाइपलाइन में हैं।
क्रिटिक्स ने क्या रेटिंग दी?
सिर्फ दर्शक ही नहीं, क्रिटिक्स ने भी 'मोआना' के इस नए अवतार को सिरे से नकार दिया है। पॉपुलर वेबसाइट रॉटन टोमाटोज़ पर फिल्म को सिर्फ 33% की रेटिंग मिली है, जो किसी भी बड़ी फिल्म के लिए बेहद खराब मानी जाती है।
क्रिटिक्स का सर्वसम्मत फैसला कुछ यूं था: "मोआना का ये कमजोर नया संस्करण किसी को भी आकर्षित नहीं करता, यह उद्यम इसके एनिमेटेड पूर्ववर्ती को एक बेहतर एडवेंचर के रूप में स्थापित करता है।" मतलब, क्रिटिक्स ने भी साफ कह दिया कि ओरिजिनल फिल्म ही बेहतर थी और इस रीमेक में कोई दम नहीं है, जो इसकी खराब कमाई की एक बड़ी वजह बनी।
क्या डिज़्नी की लाइव-एक्शन परंपरा खतरे में है?
ये सिर्फ 'मोआना' की बात नहीं है। याद है राशेल ज़ेगलर की 'स्नो व्हाइट' फिल्म को भी क्रिटिक्स ने खूब कोसा था? लगता है डिज़्नी के लिए ये लाइव-एक्शन रीमेक वाला फॉर्मूला अब धीरे-धीरे उल्टा पड़ रहा है।
'मोआना' की असफलता इस बात की तरफ इशारा करती है कि दर्शकों को सिर्फ पुरानी कहानी को नए एक्टर्स के साथ देखने में कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्हें कुछ नया, कुछ क्रिएटिव चाहिए।
अगर डिज़्नी इस ट्रेंड को नहीं समझेगा, तो उसे भविष्य में और भी झटके लग सकते हैं। दर्शकों की बदलती पसंद को समझना अब डिज़्नी के लिए बेहद ज़रूरी हो गया है।
सोशल मीडिया पर मची खलबली, आखिर लोगों को क्या चाहिए?
X (पहले ट्विटर) पर तो मानो लोगों ने डिज़्नी की क्लास ही लगा दी है। एक यूजर ने लिखा, "ओरिजिनल मोआना शानदार है।
मेरे पास उसकी ब्लू-रे है। ये लाइव-एक्शन रीमेक (जो खुद भी ज्यादातर एनिमेटेड है) मुझे समझ नहीं आता, न तो आर्टिस्टिक वजह से, न ही उपभोक्ता के नजरिए से।
मेरा मतलब है, पैसा ही शायद असली मकसद है, लेकिन कौन एक कमजोर..
." और आगे उन्होंने अपना ट्वीट खत्म नहीं किया, जो दिखाता है कि लोगों में कितना गुस्सा और निराशा है।
लोग सवाल कर रहे हैं कि आखिर इन रीमेक्स का पॉइंट क्या है, जब वे कुछ नया पेश ही नहीं कर रहे।
एक और यूजर ने कमेंट किया कि उनकी मुख्य दिक्कत क्वालिटी की कमी थी। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि 'मोआना' के लाइव-एक्शन में ऐसा कुछ भी नहीं था जो ओरिजिनल से बेहतर हो।
उन्होंने 'द लायन किंग' और 'अलादीन' जैसे लाइव-एक्शन रीमेक का हवाला दिया, जिनमें "नए एलिमेंट्स थे जिन्होंने उनके अस्तित्व को सही ठहराया", लेकिन 'मोआना' में ऐसा कुछ नहीं था। मतलब, अगर आप रीमेक बना रहे हैं, तो कम से कम उसमें कुछ तो नया डालिए, ताकि वो सिर्फ एक महंगी कॉपी न लगे और दर्शकों को कुछ वैल्यू मिले।
कुल मिलाकर, 'मोआना' का ये हाल डिज़्नी के लिए एक बड़ा 'वेक-अप कॉल' है। दर्शकों को अब सिर्फ पुरानी कहानियों का 'कार्बन कॉपी' वर्जन नहीं चाहिए।
उन्हें कुछ फ्रेश, कुछ इनोवेटिव चाहिए। अगर डिज़्नी इस बात को नहीं समझेगा, तो शायद उसके आने वाले लाइव-एक्शन रीमेक भी इसी तरह बॉक्स ऑफिस पर पानी मांगते नजर आएंगे।
अब देखना होगा कि इस निराशाजनक प्रदर्शन से कंपनी क्या सबक लेती है और अपनी भविष्य की रणनीति में क्या बदलाव करती है।





































