राष्ट्रीय डेस्क: भारतीय व्यापार जगत की जब भी बात होती है, एक नाम अक्सर सबसे ऊपर चमकता है – टाटा ग्रुप! और इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ है. सोचिए, जब दुनिया भर की इकोनॉमी डामाडोल है, बड़ी-बड़ी कंपनियों के पसीने छूट रहे हैं, ऐसे में एक भारतीय ग्रुप लगातार 18 साल से अपनी बादशाहत बनाए हुए है. जी हां, टाटा ग्रुप एक बार फिर देश का सबसे वैल्यूएबल ब्रांड बन गया है, और सिर्फ बना नहीं है, बल्कि अपनी वैल्यू भी बढ़ाई है. क्या कमाल की बात है ना!
ये कोई हवा-हवाई बात नहीं, बल्कि Brand Finance की ताजा 'इंडिया 100 2026' रिपोर्ट में सामने आया है. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि मुश्किल ग्लोबल माहौल के बावजूद भारतीय कॉर्पोरेट सेक्टर ने कमाल का दमखम दिखाया है.
कुल मिलाकर, देश के 100 सबसे वैल्यूएबल ब्रांड्स की टोटल वैल्यू सालाना 7 फीसदी बढ़कर 25.3 हजार करोड़ डॉलर पर पहुंच गई है. ये दिखाता है कि इंडियन इकोनॉमी कितनी मजबूत है और कितनी तेजी से आगे बढ़ रही है.
टाटा की बादशाहत क्यों जारी है?
अब सवाल ये कि आखिर टाटा ग्रुप ने ऐसा क्या किया जो वह लगातार 18 साल से नंबर वन बना हुआ है? दरअसल, टाटा ग्रुप ने इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में जबरदस्त एक्सपेंशन किया है. इसके अलावा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, सेमीकंडक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे फ्यूचरिस्टिक सेक्टर्स में भी उनकी पकड़ लगातार मजबूत हुई है.
इन्हीं सब की वजह से उनकी ब्रांड वैल्यू 6 फीसदी बढ़कर 3.36 हजार करोड़ डॉलर तक जा पहुंची है. मतलब, उन्होंने सिर्फ अपनी पोजिशन ही नहीं बचाई, बल्कि उसे और भी स्ट्रॉन्ग किया है.
ये दिखाता है कि सही जगह पर और सही समय पर इन्वेस्टमेंट का कितना फायदा होता है.
टाटा ग्रुप का विजन हमेशा से बड़ा रहा है. वो सिर्फ मौजूदा बिजनेस पर फोकस नहीं करते, बल्कि भविष्य की जरूरतों को भी समझते हुए नई-नई टेक्नोलॉजी और सेक्टर्स में हाथ आजमाते हैं.
यही उनकी इस लंबी कामयाबी का सीक्रेट है. चाहे आप नमक से लेकर सॉफ्टवेयर तक की बात करें, टाटा का नाम हर जगह मिलता है.
उनके भरोसे और क्वालिटी ने लोगों के दिलों में एक खास जगह बनाई हुई है. यही वजह है कि जब भी बेस्ट ब्रांड की बात आती है, तो टाटा का नाम अपने आप जुबान पर आ जाता है.
बाकी टॉप ब्रांड्स का क्या हाल है?
रिपोर्ट की मानें तो टॉप 10 कंपनियों में से नौ की वैल्यू में इजाफा हुआ है, जो अपने आप में एक पॉजिटिव सिग्नल है. डिजिटल इंफ्रा, मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, फाइनेंशियल इनक्लूजन और इनोवेशन में लगातार हो रहे इन्वेस्टमेंट ने इन ब्रांड्स को तगड़ा सपोर्ट दिया है.
चलिए एक नजर डालते हैं बाकी टॉप ब्रांड्स पर और समझते हैं उनका क्या स्टेटस रहा.
दूसरे नंबर पर हमेशा की तरह इंफोसिस का दबदबा बरकरार है. एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), क्लाउड और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सर्विसेज की बढ़ती डिमांड ने इंफोसिस को खूब फायदा पहुंचाया है.
इसकी ब्रांड वैल्यू 1.64 हजार करोड़ डॉलर पर बनी हुई है. ये बताता है कि टेक्नोलॉजी सेक्टर में इंडिया की कंपनियां कितनी तेजी से ग्लोबल मार्केट में अपनी पहचान बना रही हैं.
तीसरे पायदान पर देश की सबसे बड़ी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, यानी LIC मौजूद है. गांवों तक फैले उसके तगड़े डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और एजेंट बेस ने कमाल कर दिखाया है.
LIC की ब्रांड वैल्यू में 12 फीसदी की शानदार ग्रोथ दर्ज की गई है और ये 1.53 हजार करोड़ डॉलर पर पहुंच गई है. ये दिखाता है कि इंश्योरेंस सेक्टर में LIC का जलवा अभी भी बरकरार है और आम जनता का भरोसा उस पर बना हुआ है.
किसकी वैल्यू गिरी, किसने मारी धांसू एंट्री?
अब बात उस ब्रांड की जिसकी वैल्यू में थोड़ी गिरावट आई है. एचडीएफसी ग्रुप की ब्रांड वैल्यू 2 फीसदी घटकर 1.39 हजार करोड़ डॉलर पर आ गई है.
हालांकि, इस गिरावट के बावजूद ये चौथे स्थान पर अपनी जगह बनाने में कामयाब रहा है. इसका मतलब है कि मार्केट में थोड़ा-बहुत ऊपर-नीचे तो चलता रहता है, लेकिन बड़े ब्रांड्स अपनी पोजिशन बनाए रखते हैं.
पांचवें नंबर पर रिलायंस ग्रुप ने 11 फीसदी के उछाल के साथ 1.08 हजार करोड़ डॉलर की वैल्यू हासिल की है. रिटेल, टेलीकॉम, डिजिटल सर्विसेज और एनर्जी जैसे सेक्टर्स में उनकी मजबूत ग्रोथ ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है.
रिलायंस का ग्रोथ ग्राफ बताता है कि मुकेश अंबानी की अगुवाई में यह ग्रुप हर सेक्टर में अपनी धाक जमाने को तैयार है.
छठे स्थान पर SBI ग्रुप है, जिसकी ब्रांड वैल्यू 2 फीसदी बढ़कर करीब 980 करोड़ डॉलर पर पहुंच गई है. ये भी अपनी पोजिशन पर मजबूती से कायम है.
वहीं, सातवें स्थान पर HCLTech ने अपनी जगह बनाई है, जिसकी ब्रांड वैल्यू 900 करोड़ डॉलर है.
इस लिस्ट में सबसे धांसू एंट्री जिसने मारी है, वो है अदाणी ग्रुप. गौतम अदाणी की अगुवाई वाला अदाणी ग्रुप पहली बार टॉप 10 में शामिल हुआ है.
वो आठवें स्थान पर है और उनकी ब्रांड वैल्यू में तो कमाल का उछाल आया है - पूरे 31 फीसदी का! अदाणी ग्रुप की वैल्यू करीब 850 करोड़ डॉलर पर पहुंच गई है. ये बताता है कि हाल के समय में अदाणी ग्रुप ने कितनी तेजी से अपना विस्तार किया है और मार्केट में अपनी पहचान बनाई है.
अगर सबसे तेजी से बढ़ने वाले ब्रांड की बात करें, तो उसमें सुजलॉन एनर्जी का नाम सबसे ऊपर आता है. हालांकि, ये टॉप 100 की लिस्ट में है, लेकिन टॉप 10 में नहीं है.
लेकिन उसकी ग्रोथ स्पीड ने सबको चौंका दिया है. कुल मिलाकर, ये रिपोर्ट बताती है कि भारतीय कॉर्पोरेट्स न सिर्फ ग्लोबल चैलेंजेस का सामना कर रहे हैं, बल्कि नए रिकॉर्ड्स भी बना रहे हैं.
देश की इकोनॉमी के लिए ये बहुत ही पॉजिटिव साइन है. उम्मीद है कि आने वाले सालों में भी ये रफ्तार यूं ही बनी रहेगी और भारत के ब्रांड्स दुनिया में अपनी चमक बिखेरते रहेंगे.





































