दिल्ली: बाजार में अक्सर ऐसी खबरें आती हैं जो सबको हैरान कर जाती हैं। कुछ ऐसा ही नजारा हाल ही में देश की दिग्गज आईटी कंपनी एचसीएलटेक (HCLTech) के साथ देखने को मिला। कंपनी ने अपनी लेटेस्ट तिमाही के नतीजे पेश किए तो आंकड़े ऐसे थे कि झूम उठने का मन करे! प्रॉफिट बढ़ा, रेवेन्यू भी उछला, बाजार के अनुमानों को भी पीछे छोड़ दिया। लेकिन फिर भी कहानी में एक ट्विस्ट आया और स्टॉक मार्केट में कंपनी का शेयर धड़ाम हो गया, तकरीबन 5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। अब आप सोच रहे होंगे कि जब सब कुछ अच्छा था, तो आखिर हुआ क्या जो निवेशकों को इतनी बड़ी चोट लगी?
दरअसल, ये पूरी कहानी कंपनी के 'गाइडेंस' यानी भविष्य के अनुमानों के इर्द-गिर्द घूम रही है। निवेशक और बड़े-बड़े ब्रोकरेज हाउस भले ही दमदार नतीजों से खुश थे, लेकिन कंपनी ने आगे के लिए जो रास्ता दिखाया, वो उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा।
अच्छे नतीजों के बाद भी क्यों गिरा शेयर?
मंगलवार का दिन एचसीएलटेक के निवेशकों के लिए थोड़ा मायूसी भरा रहा। कंपनी का शेयर 4.63 फीसदी की गिरावट के साथ 1,164.60 रुपये पर जाकर बंद हुआ।
इससे ठीक पहले के तीन कारोबारी सत्रों में यह शेयर 6.5 फीसदी से ज्यादा ऊपर चढ़ा था, लेकिन नतीजों के बाद अचानक से इसमें इतनी बड़ी गिरावट आ गई।
आपको बता दें कि एचसीएलटेक ने जून तिमाही में कमाल कर दिखाया था। कंपनी का शुद्ध मुनाफा (नेट प्रॉफिट) करीब 20 फीसदी बढ़कर 4,624 करोड़ रुपये पर पहुंच गया था।
वहीं, कंपनी का कुल रेवेन्यू (राजस्व) भी 14 फीसदी की जोरदार बढ़ोतरी के साथ 34,579 करोड़ रुपये रहा। बाजार के जानकारों ने जो अनुमान लगाए थे, ये दोनों आंकड़े उनसे कहीं बेहतर थे।
तो फिर दिक्कत कहां आई?
दिक्कत आई कंपनी के FY27 (अगले वित्त वर्ष) के लिए दिए गए रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस में। कंपनी ने अपना कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस 1 फीसदी से 4 फीसदी पर ही बरकरार रखा।
साथ ही, EBIT मार्जिन का अनुमान भी 17.5 फीसदी से 18.5 फीसदी पर ही बनाए रखा। यहीं पर बाजार और ब्रोकरेज हाउस निराश हो गए।
उनकी उम्मीद थी कि जब नतीजे इतने शानदार आए हैं और कंपनी को बड़े ऑर्डर भी मिल रहे हैं, तो कंपनी अपने भविष्य के अनुमानों को और बेहतर करके पेश करेगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
ब्रोकरेज हाउस क्यों हुए 'निराश'?
अब जब ब्रोकरेज हाउस निराश हुए, तो उन्होंने अपनी रेटिंग्स और टारगेट प्राइस में भी बदलाव किए। एनालिस्ट्स का साफ कहना था कि मजबूत नतीजों और नए बड़े ऑर्डर (TCV) मिलने के बाद, बाजार को पक्की उम्मीद थी कि कंपनी अपना गाइडेंस बढ़ाएगी।
लेकिन एचसीएलटेक ने ऐसा नहीं किया, जिसने सबको चौंका दिया।
इस बात पर जानकारों की क्या राय है, वो भी जान लीजिए। सेंट्रम ब्रोकिंग (Centrum Broking) के मुताबिक, कंपनी का गाइडेंस न बढ़ाना इस बात का संकेत है कि आने वाली तिमाहियों में कारोबार की रफ्तार उतनी तेज नहीं रहने वाली है, जितनी उम्मीद की जा रही थी।
यह एक तरह का चेतावनी भरा संकेत है, जो निवेशकों को भविष्य में धीमी ग्रोथ के लिए तैयार रहने को कहता है।
अब जरा ग्लोबल ब्रोकरेज हाउसेस का रुख देखिए:
- सिटी (Citi): इन्होंने तो सीधे-सीधे शेयर की रेटिंग 'सेल' (Sell) कर दी, यानी बेचने की सलाह दे डाली।
- जे.पी. मॉर्गन (J.P. Morgan): इन्होंने अपनी 'अंडरवेट' (Underweight) रेटिंग को बरकरार रखा। इसका मतलब है कि ये भी बाजार में एचसीएलटेक के प्रदर्शन को औसत से कम रहने का अनुमान लगा रहे हैं।
- जेफरीज (Jefferies): इनकी रेटिंग भी 'अंडरपरफॉर्म' (Underperform) बनी हुई है, जो बताती है कि शेयर बाजार के औसत से नीचे प्रदर्शन कर सकता है।
इन सभी ब्रोकरेज हाउसेस का मोटा-मोटी मानना है कि ग्राहकों का टेक्नोलॉजी पर खर्च अभी पूरी तरह से नहीं बढ़ा है। खासकर टेलीकॉम और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर्स में डिमांड अभी भी कमजोर बनी हुई है, और यही बात एचसीएलटेक के लिए आगे एक चैलेंज बन सकती है।
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज की क्या राय है?
अब बात करते हैं एक और बड़े ब्रोकरेज हाउस आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज (ICICI Securities) की। इन्होंने एचसीएलटेक पर अपनी 'रिड्यूस' (Reduce) रेटिंग को जस का तस बनाए रखा है।
इतना ही नहीं, इन्होंने शेयर के लिए टारगेट प्राइस 1,060 रुपये तय किया है।
आज के बंद भाव (1,164.60 रुपये) के मुकाबले देखें तो, इसमें करीब 9 फीसदी की और गिरावट आने की आशंका है। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज का तर्क है कि भले ही कंपनी ने FY27 का गाइडेंस बरकरार रखा हो, लेकिन उन्हें निकट भविष्य में कंपनी की ग्रोथ सीमित रहने की उम्मीद है।
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने एक और अहम बात पर जोर दिया। उनका कहना है कि जून तिमाही में कंपनी को बड़े-बड़े ऑर्डर (TCV - Total Contract Value) तो मिले हैं, जो एक अच्छी बात है, लेकिन उसका असर अभी रेवेन्यू ग्रोथ में पूरी तरह से दिखाई नहीं दे रहा है।
साथ ही, आज के दौर में जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी मांग तेजी से बढ़ रही है, ऐसे में पारंपरिक आईटी सेवाओं की सुस्त ग्रोथ अभी भी एक चिंता का विषय बनी हुई है। यानी, नए जमाने की तकनीक में कंपनी कितनी तेजी से तालमेल बिठा पाती है, ये देखना अभी बाकी है।
आगे इस शेयर पर क्या नजर रहेगी?
एनालिस्ट्स के मुताबिक, एचसीएलटेक का फोकस इस वक्त कॉस्ट कंट्रोल (खर्चों पर लगाम लगाना) और ऑपरेशनल एफिशिएंसी (कामकाज में दक्षता बढ़ाना) पर है। कंपनी ने अपने निवेशकों के लिए 12 रुपये प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का ऐलान भी किया है, जो एक छोटी सी राहत की खबर है।
टेक्निकल नजरिए से देखें तो, शेयर को 1,030 रुपये से 1,050 रुपये के दायरे में एक मजबूत सपोर्ट मिल रहा है। इसका मतलब है कि अगर शेयर इस स्तर तक गिरता है, तो वहां से वापसी की उम्मीद की जा सकती है।
वहीं, ऊपर की ओर, 1,220 रुपये से 1,250 रुपये के बीच इसका अगला रेजिस्टेंस माना जा रहा है। यानी, इस स्तर को पार करना शेयर के लिए एक बड़ी चुनौती हो सकता है।
कुल मिलाकर, एचसीएलटेक के नतीजों ने एक मिली-जुली तस्वीर पेश की है। जहां एक तरफ मौजूदा प्रदर्शन अच्छा है, वहीं भविष्य की ग्रोथ को लेकर बाजार और ब्रोकरेज हाउसेस को कुछ चिंताएं हैं।
ऐसे में निवेशकों को अब हर अगले कदम पर बहुत सोच-समझकर फैसला लेना होगा।




































